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तीमारदार को पीट कर नर्सिंगहोम के बाहर फेंका
अनुराग मिश्रा / अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:20 AM IST
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police introgating
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
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सदर कोतवाली के गांव जगतखेड़ा निवासी विजय कुमार ने अपने बेटे अंशू (6) को एनीमिया बीमारी से पीड़ित होने पर शहर के मोहल्ला पीडीनगर स्थित बैसवारा नर्सिंगहोम में पांच अगस्त को भर्ती कराया था। पीड़ित के मुताबिक अस्पताल कर्मियों ने उसका चार दिन का 17960 रुपये का बिल बनाया और दो यूनिट खून के नौ हजार रुपये अलग जमा कराए थे। नर्सिंगहोम संचालक ने और रुपये जमा कराने की बात कही। विजय कुमार मंगलवार रात को रुपये लेने घर गया था। शवसिंहखेड़ा निवासी साढ़ू नीरज से 50 हजार रुपये लिए। बुधवार दोपहर विजय रुपये लेकर बाइक से नर्सिंगहोम पहुंचा। चोरी के डर से वह बाइक लेकर नर्सिंगहोम की गैलरी में चला गया। इस पर नर्सिंगहोम के सफाई कर्मी व अन्य कर्मचारियों की पिटाई से उसके पेट में गंभीर चोटें आ गईं। विजय की हालत बिगड़ते देख उसे उठाकर अस्पताल के बाहर सड़क किनारे फेंक दिया। कुछ देर बाद अस्पताल चौकी इंचार्ज रामजीत यादव घटना स्थल पर पहुंचे और घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। घायल विजय की पत्नी बिटाना ने बताया कि बेटे विजय की आज छुट्टी होनी थी। पीड़िता ने नर्सिंगहोम कर्मियों पर मारपीट के दौरान 50 हजार रुपये लूटने का आरोप भी लगाया।
नर्सिंगहोम संचालक पंकज सिंह ने बताया कि सफाई कर्मी हास्पिटल का नहीं बल्कि बिल्डिंग का था। लूट की बात गलत है। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मारपीट की जानकारी उन्हें नहीं है। रही मान्यता की बात तो वह उनके समय में नहीं दी गई। फिर भी नर्सिंगहोम की जांच कराकर कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
बैसवारा नर्सिंगहोम संचालन के एक भी मानक को पूरा नहीं करता। उसके बाद भी सीएमओ कार्यालय से उसे मान्यता दे दी गई। नर्सिंगहोम में ऑनकॉल डॉक्टरों की लिस्ट नहीं लगी है। ओटी के नाम पर सिर्फ रूम है। ओटी में ताला लगा पाया गया।
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हास्पिटल के मेन गेट पर पैनल डाक्टरों की सूची लगी होनी चाहिए। सीज फायर की एनओसी होनी चाहिए। मेडिकल प्रदूषण कंट्रोलबोर्ड का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। आपरेशन थियेटर में ओटी टेबल होने के साथ-साथ आपरेशन के औजार होने चाहिए। 5-ओटी के बाहर रेड इंडिकेशन बल्ब लगा होना अनिवार्य है। मरीज भ्रमित न हों इसके लिए रेट लिस्ट चस्पा होना चाहिए। नर्सिंगहोम में मरीजों को भर्ती करने के लिए पर्याप्त बेड होना अनिवार्य है।
नर्सिंगहोम संचालक पंकज सिंह ने बताया कि सफाई कर्मी हास्पिटल का नहीं बल्कि बिल्डिंग का था। लूट की बात गलत है। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मारपीट की जानकारी उन्हें नहीं है। रही मान्यता की बात तो वह उनके समय में नहीं दी गई। फिर भी नर्सिंगहोम की जांच कराकर कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
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बैसवारा नर्सिंगहोम संचालन के एक भी मानक को पूरा नहीं करता। उसके बाद भी सीएमओ कार्यालय से उसे मान्यता दे दी गई। नर्सिंगहोम में ऑनकॉल डॉक्टरों की लिस्ट नहीं लगी है। ओटी के नाम पर सिर्फ रूम है। ओटी में ताला लगा पाया गया।
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हास्पिटल के मेन गेट पर पैनल डाक्टरों की सूची लगी होनी चाहिए। सीज फायर की एनओसी होनी चाहिए। मेडिकल प्रदूषण कंट्रोलबोर्ड का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। आपरेशन थियेटर में ओटी टेबल होने के साथ-साथ आपरेशन के औजार होने चाहिए। 5-ओटी के बाहर रेड इंडिकेशन बल्ब लगा होना अनिवार्य है। मरीज भ्रमित न हों इसके लिए रेट लिस्ट चस्पा होना चाहिए। नर्सिंगहोम में मरीजों को भर्ती करने के लिए पर्याप्त बेड होना अनिवार्य है।