फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Bullet and biker in the bike, the doctor's son died

बुलेट और बाइक में भिड़ंत, डॉक्टर के बेटे की मौत

Fri, 09 Mar 2018 10:59 PM IST
unnao
unnao Updated Fri, 09 Mar 2018 10:59 PM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
कानपुर। नानाराव स्मारक पार्क, बिठूर के सामने शुक्रवार को तेज रफ्तार बाइक और बुलेट की भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार विनय कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठी दोस्त को गंभीर हालत में हैलट में भर्ती कराया गया। बुलेट सवार भाई-बहन को भी चोटें आई हैं। विनय के पिता होम्योपैथिक डॉ. दिनेश चंद्र वर्मा सरकारी अस्पताल में कार्यरत हैं।  

आवास विकास-तीन अंबेडकरपुरम निवासी डॉ. दिनेश चंद्र वर्मा कन्नौज के एक सरकारी अस्पताल में कार्यरत हैं। बड़ा बेटा विनय (18) हसनपुर, कल्याणपुर स्थित मोती लाल मेमोरियल इंटर कालेज में 12वीं का छात्र था। वह दोपहर में अपाचे बाइक से मसवानपुर, कल्याणपुर निवासी अपनी दोस्त के साथ बिठूर घूमने गया था। वहां से लौटते वक्त नानाराव स्मारक पार्क के सामने उसकी बाइक और बुलेट में आमने-सामने भिड़ंत हो गई।
विज्ञापन


हादसे के दौरान बुलेट का पहिया विनय की गर्दन पर चढ़ गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। विनय की दोस्त को एक निजी अस्पताल से हैलट रेफर किया गया। वहीं, बुलेट सवार सकहान मुसलमानन, सफीपुर उन्नाव निवासी तौकीर अहमद और उसकी बहन उर्सिया को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। विनय की मौत से उनके माता पिता और छोटे भाई सक्षम (9) का रो-रोकर बुरा हाल था। थानाप्रभारी तुलसी राम पांडेय ने बताया कि क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बहन को परीक्षा दिलाने जा रहा था तौकीर
तौकीर ने पुलिस को बताया उसकी बहन उर्सिया बिठूर स्थित भगत सिंह डिग्री कालेज में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। हादसे के वक्त वह बहन को परीक्षा दिलाने के लिए केंद्र  ले जा रहा था। हादसे का शिकार होने से उर्सिया की परीक्षा छूट गई है।

डॉक्टर ने दिखाई संवेदनशीलता
प्रत्यक्षदर्शियों ंके मुताबिक हादसे के बाद विनय और उसकी दोस्त सड़क पर पड़े 10 मिनट तक तड़पते रहे। इस दौरान तमाम लोग वहां तमाशबीन बने खड़े रहे, लेकिन मदद को कोई आगे नहीं आया। इसी बीच वहां से गुजर रहे डॉ. विवेक मिश्रा ने भीड़ देखकर अपनी कार रोक दी। आनन फानन में कुछ लोगों की मदद से वह विनय और उसकी दोस्त को कार से लेकर अपने बिठूर स्थित नर्सिंगहोम ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद विनय की दोस्त को हैलट रेफर किया गया। वहीं, विनय के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed