फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   on dead body sign of sharp weopan found

पत्रकार के शरीर पर मिले नुकीले हथियार के निशन

Sun, 24 Jul 2016 12:55 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव Updated Sun, 24 Jul 2016 12:55 AM IST
विज्ञापन
on dead body sign of sharp weopan found
एसपी ने मौका - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

पत्रकार आशुतोष मिश्र पर किसी नुकीले हथियार से वार करने के निशान मिले हैँ। पोस्टमार्टम के डाक्टरों की मानें तो हत्यारे पेशेवर थे। उसके सिर पर पीछे से हमला किया गया। शरीर में अन्य जगहों पर भी चोट के गंभीर निशान मिले हैं। मृतक के पिता ने सात लोगों के विरुद्ध रंजिशन हत्या का मामला दर्ज कराया है। लखनऊ की चार सदस्यीय फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम के साथ जिले के तीन डाक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम किया। आईजी ए सतीश गणेश ने स्वयं घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की बात कही है।

विज्ञापन

अजगैन के झलोथर गांव निवासी पत्रकार आशुतोष मिश्र का शुक्रवार शाम हसनगंज थाना क्षेत्र के छोटाखेड़ा गांव के पास सड़क किनारे शव मिला था। शव से 20 मीटर दूरी पर उसकी बाइक मिली थी। कान के पीछे बड़ा सुराग होने से परिजनों ने हत्या का अंदेशा जताया। मृतक के पिता माताप्रसाद की तहरीर पर पुलिस ने गांव के अंजाल आलम उर्फ पप्पू, शोएब, मोसीन खां, मुन्ना, मुईद, इकबाल, फरीदुन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। शनिवार को लखनऊ से आई फॉरेंसिक टीम के चार सदस्यों के साथ डॉ. जेके खान, डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. दिव्य शुक्ला की टीम ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान आशुतोष के बाएं कान के पीछे मिले सुराग में रिवाल्वर या पिस्टल का बुलेट फंसे होने की आशंका में शव का एक्सरे भी कराया गया, लेकिन बुलेट नहीं मिली। आशंका है कि कोई नुकीली सरिया सा सूजा घोंपा गया है। उसके सिर में भी पीछे की तरफ चोट हैं।  पोस्टमार्टम सूत्रों की मानें तो मृतक के कान के  पीछे सुराग के साथ उसकी पीठ, जांघ व सिर पर भी गंभीर चोट के निशान मिले हैं। फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल का भी निरीक्षण किया। टीम अपनी रिपोर्ट तीन दिन बाद एसपी को देगी। सीएमओ ने बताया कि जिला अस्पताल के तीन डॉक्टरों ने जो रिपोर्ट दी है उसमें कान के पीछे कोई नुकीली चीज घोपने और सिर में पीछे गहरी चोट सामने आई है।
विज्ञापन


हसनगंज एसओ की टिप्पणी से बढ़ा आक्रोश
शुक्रवार शाम हुई घटना को हत्या करार दे रहे आशुतोष के परिजन और ग्रामीण उस समय भड़क गए, जब मौके पर पहुंचे एसओ हसनगंज मनोज मिश्र ने घटना को सड़क हादसा बता दिया। इतना ही नहीं उन्होंने कई घंटाें तक अपने उच्चाधिकारियों और मीडिया को भी सड़क हादसा बता गुमराह किया। इससे गुस्साए लोगों ने सड़क जाम करर दिया। घटना के पांच घंटे बाद एसपी और फारेंसिक टीम ने मौके पर पहुंच घटनास्थल का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये रहे मौजूद
पोस्टमार्टम हाउस में सपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, बसपा विधायक राधेलाल रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकांत कटियार, भाजपा  के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रभानशंकर दीक्षित, हसनगंज पूर्व ब्लॉक प्रमुख धीरेंद्र कुमार ब्रम्हचारी, मोहान नगर पंचायत अध्यक्ष समरजीत यादव, भाजपा नेता विनय चौधरी, संजय विमल, जिला पंचायत सदस्य धीरेंद्र कुमार, जगदीश सोनकर,  सपा नेता अनवर सिद्दीकी, मोहान से सपा प्रत्याशी भगवती प्रसाद, राकेश रावत, हसनगंज प्रधान प्रमोद रस्तोगी, नीरज तिवारी, पंकज अवस्थी, पूर्व प्रधान रामआसरे मिश्रा समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
शुक्रवार को थी आशुतोष की पेशी
तीन साल पहले नामित आरोपियों ने आशुतोष व उसके परिवारीजनों को जमकर मारा-पीटा था। जिस पर पुलिस ने आशुतोष के पक्ष से जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया था। शुक्रवार को इसी मामले की पेशी थी। आशुतोष पेशी निपटाकर हसनगंज पहुंचा। घर लौटते समय उसकी हत्या कर दी गई।
-------
सांसद ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
उन्नाव। पत्रकार आशुतोष मिश्र की मौत पर सांसद साक्षी महाराज ने दुख व्यक्त करते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। सांसद ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मृतक पत्रकार के परिजनों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की है। इसके साथ ही सांसद कार्यालय गदनखेड़ा में मृतक पत्रकार की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस मौके पर अशोक कटियार, नृपेंद्र सिंह, गुरुदयाल, शैलेंद्र प्रताप, विजय द्विवेदी, कैलाश लोधी, लल्लन भी मौजूद रहे। बांगरमऊ ब्लाक के प्रधान संघ के अध्यक्ष रामसेवक यादव ने पत्रकार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संघ के सदस्यों ने पत्रकार की मौत की बारीकी से जांच किए जाने की मांग की है। उधर,सपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने विधायक ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि घटना की हर पहलू से जांच कराई जाएगी और मुख्यमंत्री से मिलकर उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि पत्रकार की हत्या में जो लोग भी शामिल हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद दिलाने का भी आश्वासन दिया।


