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बच्चे की मौत पर अस्पताल में हंगामा

Mon, 30 Oct 2017 11:36 PM IST
unnauo
unnauo Updated Mon, 30 Oct 2017 11:36 PM IST
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Hospital disrupts death
ढांढस बंधाती अ‌ध‌िकारी - फोटो : उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बुखार से पीड़ित बच्चे की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा काट और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।

हंगामें की सूचना पर एसडीएम सदर के अलावा सीओ, कोतवाल जिला अस्पताल पहुंचे। हंगामा काट रहे परिजनों से वार्ता की। इमरजेंसी के डॉक्टर से बात करने पर पता चला कि बच्चे की हालत पहले से ही गंभीर थी। उसे रेफर किया गया था।

आरोपों को देखते हुए एसडीएम ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। पोस्टमार्टम में गलत इंजेक्शन लगने से मौत की पुष्टि नहीं हुई है।

    पुरवा कोतवाली क्षेत्र के गांव मर्दनखेड़ा निवासी भोले का पुत्र कृष्णा (3) को सप्ताह भर से बुखार से पीड़ित था। सोमवार की सुबह हालत बिगड़ने पर पिता व दादी जिला अस्पताल लाए।
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यहां इमरजेंसी में मौजूद डॉ. तौसीफ ने बच्चे को कनवर्जन (हाथ-पैर सुन्न पड़ना) दिखाते हुए भर्ती करते हुए एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगाया। लगभग पंद्रह मिनट बाद बच्चों के डॉक्टर बृज कुमार राउंड करने आए। उन्होंने बच्चे की हालत गंभीर बताते हुए रेफर कर दिया
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लेकिन परिजन ले जाने को तैयार नहीं हुए। इस पर डॉ. बृज कुमार ने बच्चे के ब्लड की जांच व सीटी स्कैन कराने के लिए लिखा। पिता भोले बेटे को लेकर पैथॉलाजी पहुंचा। यहां पैथोलॉजिस्ट ने भीड़ अधिक होने के कारण थोड़ी देर रुकने के लिए कहा।

जिस पर वह ब्लड की जांच कराए बगैर लड़के को वापस इमरजेंसी लेकर आ गया। यहां डॉ. बृज कुमार ने ब्लड निकालने के लिए बच्चे की नब्ज देखी तो उसकी मौत हो चुकी थी। परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आग-बबूला हो गए और इमरजेंसी के अंदर हंगामा काटना शुरू कर दिया।

सूचना उच्चाधिकारियों तक पहुंचते ही एसडीएम सदर मेधा रुपम के अलावा सीओ सिटी स्वतंत्र देव सिंह, कोतवाल अरविंद सिंह मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल के बाहर पुलिस फोर्स लगा दिया गया।

एसडीएम ने सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद व सीएमएस डॉ. डीके द्विवेदी को बुलाकर वार्ता की। एसडीएम ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने के लिए कहा। कृष्णा चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर का था।
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क्या बोले जिम्मेदार
सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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 शव लेकर परिजनों ने किया भागने का प्रयास
एसडीएम के निर्देश पर एसएसआई विश्वदेव सिंह ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यहां मृतक के पिता भोले ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया और शव लेकर जाने लगा। एसएसआई ने मामले की जानकारी कोतवाल को दी। कोतवाल अरविंद सिंह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और बिना पोस्टमार्टम के शव ले जाने पर कार्रवाई की बात कही। तब परिजन माने और पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए।  

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दलालों के भड़काने पर हुआ बवाल
मृतक कृष्णा के पिता भोले ने बताया कि जिन लोगों ने अस्पताल गेट के बाहर लारवाही की बात बताई थी वह लोग बाद में नजर नहीं आए। भोले के मुताबिक अस्पताल में कुछ लोगों ने उसका फोन नंबर लिया था।  उसने बताया कि बेटे की मौत की जानकारी मिलते ही वह शव लेकर आईबीपी चौराहे तक आ गए थे। गए। तभी किसी ने मोबाइल पर फोन कर वापस बुलाया था। इमरजेंसी के बाहर ही इलाज में लापरवाही की बात कही थी।
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