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धरपकड़ शुरू, बनाई गईं टीमें
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव।
Updated Tue, 25 Aug 2015 12:39 AM IST
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उन्नाव। जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद प्रशासन नींद से जागा तो जिले में कुटीर उद्योग बने कच्ची शराब के कारोबार की कलई खुल गई। डीएम के निर्देश पर सोमवार को जिले में कच्ची शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया गया।
सहायक आबकारी आयुक्त के साथ लखनऊ से आई टीम ने भी कई जगह छापेमारी की। इस दौरान सैकड़ों लीटर शराब और लहन बरामद की गई। हालांकि अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को पकड़ा नहीं जा सका।
शहर कोतवाली क्षेत्र में जहरीली कच्ची शराब पीने से हुई मौतों के बाद प्रशासन की नींद खुल गई। सोमवार सुबह डीएम सौम्या अग्रवाल ने सभी सीओ और थानाध्यक्षों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस गांव-गांव जाकर अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाए।
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उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई राजनीतिक व्यक्ति इसमें हस्तक्षेप करता है तो उन्हें तत्काल बताएं। किसी के दबाव में न आएं। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम को राजस्व कर्मियों के माध्यम से गांव-गांव सघन चेकिंग कराने के निर्देश दिए। इस आदेश के बाद पुलिस ने पूरे दिन अभियान चलाया और सैकड़ों लीटर शराब की बरामदगी की।
सहायक आबकारी आयुक्त अनुराग मिश्र के नेतृत्व में लखनऊ से आई टीम ने करोवन, निंबहरा, बनकटा, देवारा, बनी, बेहटा, पिड़ोखा समेत कई स्थानों पर छापेमारी की।
इस दौरान टीम को कई स्थानों पर शराब की भट्ठियां दहकती मिलीं। टीम ने काफी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। टीम में आबकारी निरीक्षक अमित कुमार, प्रदीप कुमार, राजेश चौबे और जितेंद्र सिंह शामिल रहे।
तहसीलदार सदर एसके राय के निर्देश पर नायब तहसीलादर ए.के सरोज की अगुवाई में लेखपाल सुनील सिंह समेत कई अन्य राजस्व कर्मियों ने निंबहरा गांव समेत आसपास के अन्य गांवों में घर-घर तलाशी अभियान चलाया।
पुरवा कोतवाली प्रभारी आशुतोष त्रिपाठी ने टीम के साथ भाटमऊ,गढ़ाकोला, ब्रह्मीखेड़ा समेत आसपास के कई गांवों में सघन तलाशी अभियान चलाया।
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गंगाघाट में बनीं तीन टीमें
शुक्लागंज। थाना कोतवाली अंतर्गत कच्ची शराब से हुई मौतों के मामले में जिला प्रशासन ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को सघन अभियान चलाने और अवैध कारोबारियों की धरपकड़ करने के आदेश दे दिए है। इस क्रम में थाना गंगाघाट में तीन टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में चार सदस्य होंगे।
डीएम के निर्देश पर बनाई गई टीमों में आज गंगाघाट पुलिस ने थाना क्षेत्र के बेहटा, बनी, जाजमऊ व बैराज स्थित कई गावों में छापेमारी की लेकिन कहीं भी कुछ नही मिला। टीम के प्रभारी रहें एसआई रवींद्र भदौरिया ने बताया कि बनी में लाली, सुखदेव, शिवदेवी के घरों में दबिश मारी गई।
इसकी सूचना उन्हें मिली थी। हालांकि यहां कुछ नही मिला। इसी तरह से अन्य क्षेत्रों में भी दबिश दी गई। टीम में एक दरोगा दो सिपाही व एक होमगार्ड शामिल है। सोमवार को पुलिस की छापेमारी से कच्ची शराब के लिए बदनाम इन गांवों में हड़कंप मचा रहा।
हाजीपुर भी है कच्ची का गढ़
हाजीपुर चौकी अंतर्गत आने वाले गांवों में भी कच्ची शराब का धंधा जोरों पर चल रहा है। सूत्रों के अनुसार क्षेत्र के कुछ गांवों में अभी भी चोरी छिपे कच्ची का धंधा चल रहा है।
