फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   report filled on sanwasini

संवासिनियों पर रिपोर्ट दर्ज, जांच शुरू

Sun, 27 Mar 2016 11:37 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव Updated Sun, 27 Mar 2016 11:37 PM IST
विज्ञापन
report filled on sanwasini
संवासिनियों पर रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

रविवार शाम कोतवाली के दरोगा दिग्विजय सिंह यादव किशोरियों के भागने की जांच करने शहर के मोहल्ला सिविल लाइन स्थित महिला संवेदना अल्पावास गृह पहुंचे। यहां की अधीक्षिका विभा पांडेय के बयान दर्ज किए। दोनों संवासिन के भागने की सूचना देरी से देने की वजह जानीं।

विज्ञापन


अधीक्षिका बोलीं 23 मार्च की रात 10 बजे गिनती के बाद दो संवासिन कम मिलीं। जिस पर पति शशिभूषण पांडेय रात में ही कोतवाली पहुंचे और मुंशी जगराम यादव को तहरीर दी। विवेचक ने पूछा तहरीर दी तो रिसीविंग मिली। रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो दूसरे दिन सुबह कोतवाली में इसकी जानकारी की। पुलिस के किसी उच्चाधिकारी को इस बात से अवगत कराया। इन सवालों पर अधीक्षिका चुप रहीं।
विज्ञापन


विवेचक बोले घटना की रात से ही मामले में गंभीर होतीं तो संवानियों को जल्द खोजा जा सकता था। कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही की गई। बता दें कि पुरवा और बिहार थाना क्षेत्र से प्रेमियों के साथ भागीं दो किशोरियों को पुलिस ने मशक्कत के बाद बरामद कर महिला अल्पावास भेजा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


23 मार्च की रात पानी पीने के बहाने दोनों चुपके से आंगन पहुंची और चकमा देकर गेट की दीवार से कूदकर भाग गईं। पुरवा की किशोरी को बरामद न करने का पहले ही उसके घरवाले पुलिस पर आरोप लगा चुके है। मामले में तत्कालीन और वर्तमान के दो पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट में भी पेश होना पड़ा था।

संवेदना महिला अल्पावास की अधीक्षिका विभा पांडेय ने बताया कि बिल्डिंग में दो हाल बने हैं। जिसमें 30 संवासिन को रखने का मानक है। वर्तमान में 25 संवासिन रह रहीं थीं। इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उनके और यहां के चौकीदार के पास है। 25 लड़कियों को संभालना बहुत कठिन होता है। अधीक्षिका ने कहा कि दोनों किशोरियां मिलती भी है तो भी उन्हें यहां नहीं रखेंगे।

इनसेट।
रिपोर्ट दर्ज कराने से मना किया
कोतवाली के दीवान जगराम यादव ने बताया कि 23/24 मार्च की रात संवेदना अल्पावास गृह की अधीक्षिका के पति शशिभूषण पांडेय एक शिकायती पत्र लेकर आए थे। उन्होंने बताया था कि दो संवासिन भाग गईं हैं जिसकी जांच प्रोवेशन अधिकारी कर रहीं हैं । अभी शिकायती पत्र दे रहा हूं। रिपोर्ट बाद में दर्ज कराऊं गा। दीवान ने बताया कि प्रार्थनापत्र मिलने की जानकारी उच्चाधिकारियों को उसी समय दे दी थी।

इनसेट।
कौन सच्चा, कौन झूठा
जहां एक ओर कोतवाली का दीवान रिपोर्ट दर्ज न करा महज अप्लीकेशन देने की बात कह रहा है वहीं जिला प्रोवेशन अधिकारी श्रुति शुक्ला ने पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप लगाया है। बताया कि अधीक्षिका ने घटना के तीसरे दिन मामले की जानकारी दी। जिस पर शनिवार को विभाग के संरक्षक अधिकारी संजय मिश्र को जांच के लिए भेजा। संजय ने बताया कि पुलिस मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। एसपी नेहा पांडेय से इस संबंध में बात की तो रिपोर्ट दर्ज की गई है। दीवान और जिला प्रोवेशन अधिकारी के अलग-अलग बयान कहीं न कहीं लापरवाही बरते जाने के संकेत देते रहे।


इनसेट।
एसपी बोलीं लापरवाही पर होगी कार्रवाई
संवेदना अल्पावास से दो किशोरियों के भागने का मामला संज्ञान में आया है। घटना के तीन दिन बाद मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई है। रिपोर्ट दर्ज करने में पुलिस को इतनी देरी कैसी लगी। सूचना देर से दी गई या फिर कोतवाली पुलिस ने लापरवाही बरती। इसकी जांच कराई जाएगी। पुलिस कहीं से भी दोषी पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। नेहा पांडेय, एसपी

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed