{"_id":"58cad47e4f1c1b4f7d32b4d3","slug":"imprisonment-for-seven-years-in-rape","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्म में सात साल कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दुष्कर्म में सात साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Thu, 16 Mar 2017 11:37 PM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
युवती को बहला कर घर से भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में एक युवक को कोर्ट ने सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा कोर्ट ने जुर्माने के तौर पर उसे 30 हजार रुपये भी अदा करने को कहा है। वहीं जुर्माना न देने पर नौ माह के अतिरिक्त कारावास के भी निर्देश दिए हैं।
फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने 17 सितंबर 2014 को थाने में दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि वह मजदूरी का काम करता है। घटना के दिन भी वह मजदूरी करने गंगाघाट गया था। घर पर उसकी बहन व पिता अकेले थे। इसी दौरान राम आधार निवासी रायपुर थाना फतेहपुर चौरासी उसके घर आए और बहन को बहला कर घर से भगा ले गए। वह जब घर पहुंचा तो उसकी बहन घर में नहीं थी। उसने उसे काफी तलाशा, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद उसने थाने जाकर रिपोर्ट लिखाई।
कुछ दिनों बाद जब युवती वापस आई तो उसने आप बीती पुलिस को बताई। डाक्टरी रिपोर्ट में रेप की पुष्टि होने के बाद मुकदमे को रेप में तब्दील किया गया। तभी से मामला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट में विचाराधीन था। गुरुवार को हुई मामले की अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश डा. जया पाठक ने सहायक शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार सिंह की ओर से पेश किए गए गवाहों व साक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी युवक को दोषी करार दिया और फैसला सुनाया।
फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने 17 सितंबर 2014 को थाने में दिए प्रार्थना पत्र में बताया था कि वह मजदूरी का काम करता है। घटना के दिन भी वह मजदूरी करने गंगाघाट गया था। घर पर उसकी बहन व पिता अकेले थे। इसी दौरान राम आधार निवासी रायपुर थाना फतेहपुर चौरासी उसके घर आए और बहन को बहला कर घर से भगा ले गए। वह जब घर पहुंचा तो उसकी बहन घर में नहीं थी। उसने उसे काफी तलाशा, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद उसने थाने जाकर रिपोर्ट लिखाई।
विज्ञापन
कुछ दिनों बाद जब युवती वापस आई तो उसने आप बीती पुलिस को बताई। डाक्टरी रिपोर्ट में रेप की पुष्टि होने के बाद मुकदमे को रेप में तब्दील किया गया। तभी से मामला अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट में विचाराधीन था। गुरुवार को हुई मामले की अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश डा. जया पाठक ने सहायक शासकीय अधिवक्ता योगेश कुमार सिंह की ओर से पेश किए गए गवाहों व साक्ष्यों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी युवक को दोषी करार दिया और फैसला सुनाया।
विज्ञापन