इनसेट
आज घटना स्थल पर होगा डेमो
हसनगंज सीओ ह्रदयेश कुमार ने बताया कि रविवार को फॉरेंसिक की एक टीम घटना स्थल पहुंचकर कई तरह से घटना का डेमो करेगी। उन्होंने बताया कि हर हाल में घटना के पीछे का सच सामने लाया जाएगा।
 
पुरानी रंजिश में खुन्नस मानते थे आरोपी
पिता बोले, आशुतोष था राह कांटा, रास्ते से हटा दिया
-इंसाफ न मिलने पर परिजनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
-24 घंटे बाद भी आरोपियों की नहीं हुई गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। पत्रकार आशुतोष मिश्र मिलनसार होने के साथ ही काम के प्रति निष्पक्ष थे। कोई भी अपनी पीड़ा बताता तो उसकी समस्या का समाधान कराने में जुट जाते थे। उनकी यही सक्रियता गांव के कुछ लोगों को खटकने लगी और शुक्रवार को मौत की वजह बनी। यह कहना है आशुतोष के पिता माता प्रसाद मिश्र का।
उन्होंने बताया कि आरोपी कई बार आशुतोष व अन्य परिजनों को अपमानित करने के साथ हत्या की धमकी देते रहे है। तीन साल पहले आशुतोष को इतना पीटा था कि उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप की वजह से आरोपियों ने पलटवार करते हुए आशुतोष समेत अन्य परिजनों पर भी मारपीट की रिपोर्ट दर्ज करा दी। दबाव में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। आशुतोष के पिता माता प्रसाद ने बताया कि दो माह पहले आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस को तहरीर देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसी समय पुलिस मामले पर गंभीर होकर कार्रवाई करती तो आशुतोष की हत्या न होती। शव से बिलख रहे पिता व भाइयों ने बताया कि आशुतोष हमलावरों की राह का कांटा था, जिसे उन्होंने रास्ते से अलग कर दिया। घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के 24 घंटे बाद भी न ही एसओ को हटाया गया और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। पिता का कहना है कि आशुतोष के हत्यारे खुलेआम घूमकर धमकियां दे रहे हैं। वह मामले की टोह लेने के लिए पोस्टमार्टम तक भी पहुंचे थे। उधर आशुतोष की मौत से माता-पिता और परिवार के बुराहाल है।



दोनों मोबाइल स्विच ऑफ मिले
घटना स्थल पर आशुतोष के  मोबाइल बंद मिले। घटना की शाम वह एसडीएम हसनगंज प्रशांत भारती व अन्य पत्रकार साथियों से मिलकर घर के लिए  चला था। रात 8.30 बजे छोटाखेड़ा गांव के पास उसना शव पड़ा होने की सूचना मिली। जानकारी मिलने के बाद साथियों और परिजनों ने उसका मोबाइल मिलाया तो उसके दोनों नंबर बंद मिले। जिस पर सभी घटनास्थल पर पहुंचे। उनकी जेब से मोबाइल निकाले गए तो दोनों स्विच आफ थे। आशुतोष के पिता ने बताया कि वह कभी अपने मोबाइल बंद नहीं रखता था। मोबाइल बंद होने की बात को भी परिजनों ने जांच का विषय बताया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed