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घर में नहीं गूंजी किलकारी तो पड़ोसी के नवजात का किया अपहरण

Wed, 03 Apr 2019 12:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Apr 2019 12:27 AM IST
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घर में नहीं गूंजी किलकारी तो पड़ोसी के नवजात का किया अपहरण
उन्नाव। शहर के शेखपुर से रविवार को अगवा किए गए दो माह के नवजात को पुलिस ने 24 घंटे में बांदा से बरामद कर लिया। शेखपुर नरी में किराए के मकान में रहने वाले दंपति ने उसका अपहरण किया था। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि शादी के पांच साल बाद तक जब उनके आंगन में बच्चे की किलकारी नहीं गूंजी तो उन्होंने पड़ोसी के बच्चे के अपहरण की साजिश रची।
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सदर कोतवाली के शेखपुर निवासी कृष्ण मोहन के दो माह के नवजात का 31 मार्च को अपहरण हो गया था। कृष्ण मोहन व उसकी पत्नी दीपा ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो गांव में किराए के मकान में रहने वाले बांदा के अतर्रा निवासी दंपति पर उन्हें शक हुआ। घटना के बाद से दोनों गायब थे। सदर कोतवली प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा ने जब सर्विलांस पर उनके नंबर लगाए तो उनकी लोकेशन बांदा में मिली। ऐसे में पुलिस सोमवार रात ही दोनों को बांदा से पकड़ लाई। पुलिस ने उनके पास से नवजात बच्चा भी बरामद कर लिया। पूछताछ में आरोपी विजय पुत्र शिव प्रसाद व उसकी पत्नी कविता ने बताया कि उनकी शादी को पांच साल हो गए हैं। शादी के बाद से अभी तक उन्हें माता पिता बनने का सुख नहीं मिला। ऐसे में उनकी नजर कृष्ण मोहन के बच्चे पर टिकी हुई थी। रविवार को वह बच्चे को उठाकर बांदा चले गए थे। नवजात बच्चे की बरामदगी के बाद एसपी ने मंगलवार को पुलिस लाइन में घटना का खुलासा किया। उन्होंने पीड़ित दंपति को नवजात बच्चे के लिए पोषक आहार भी उपहार के तौर पर दिए। जबकि आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। बच्चे को बरामद करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राकेश कुमार यादव, कांस्टेबल भूपनारायण, अनीता देवी, सर्विलांस सेल के हेड कांस्टेबल जब्बार व राधेश्याम मौजूद रहे।
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बलि चढ़ाने की भी थी तैयारी!
पुलिस ने आरोपी दंपति के विषय में जब मोहल्ले में पूछताछ की तो उनकी गतिविधियां शक के दायरे में आ गई। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि दोनों तांत्रिक विद्या पर अधिक विश्वास करते थे। ऐसे में पुलिस को शक है कि बच्चे का अपहरण के पीछे का उद्देश्य बलि भी हो सकता है। हालांकि आरोपी इससे इंकार कर रहे हैं।
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