हालांकि घटना के बाद से खेत में बनी भट्टियों को तोपने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों की माने तो हाजीपुर का क्षेत्र चूंकि कोतवाली थाना क्षेत्र से सटा है, इसके चलते कच्ची बनाने वालों को यहां सीमा विवाद का अधिक लाभ मिल जाता है। इस ओर पुलिस की अभी तक निगाह नही गई है।
कटरी में फलफूल रहा कच्ची शराब का धंधा
गंजमुरादाबाद(उन्नाव)। जनपद मुख्यालय में जहरीली शराब से कई मौतें हो गईं। अब भले ही इस मामले में कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरी हो पर सच्चाई यह है कि आज भी तमाम कवायदों के बावजूद बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में दर्जनों गांवों में भारी पैमाने पर कच्ची का कारोबार जारी है। जानकारी होने के संबंधित अधिकारी कच्ची के इस कारोबार पर रोक नहीं लगा रहे हैं।
क्षेत्र के ग्राम कपूरपुर, ताजपुर, रोशनाबाद, भिखारीपुर पतसिया, जसरापुर, सिरधरपुर, रसूलपुर रुरी, बहलोलपुर, खैरहन सहित दर्जनों गांवों में लंबे अर्से से कच्ची शराब बनाकर धड़ल्ले से बेची जा रही है। कच्ची शराब आसानी से 20 से 30 रुपये प्रति पाउच मिल जाती है।
इस शराब को नशीला बनाने के लिए उसमें कई प्रकार की नशीली दवाएं मिलाई जाती हैं। कोतवाली प्रभारी सतीश गौतम ने बताया कि समय-समय पर छापेमारी कर धंधे में लिप्त लोगों पर कार्रवाई की जाती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
कटरी बना कच्ची शराब का मुख्य केंद्र
गंजमुरादाबाद। कच्ची शराब के लिए कटरी का इलाका मुख्य केंद्र माना जाता है। इस क्षेत्र के जसरापुर, जाफराबाद आदि कई गांवों में आबकारी विभाग द्वारा पिछले पांच माह के अंतराल में कई बार छापा मारकर सैकड़ों लीटर कच्ची शराब, लहन और बर्तन आदि बरामद किया।
इसमें कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। लेकिन विभाग की खाऊ-कमाऊ नीति के चलते इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की बजाए इन्हेें छोड़ दिया गया।
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सहायक आबकारी आयुक्त के साथ लखनऊ से आई टीम ने भी कई जगह छापेमारी की। इस दौरान सैकड़ों लीटर शराब और लहन बरामद की गई। हालांकि अवैध कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को पकड़ा नहीं जा सका।
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शहर कोतवाली क्षेत्र में जहरीली कच्ची शराब पीने से हुई मौतों के बाद प्रशासन की नींद खुल गई। सोमवार सुबह डीएम सौम्या अग्रवाल ने सभी सीओ और थानाध्यक्षों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस गांव-गांव जाकर अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाए।
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उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई राजनीतिक व्यक्ति इसमें हस्तक्षेप करता है तो उन्हें तत्काल बताएं। किसी के दबाव में न आएं। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम को राजस्व कर्मियों के माध्यम से गांव-गांव सघन चेकिंग कराने के निर्देश दिए। इस आदेश के बाद पुलिस ने पूरे दिन अभियान चलाया और सैकड़ों लीटर शराब की बरामदगी की।
सहायक आबकारी आयुक्त अनुराग मिश्र के नेतृत्व में लखनऊ से आई टीम ने करोवन, निंबहरा, बनकटा, देवारा, बनी, बेहटा, पिड़ोखा समेत कई स्थानों पर छापेमारी की।
इस दौरान टीम को कई स्थानों पर शराब की भट्ठियां दहकती मिलीं। टीम ने काफी मात्रा में अवैध शराब बरामद की। टीम में आबकारी निरीक्षक अमित कुमार, प्रदीप कुमार, राजेश चौबे और जितेंद्र सिंह शामिल रहे।
