{"_id":"611412f88ebc3e7ca9374bba","slug":"civic-unnao-news-knp645706677","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल निगम कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल निगम कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। वेतन, पेंशन व अन्य बकाया देयकों का भुगतान न होने से परेशान जलनिगम कर्मचारियों का सब्र टूट गया। बुधवार को सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक कार्य बहिष्कार कर एक्सईएन कार्यालय के बाहर धरना दिया।
उत्तर प्रदेश जलनिगम समन्वय समिति की अगुवाई में जलनिगम संघर्ष समिति की जिला इकाई ने बुधवार को एक्सईएन निर्माण खंड कार्यालय के बाहर धरना दिया। समिति के प्रदेश सह प्रवक्ता गौरीशंकर शुक्ला ने कहा कि पिछले चार महीने से जलनिगम के अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला है। इससे आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वर्षों से लंबित पेशन देयकों का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। जलनिगम के सीवरेज व पेयजल योजनाओं के काम अन्य संस्थाओं को दे दिए गए हैं। जलनिगम के कर्मचारियों को सरप्लस दर्शाकर अन्य विभागों में समायोजित करने का कुचक्र रचा जा रहा है। उन्होंने जलनिगम को किसी एक प्रशासनिक विभाग के अधीन रखने की मांग की।
डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन के जिला सचिव पुुनीत कुमार ने कहा कि जलनिगम को टुकड़ों में बांटकर इसे बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मंशा को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। इंजीनियर रवीश अग्निहोत्री, मनीष तिवारी, रामकुमार, सुरजीत सिंह, मुनेश्वर यादव, जुबेर अहमद, अश्वनी मिश्रा, मनोज बाजपेयी, राकेश श्रीवास्तव मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश जलनिगम समन्वय समिति की अगुवाई में जलनिगम संघर्ष समिति की जिला इकाई ने बुधवार को एक्सईएन निर्माण खंड कार्यालय के बाहर धरना दिया। समिति के प्रदेश सह प्रवक्ता गौरीशंकर शुक्ला ने कहा कि पिछले चार महीने से जलनिगम के अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन नहीं मिला है। इससे आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वर्षों से लंबित पेशन देयकों का भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। जलनिगम के सीवरेज व पेयजल योजनाओं के काम अन्य संस्थाओं को दे दिए गए हैं। जलनिगम के कर्मचारियों को सरप्लस दर्शाकर अन्य विभागों में समायोजित करने का कुचक्र रचा जा रहा है। उन्होंने जलनिगम को किसी एक प्रशासनिक विभाग के अधीन रखने की मांग की।
विज्ञापन
डिप्लोमा इंजीनियर्स संगठन के जिला सचिव पुुनीत कुमार ने कहा कि जलनिगम को टुकड़ों में बांटकर इसे बंद करने का प्रयास किया जा रहा है। इस मंशा को पूरा नहीं होने दिया जाएगा। इंजीनियर रवीश अग्निहोत्री, मनीष तिवारी, रामकुमार, सुरजीत सिंह, मुनेश्वर यादव, जुबेर अहमद, अश्वनी मिश्रा, मनोज बाजपेयी, राकेश श्रीवास्तव मौजूद रहे।
विज्ञापन