{"_id":"67c5f7da0ab82881da07e464","slug":"compensation-not-received-even-after-three-months-uproar-unnao-news-c-221-1-uno1001-127749-2025-03-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: तीन महीने बाद भी नहीं मिला मुआवजा, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: तीन महीने बाद भी नहीं मिला मुआवजा, हंगामा
विज्ञापन
नवाबगंज। निर्माणाधीन सीमेंट फैक्टरी में तीन महीने पहले झारखंड के एक श्रमिक की मौत की घटना में परिजनों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला। परिजनों ने गेट पर हंगामा किया। पुलिस ने शांत कराया और प्रबंधन से बात की। मृतक की पत्नी के खाते में दो दिन में साढ़े छह लाख रुपये भेजने का आश्वासन दिया गया है।
झारखंड के जिला पनाम के कालापहाड़ निवासी संजय पासवान अजगैन कोतवाली के गौरा कठेरवा गांव में निर्माणाधीन सीमेंट फैक्टरी में मजदूरी करता था। सात दिसंबर को तबीयत बिगड़ने पर साथी उसे जिला अस्पताल ले गए थे, वहां मौत हो गई थी। ठेकेदार ने 50 हजार रुपये अंतिम संस्कार के लिए देकर शव घर भेज दिया था और मुआवजे के तौर पर 25 लाख रुपये देने की बात कही थी। तीन महीने बाद भी रुपये न मिलने पर सोमवार को मृतक की पत्नी गुड्डी, बेटी काजल (15), बेटे शिवा (13) और बेटी कल्यानी (2) के साथ पहुंची और फैक्टरी गेट पर धरने पर बैठ गई।
यहां काम करने वाले अन्य श्रमिकों को मुआवजा न मिलने की जानकारी हुई तो उन्होंने भी समर्थन करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। चौकी इंचार्ज मुकुल दुबे पहुंचे और गुड्डी से बात की। बाद में कोतवाल सुरेश सिंह ने प्रबंधन में शामिल सुभाष कुमार से बात की। उन्होंने तीन दिन में पत्नी के खाते में 6.50 लाख रुपये भेजने का आश्वासन दिया, तब करीब एक घंटे बाद हंगामा शांत हुआ। कोतवाल ने बताया कि महिला और फैक्टरी प्रबंधन में समझौता हो गया है। रुपये महिला के खाते में भेजे जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
झारखंड के जिला पनाम के कालापहाड़ निवासी संजय पासवान अजगैन कोतवाली के गौरा कठेरवा गांव में निर्माणाधीन सीमेंट फैक्टरी में मजदूरी करता था। सात दिसंबर को तबीयत बिगड़ने पर साथी उसे जिला अस्पताल ले गए थे, वहां मौत हो गई थी। ठेकेदार ने 50 हजार रुपये अंतिम संस्कार के लिए देकर शव घर भेज दिया था और मुआवजे के तौर पर 25 लाख रुपये देने की बात कही थी। तीन महीने बाद भी रुपये न मिलने पर सोमवार को मृतक की पत्नी गुड्डी, बेटी काजल (15), बेटे शिवा (13) और बेटी कल्यानी (2) के साथ पहुंची और फैक्टरी गेट पर धरने पर बैठ गई।
विज्ञापन
यहां काम करने वाले अन्य श्रमिकों को मुआवजा न मिलने की जानकारी हुई तो उन्होंने भी समर्थन करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। चौकी इंचार्ज मुकुल दुबे पहुंचे और गुड्डी से बात की। बाद में कोतवाल सुरेश सिंह ने प्रबंधन में शामिल सुभाष कुमार से बात की। उन्होंने तीन दिन में पत्नी के खाते में 6.50 लाख रुपये भेजने का आश्वासन दिया, तब करीब एक घंटे बाद हंगामा शांत हुआ। कोतवाल ने बताया कि महिला और फैक्टरी प्रबंधन में समझौता हो गया है। रुपये महिला के खाते में भेजे जाएंगे।
विज्ञापन