तहसीलदार सदर एसके राय के निर्देश पर नायब तहसीलादर ए.के सरोज की अगुवाई में लेखपाल सुनील सिंह समेत कई अन्य राजस्व कर्मियों ने निंबहरा गांव समेत आसपास के अन्य गांवों में घर-घर तलाशी अभियान चलाया।
पुरवा कोतवाली प्रभारी आशुतोष त्रिपाठी ने टीम के साथ भाटमऊ,गढ़ाकोला, ब्रह्मीखेड़ा समेत आसपास के कई गांवों में सघन तलाशी अभियान चलाया।
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गंगाघाट में बनीं तीन टीमें
शुक्लागंज। थाना कोतवाली अंतर्गत कच्ची शराब से हुई मौतों के मामले में जिला प्रशासन ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को सघन अभियान चलाने और अवैध कारोबारियों की धरपकड़ करने के आदेश दे दिए है। इस क्रम में थाना गंगाघाट में तीन टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में चार सदस्य होंगे।
डीएम के निर्देश पर बनाई गई टीमों में आज गंगाघाट पुलिस ने थाना क्षेत्र के बेहटा, बनी, जाजमऊ व बैराज स्थित कई गावों में छापेमारी की लेकिन कहीं भी कुछ नही मिला। टीम के प्रभारी रहें एसआई रवींद्र भदौरिया ने बताया कि बनी में लाली, सुखदेव, शिवदेवी के घरों में दबिश मारी गई।
इसकी सूचना उन्हें मिली थी। हालांकि यहां कुछ नही मिला। इसी तरह से अन्य क्षेत्रों में भी दबिश दी गई। टीम में एक दरोगा दो सिपाही व एक होमगार्ड शामिल है। सोमवार को पुलिस की छापेमारी से कच्ची शराब के लिए बदनाम इन गांवों में हड़कंप मचा रहा।
हाजीपुर भी है कच्ची का गढ़
हाजीपुर चौकी अंतर्गत आने वाले गांवों में भी कच्ची शराब का धंधा जोरों पर चल रहा है। सूत्रों के अनुसार क्षेत्र के कुछ गांवों में अभी भी चोरी छिपे कच्ची का धंधा चल रहा है।
हालांकि घटना के बाद से खेत में बनी भट्टियों को तोपने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों की माने तो हाजीपुर का क्षेत्र चूंकि कोतवाली थाना क्षेत्र से सटा है, इसके चलते कच्ची बनाने वालों को यहां सीमा विवाद का अधिक लाभ मिल जाता है। इस ओर पुलिस की अभी तक निगाह नही गई है।
कटरी में फलफूल रहा कच्ची शराब का धंधा
गंजमुरादाबाद(उन्नाव)। जनपद मुख्यालय में जहरीली शराब से कई मौतें हो गईं। अब भले ही इस मामले में कई अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरी हो पर सच्चाई यह है कि आज भी तमाम कवायदों के बावजूद बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में दर्जनों गांवों में भारी पैमाने पर कच्ची का कारोबार जारी है। जानकारी होने के संबंधित अधिकारी कच्ची के इस कारोबार पर रोक नहीं लगा रहे हैं।
क्षेत्र के ग्राम कपूरपुर, ताजपुर, रोशनाबाद, भिखारीपुर पतसिया, जसरापुर, सिरधरपुर, रसूलपुर रुरी, बहलोलपुर, खैरहन सहित दर्जनों गांवों में लंबे अर्से से कच्ची शराब बनाकर धड़ल्ले से बेची जा रही है। कच्ची शराब आसानी से 20 से 30 रुपये प्रति पाउच मिल जाती है।
इस शराब को नशीला बनाने के लिए उसमें कई प्रकार की नशीली दवाएं मिलाई जाती हैं। कोतवाली प्रभारी सतीश गौतम ने बताया कि समय-समय पर छापेमारी कर धंधे में लिप्त लोगों पर कार्रवाई की जाती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
कटरी बना कच्ची शराब का मुख्य केंद्र
गंजमुरादाबाद। कच्ची शराब के लिए कटरी का इलाका मुख्य केंद्र माना जाता है। इस क्षेत्र के जसरापुर, जाफराबाद आदि कई गांवों में आबकारी विभाग द्वारा पिछले पांच माह के अंतराल में कई बार छापा मारकर सैकड़ों लीटर कच्ची शराब, लहन और बर्तन आदि बरामद किया।
इसमें कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। लेकिन विभाग की खाऊ-कमाऊ नीति के चलते इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की बजाए इन्हेें छोड़ दिया गया।