{"_id":"5b09a0df4f1c1b9c6e8b4bd8","slug":"prize-announced-on-the-nephew-of-ex-minister-and-former-bandit-boy","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व मंत्री के करीबी और पूर्व दस्यु सुंदरी के भतीजे पर इनाम घोषित","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पूर्व मंत्री के करीबी और पूर्व दस्यु सुंदरी के भतीजे पर इनाम घोषित
unnao
Updated Sat, 26 May 2018 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। नगर और देहात में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में पूर्व मंत्री राम स्वरूप सिंह गौर के एक करीबी और पूर्व दस्यु सुंदरी सीमा परिहार के भतीजे जनक सिंह परिहार उर्फ छोटे सिंह के अलावा नगर, देहात, औरैया और उन्नाव के आठ लोगों के नाम विवेचना में सामने आए हैं। एसएसपी अखिलेश कुमार ने सभी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इसके अलावा आरोपियों को दबोचने के लिए पुलिस की पांच टीमें बनाई है, जो लगातार छापेमारी कर रही हैं। एसएसपी ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सचेंडी और रूरा (कानपुर देहात) थाने में एफआईआर दर्ज हुई हैं। इन सभी मामालों के लिए आईजी आलोक सिंह ने एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) गठित की है। सीओ स्वरूप नगर अभय नारायण राय की अगुवाई में विशेष विवेचना टीम में चार इंस्पेक्टर शामिल हैं। एसएसपी ने बताया कि एसआईटी की टीम की जांच में पूर्व मंत्री रामस्वरूप सिंह गौर के एक करीबी, दिबियापुर, औरैया निवासी पूर्व सुंदरी सीमा परिहार के भतीजे (बहन के बेटे) जनक सिंह परिहार उर्फ छोटे सिंह के अलावा औरैया के बीपी सिंह, उन्नाव के कल्लू यादव, समेत आठ लोगों के नाम सामने आए हैं। विवेचना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे अवैध शराब के कारोबार में शामिल सफेदपोश और माफियाओं के नाम सामने आ रहे हैं। विवेचना में यह भी पता चला है कि जीवन सिंह ग्वालियर (मध्यप्रदेश), राजस्थान और बिहार से शराब बनाने वाला केमिकल मंगाता था। फिर बीपी इस केमिकल को पूर्व मंत्री के पौत्रों विनय और नीरज सिंह गौर को सप्लाई करता था। इसी केमिकल से दोनों भाई गोशाला और ईंट-भट्ठा में शराब तैयार कराते थे। फिर इस शराब को अपने प्रभाव वाले इलाकों के सकारी ठेको में बिकवाते थे। जब दूल गांव, सचेंडी स्थित ठेके की शराब पीने से लोगों की मौत हुई, तब ठेका विनय सिंह ही चला रहा था। इसके लिए उसने छह लाख रुपये पूर्व में ठेका चलाने वाले को दी थी।
पांच टीमें बनी
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए फजलगंज, नवाबगंज, स्वॉट टीम, रूरा और रेल बाजार थाना प्रभारी की अगुवाई में टीम गठित की गई है। पुलिस की टीमें आरोपियों के घरों और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैें। पुलिस ने एक आरोपी को उठा लिया है, लेकिन इसकी पुष्टि अफसरों ने नहीं की है।
विज्ञापन
गैर प्रांतों में टीमें रवाना
अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों का पता लगाने के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार तक पुलिस की टीमें पहुंच गईं हैं। यह टीमें शराब बनाने वाला केमिकल कौन और किस रास्ते से शराब माफियाओं को आपूर्ति करता था। इसका सुराग लगा रही हैं। माना जा रहा है कि एक टीम जल्द ही हरियाणा भी जाएगी।
विज्ञापन
जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सचेंडी और रूरा (कानपुर देहात) थाने में एफआईआर दर्ज हुई हैं। इन सभी मामालों के लिए आईजी आलोक सिंह ने एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) गठित की है। सीओ स्वरूप नगर अभय नारायण राय की अगुवाई में विशेष विवेचना टीम में चार इंस्पेक्टर शामिल हैं। एसएसपी ने बताया कि एसआईटी की टीम की जांच में पूर्व मंत्री रामस्वरूप सिंह गौर के एक करीबी, दिबियापुर, औरैया निवासी पूर्व सुंदरी सीमा परिहार के भतीजे (बहन के बेटे) जनक सिंह परिहार उर्फ छोटे सिंह के अलावा औरैया के बीपी सिंह, उन्नाव के कल्लू यादव, समेत आठ लोगों के नाम सामने आए हैं। विवेचना जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे अवैध शराब के कारोबार में शामिल सफेदपोश और माफियाओं के नाम सामने आ रहे हैं। विवेचना में यह भी पता चला है कि जीवन सिंह ग्वालियर (मध्यप्रदेश), राजस्थान और बिहार से शराब बनाने वाला केमिकल मंगाता था। फिर बीपी इस केमिकल को पूर्व मंत्री के पौत्रों विनय और नीरज सिंह गौर को सप्लाई करता था। इसी केमिकल से दोनों भाई गोशाला और ईंट-भट्ठा में शराब तैयार कराते थे। फिर इस शराब को अपने प्रभाव वाले इलाकों के सकारी ठेको में बिकवाते थे। जब दूल गांव, सचेंडी स्थित ठेके की शराब पीने से लोगों की मौत हुई, तब ठेका विनय सिंह ही चला रहा था। इसके लिए उसने छह लाख रुपये पूर्व में ठेका चलाने वाले को दी थी।
विज्ञापन
पांच टीमें बनी
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए फजलगंज, नवाबगंज, स्वॉट टीम, रूरा और रेल बाजार थाना प्रभारी की अगुवाई में टीम गठित की गई है। पुलिस की टीमें आरोपियों के घरों और संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैें। पुलिस ने एक आरोपी को उठा लिया है, लेकिन इसकी पुष्टि अफसरों ने नहीं की है।
विज्ञापन
गैर प्रांतों में टीमें रवाना
अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों का पता लगाने के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार तक पुलिस की टीमें पहुंच गईं हैं। यह टीमें शराब बनाने वाला केमिकल कौन और किस रास्ते से शराब माफियाओं को आपूर्ति करता था। इसका सुराग लगा रही हैं। माना जा रहा है कि एक टीम जल्द ही हरियाणा भी जाएगी।