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मोबाइल लोकेशन के आधार पर बनाया था हत्याभियुक्त
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बांगरमऊ। नौ माह पहले संन्यासी की हत्या में विवेचक ने महज मोबाइल लोकेशन के आधार पर बेगुनाह को हत्याभियुक्त बनाया था। उसे छह माह जेल में रहना पड़ा था। अब पुलिस असली गुनहगार को रिमांड पर लेकर साक्ष्य जुटाने की तैयारी कर रही है। वहीं विवेचक के खिलाफ प्रारंभिक जांच भी शुरू हो सकती है।
माढ़ापुर मार्ग पर झोपड़ी बनाकर 20 साल से रहने वाले संन्यासी सल्लाखेड़ा गांव निवासी सोबरन (65) को चार अगस्त 2020 की रात सोते समय गोली मार दी गई थी। इलाज के तीसरे दिन कानपुर के हैलट अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करने वाली पुलिस ने विवेचना के दौरान पुजारी की झोपड़ी से 500 मीटर दूर रहने वाले किराना दुकानदार राम गुप्ता समेत तीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। रामू ने खुद को बेगुनाह बताया था। पुलिस ने कई बार पूछताछ के बाद उसे पकड़ा और छोड़ा। बाद में मोबाइल लोकेशन के आधार पर रामू को हत्याभियुक्त बताते हुए गिरफ्तार किया था। सात मार्च को रामू को जमानत मिल गई थी। पिपरमिंट व्यापारी की हत्या में पकड़े गए हिंदू युवा वाहिनी के बांगरमऊ नगर अध्यक्ष कीर्तिमान द्वारा संन्यासी सोबरन को गोली मारने की बात भी स्वीकार की थी। इसके बाद बेगुनाह रामू को जेल भेजे जाने का सच उजागर हुआ था। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि संन्यासी की हत्या में साक्ष्य संकलन कराए जा रहे हैं। निर्दोष को जेल भेजने की पुष्टि होने पर विवेचक के खिलाफ प्रारंभिक जांच कराई जाएगी।
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माढ़ापुर मार्ग पर झोपड़ी बनाकर 20 साल से रहने वाले संन्यासी सल्लाखेड़ा गांव निवासी सोबरन (65) को चार अगस्त 2020 की रात सोते समय गोली मार दी गई थी। इलाज के तीसरे दिन कानपुर के हैलट अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करने वाली पुलिस ने विवेचना के दौरान पुजारी की झोपड़ी से 500 मीटर दूर रहने वाले किराना दुकानदार राम गुप्ता समेत तीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। रामू ने खुद को बेगुनाह बताया था। पुलिस ने कई बार पूछताछ के बाद उसे पकड़ा और छोड़ा। बाद में मोबाइल लोकेशन के आधार पर रामू को हत्याभियुक्त बताते हुए गिरफ्तार किया था। सात मार्च को रामू को जमानत मिल गई थी। पिपरमिंट व्यापारी की हत्या में पकड़े गए हिंदू युवा वाहिनी के बांगरमऊ नगर अध्यक्ष कीर्तिमान द्वारा संन्यासी सोबरन को गोली मारने की बात भी स्वीकार की थी। इसके बाद बेगुनाह रामू को जेल भेजे जाने का सच उजागर हुआ था। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि संन्यासी की हत्या में साक्ष्य संकलन कराए जा रहे हैं। निर्दोष को जेल भेजने की पुष्टि होने पर विवेचक के खिलाफ प्रारंभिक जांच कराई जाएगी।
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