{"_id":"5ffc97198ebc3e2f853c59cb","slug":"crime-unnao-news-knp605382266","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाली ऑक्सीजन सिलिंडर लगाने पर हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाली ऑक्सीजन सिलिंडर लगाने पर हंगामा
विज्ञापन
सड़क पर घायल पड़ी बुजुर्ग शाहिदा और मौके पर लगी भीड़।
- फोटो : UNNAO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। पीडी नगर में दवा लेेकर पैदल घर जा रही महिला अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हो गई। लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचाकर परिजनों को सूचना दी। इमरजेंसी वार्ड में स्वास्थ्यकर्मी ने खाली ऑक्सीजन सिलिंडर लगा दिया। सांस लेने में तकलीफ और हालत बिगड़ने पर परिजनों ने हंगामा किया। सीएमएस से शिकायत के बाद सिलिंडर बदला गया। बाद में गंभीर हालत में महिला को कानपुर रेफर कर दिया गया।
तालिब सराय निवासी शहीदा (68) पत्नी मोहम्मद शफीक की सीने में दर्द होने पर पीडीनगर में डॉक्टर को दिखाने गई थीं। दवा लेकर घर जा रही थीं। पैदल सड़क पार करते समय अज्ञात वाहन टक्कर मारते हुए निकल गया। सिर में गंभीर चोट लगने से लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी।
शहीदा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इमरजेंसी वार्ड में कर्मियों ने हालत गंभीर देख ऑक्सीजन लगाई। सिलिंडर में ऑक्सीजन है या नहीं, इसकी जांच नहीं की। इसी दौरान परिजन भी मौके पर पहुंच गए। 15 मिनट बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी और सांस लेने में तकलीफ हुई तो ऑक्सीजन सिलिंडर चेक किया। पता चला कि सिलिंडर में ऑक्सीजन ही नहीं है। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। बाद में परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शहीदा को कानपुर रेफर करा लिया। सीएमएस डॉ बीबी भट्ट ने बताया कि ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो गया था। कर्मचारी ने उसे बदला नहीं। यह लापरवाही है। इस पर कर्मचारी को इमरजेंसी से हटाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
तालिब सराय निवासी शहीदा (68) पत्नी मोहम्मद शफीक की सीने में दर्द होने पर पीडीनगर में डॉक्टर को दिखाने गई थीं। दवा लेकर घर जा रही थीं। पैदल सड़क पार करते समय अज्ञात वाहन टक्कर मारते हुए निकल गया। सिर में गंभीर चोट लगने से लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी।
विज्ञापन
शहीदा को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इमरजेंसी वार्ड में कर्मियों ने हालत गंभीर देख ऑक्सीजन लगाई। सिलिंडर में ऑक्सीजन है या नहीं, इसकी जांच नहीं की। इसी दौरान परिजन भी मौके पर पहुंच गए। 15 मिनट बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी और सांस लेने में तकलीफ हुई तो ऑक्सीजन सिलिंडर चेक किया। पता चला कि सिलिंडर में ऑक्सीजन ही नहीं है। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। बाद में परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शहीदा को कानपुर रेफर करा लिया। सीएमएस डॉ बीबी भट्ट ने बताया कि ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो गया था। कर्मचारी ने उसे बदला नहीं। यह लापरवाही है। इस पर कर्मचारी को इमरजेंसी से हटाया जाएगा।
विज्ञापन