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जेल में बंदी की बिगड़ी हालत, कानपुर रेफर
unnao
Updated Thu, 26 Apr 2018 11:45 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। जिला कारागार में एक बंदी की गुरुवार सुबह हालत बिगड़ गई। आनन फानन में उसे जिला अस्पताल लाया गया। टीबी के संभावित लक्षण देखते हुए चेस्ट फिजीशियन ने एक्सरे जांच कराई। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर आगे की जांच व उपचार के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया।
सफीपुर के जुझारपुर निवासी राजू हत्या के एक मामले में जिला कारागार में बंद है। राजू को पिछले कई सप्ताह से खांसी आ रही थी। गुरुवार सुबह तबियत अधिक बिगड़ने पर राजू को न्यायिक सुरक्षा में जिला अस्पताल भेजा गया। यहां चेस्ट फिजीशियन डा. शोभित अगिभनहोत्री ने राजू में टीबी के संभावित लक्षण देखते हुए एक्सरे कराया। जांच में टीबी की प्रारंभिक पुष्टि होने पर उन्होंने कानपुर के मुरारीलाल चेस्ट हास्पिटल के लिए रेफर कर दिया। डा. शोभित अगिभनहोत्री ने बताया कि एक्सरे में फेफड़े में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इससे उसे कानपुर रेफर किया गया है।
इनसेट
कई और बंदियों को हो सकती है टीबी
टीबी रोग विशेषज्ञ डा. ऋषि सक्सेना बताते हैं कि टीबी रोग से पीड़ित कई लोगों को बीमार कर सकता है। खांसी आने पर टीबी रोग के संक्रमण हवा में फैलते हैं। यह स्वस्थ व्यक्ति को बीमार बना देते हैं। उन्होंने बताया कि अगर बंदी राजू में टीबी की पुष्टि हुई है तो उससे संपर्क में रहने वाले अन्य बंदियों के भी टीबी की चपेट में आने की आशंका है।
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इनसेट
संभावित लक्षण मिलने पर ही होती है जांच
जिला कारागार में अगर किसी बंदी में टीबी के संभावित लक्षण मिलते हैं तभी उसे जांच के लिए अस्पताल लाया जाता है। वहीं हर माह जांच के नाम पर जिला क्षय रोग विभाग सिर्फ खानापूर्ति करता है। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि समय-समय पर जांच कराई जाती है।
उन्नाव। जिला कारागार में एक बंदी की गुरुवार सुबह हालत बिगड़ गई। आनन फानन में उसे जिला अस्पताल लाया गया। टीबी के संभावित लक्षण देखते हुए चेस्ट फिजीशियन ने एक्सरे जांच कराई। जांच में टीबी की पुष्टि होने पर आगे की जांच व उपचार के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया।
सफीपुर के जुझारपुर निवासी राजू हत्या के एक मामले में जिला कारागार में बंद है। राजू को पिछले कई सप्ताह से खांसी आ रही थी। गुरुवार सुबह तबियत अधिक बिगड़ने पर राजू को न्यायिक सुरक्षा में जिला अस्पताल भेजा गया। यहां चेस्ट फिजीशियन डा. शोभित अगिभनहोत्री ने राजू में टीबी के संभावित लक्षण देखते हुए एक्सरे कराया। जांच में टीबी की प्रारंभिक पुष्टि होने पर उन्होंने कानपुर के मुरारीलाल चेस्ट हास्पिटल के लिए रेफर कर दिया। डा. शोभित अगिभनहोत्री ने बताया कि एक्सरे में फेफड़े में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इससे उसे कानपुर रेफर किया गया है।
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कई और बंदियों को हो सकती है टीबी
टीबी रोग विशेषज्ञ डा. ऋषि सक्सेना बताते हैं कि टीबी रोग से पीड़ित कई लोगों को बीमार कर सकता है। खांसी आने पर टीबी रोग के संक्रमण हवा में फैलते हैं। यह स्वस्थ व्यक्ति को बीमार बना देते हैं। उन्होंने बताया कि अगर बंदी राजू में टीबी की पुष्टि हुई है तो उससे संपर्क में रहने वाले अन्य बंदियों के भी टीबी की चपेट में आने की आशंका है।
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संभावित लक्षण मिलने पर ही होती है जांच
जिला कारागार में अगर किसी बंदी में टीबी के संभावित लक्षण मिलते हैं तभी उसे जांच के लिए अस्पताल लाया जाता है। वहीं हर माह जांच के नाम पर जिला क्षय रोग विभाग सिर्फ खानापूर्ति करता है। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि समय-समय पर जांच कराई जाती है।