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खारजा माइनर की सफाई शुरू
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गंजमुरादाबाद। गंजमुरादाबाद खारजा माइनर को चौड़ा कर उसकी सफाई कराई जा रही है। इससे हर वर्ष डूब जाने वाली गेहूं और धान की फसलें सुरक्षित रह सकेंगी।
गंजमुरादाबाद खारजा की कई वर्षों से सफाई नहीं कराई जा सकी है। जब भी पानी छोड़ा जाता था तो गंजमुरादाबाद और लहरापुर की पुलिया के पास से आगे सफाई के अभाव में खारजा से निकलकर खेतों में भर जाता था। जिससे धान और गेहूं की फसलें जलमग्न हो जाती थीं। कभी कभार तो ये फसलें पानी में डूब कर सड़ जाती थीं।
किसानों द्वारा लंबे समय से खारजा की सफाई और झराई आदि कराने की मांग की जाती रही है। अब लहरापुर की ग्राम प्रधान गजरानी द्वारा करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च कर खारजा को पांच मीटर चौड़ा करके सफाई कराई जा रही है। निर्माण गंजमुरादाबाद और लहरापुर के बीच की पुलिया से लेकर अब्दुल्ला अंसारी के खेत तक एक किमी की दूरी तक कराया जा रहा है। अब पानी छोड़े जाने पर खारजा से निकल कर खेतों में नहीं भरेगा और फसलें सुरक्षित रह सकेंगी। इसके निर्माण से किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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गंजमुरादाबाद खारजा की कई वर्षों से सफाई नहीं कराई जा सकी है। जब भी पानी छोड़ा जाता था तो गंजमुरादाबाद और लहरापुर की पुलिया के पास से आगे सफाई के अभाव में खारजा से निकलकर खेतों में भर जाता था। जिससे धान और गेहूं की फसलें जलमग्न हो जाती थीं। कभी कभार तो ये फसलें पानी में डूब कर सड़ जाती थीं।
किसानों द्वारा लंबे समय से खारजा की सफाई और झराई आदि कराने की मांग की जाती रही है। अब लहरापुर की ग्राम प्रधान गजरानी द्वारा करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च कर खारजा को पांच मीटर चौड़ा करके सफाई कराई जा रही है। निर्माण गंजमुरादाबाद और लहरापुर के बीच की पुलिया से लेकर अब्दुल्ला अंसारी के खेत तक एक किमी की दूरी तक कराया जा रहा है। अब पानी छोड़े जाने पर खारजा से निकल कर खेतों में नहीं भरेगा और फसलें सुरक्षित रह सकेंगी। इसके निर्माण से किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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