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भारत बंद का बैंकों को छोड़ नहीं दिखा असर

Thu, 09 Jan 2020 12:31 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 12:31 AM IST
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Clearing of 200 crores stalled due to strike by bankers
शहर की पंजाब नेशनल बैंक के बाहर प्रदर्शन करते आल इंडिया बैंक इम्पलाइज एसोसिएशन के पदाधिकारी। - फोटो : UNNAO
उन्नाव। श्रम व जन विरोधी नीतियों को लेकर जिले के सभी बैंक कर्मचारी (एसबीआई को छोड़कर) हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते बैंकों के ताले नहीं खुले और कर्मचारियों ने गेट पर सभा कर सरकार के फैसले को कोसा और विरोध में नारेबाजी की। बैंकों में कामकाज न होने से करोड़ों की क्लीयरिंग ठप रही। लेनदेन के लिए आए ग्राहक बैंक बंद देख लौट गए। धारा 144 लागू होने से कर्मचारी यूनियनों ने प्रदर्शन से किनारा किया।
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आल इंडिया बैंक इम्पलॉइज एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को जिले के सभी सरकारी क्षेत्र के बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी शामिल नहीं हुए। इससे एसबीआई व ग्रामीण बैंकों की शाखाओं में कामकाज होता रहा। सब्जीमंडी स्थित पंजाब नेशनल बैंक में कर्मचारियों ने यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन किया और सरकार के इस फैसले को जमकर कोसा। सभा को संबोधित करते हुए यूपीवीयू के मंत्री बीडी सिंह ने कहा कि जब-जब सरकार ने कथित बैंकिग सुधारों का तरीका अपनाने का प्रयास किया है यूनियन ने बैंक व देश की जनता के हित में उसका विरोध किया है। कासिम जाफरी ने कहा कि सरकार बैंकोें का निजीकरण व विदेशीकरण कर उनकी अर्थव्यवस्था को पूर्ण रूप से पंगु कर रही है और देश की बैंक व्यवस्था को ध्वस्त करना चाह रही है।
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पीएनबीएसए के मंत्री प्रकाश अवस्थी ने कहा कि सरकार बैंकाें में सट्टेबाजी के व्यवसाय व कॉरपोरेट घरानों को उनके बैंक शुरू करने और बड़े ऋणियों को संशोधन के नाम पर सहायता प्रदान करने का प्रयास कर रही है। बैंक कर्मचारियों की मांग है कि बैंक में बंद भर्तियों को खोला जाए। बैंक कर्मचारियों का वेतन समझौता ढाई साल से लंबित है उसक ा निराकरण किया जाए। सरकार एनपीए के वसूली नहीं कर पा रही है तो बैंकों का विलय करने पर आमादा है। पूंजीपतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन्हीं मांगों को लेकर कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते लगभग 200 करोड़ की क्लीयरिंग ठप रही। सभा के दौरान कर्मचारियों में गौरव मिश्रा, कोमल सिंह, सत्यजीत सिंह, सागर चावला, बुधवीर सिंह, विनयशील, समीर गुप्ता, राजेश, राजेंद्र, अभिनव, घनश्याम, उदय तिवारी, रमाकांत शुक्ला, रोहन, अवधेश, बीपी अवस्थी, उदय तिवारी, रमाकांत शुक्ला, रोहन, अवधेश श्रीवास्तव, जितेंद्र व सुरेश बाजपेई भी मौजूद रहे।
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एआईआईईए के आह्वान पर भारतीय जीवन बीमा निगम शाखा में भी पूरी तरह से हड़ताल रही। हड़ताल में सभी कर्मचारी शामिल हुए और मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अध्यक्ष अनूप कुमार दीक्षित ने कहा कि सरकार एलआईसी प्रीमियम पर जीएसटी वापस ले। महंगाई को रोकने के लिए ठोस योजना लागू की जाए। कर्मचारियों का वेतन पुर्ननिर्धारण शीघ्र किया जाए। एनपीएस को समाप्त कर चतुर्थ श्रेणी में आउट सोर्सिंग बंद की जाए। संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाए। विदेशी पूंजी निवेश पर रोक लगाई जाए। इस दौरान नवल मिश्रा, सुरेंद्र सक्सेना, मेहताब आलम, संदीप निगम, निर्मल प्रजापति व सुमित श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

बैंकों में हड़ताल के चलते ग्राहकों को खासी मायूसी और दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग पैसों का लेनदेन व अन्य कामों के लिए जब बैंक पहुंचे तो गेट पर ताला देखकर जानकारी की तो पता चला कि हड़ताल है इसलिए बैंक बंद रहेगी। सूचना मिलने के बाद ग्राहक मायूस होकर घरों को लौट गए। हालांकि इस दौरान स्टेट बैंक ग्राहक आराम से बैंक पहुंचकर लेन-देन करते रहे।
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