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तहसीलदार कोर्ट के बहिष्कार का ऐलान
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पाटन। मंगलवार को बीघापुर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राम प्रकाश शर्मा ने अधिवक्ताओं की बैठक में तहसीलदार न्यायालय के अनिश्चितकालीन बहिष्कार की घोषणा कर दी। तहसीलदार सहित न्यायालय स्टाफ व लेखपालों पर मनमानी का भी आरोप लगाया।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि लंबित वादों के अलावा अविवादित मामलों की फाइलों का निस्तारण भी नहीं किया जा रहा है। आरोप लगाया कि लेखपाल वसूली के लिए रिपोर्ट लगाने के बजाय फाइलें लंबित रखते हैं। गैर विवादित फाइलें पूरी तरह निस्तारित किए जाने पर ही तहसीलदार न्यायालय का बहिष्कार समाप्त किया जाएगा। पूर्व अध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह ने आरोप लगाया कि तहसीलदार न्यायालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की वजह से ही लंबित मामलों की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ती है।
पूर्व अध्यक्ष सर्वेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि लेखपालों के बयान न होने से फाइलों का दायरा नहीं हो पाता है। अधिवक्ता प्रभात सिंह ने आरोप लगाया कि तहसीलदार न्यायालय में बैनामा के जरिये नामांतरण करने के लिए लेखपालों के बयान कराने के बाद भी मामले लंबित रहते हैं। बैठक में मंत्री शेर बहादुर, पूर्व मंत्री सुरेश कुमार पटेल, कोषाध्यक्ष विजय कुमार, उपाध्यक्ष देशराज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोमनाथ, निर्मल कुमार, रणविजय सिंह, धर्मेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, रामबरन, मनीष शुक्ला व राजेश मौजूद रहे।
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तहसीलदार बोले, जानकारी नही
अधिवक्ताओं की ओर से न्यायालय का बहिष्कार करने की घोषण के संबंध में तहसीलदार दिलीप कुमार ने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित होने की वजह से वह व्यस्त रहे। उन्होंने अधिवक्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर जांच करा दोषी पाए जाने वाले लेखपाल पर कार्रवाई की जाएगी।
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बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि लंबित वादों के अलावा अविवादित मामलों की फाइलों का निस्तारण भी नहीं किया जा रहा है। आरोप लगाया कि लेखपाल वसूली के लिए रिपोर्ट लगाने के बजाय फाइलें लंबित रखते हैं। गैर विवादित फाइलें पूरी तरह निस्तारित किए जाने पर ही तहसीलदार न्यायालय का बहिष्कार समाप्त किया जाएगा। पूर्व अध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह ने आरोप लगाया कि तहसीलदार न्यायालय में व्याप्त भ्रष्टाचार की वजह से ही लंबित मामलों की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ती है।
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पूर्व अध्यक्ष सर्वेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि लेखपालों के बयान न होने से फाइलों का दायरा नहीं हो पाता है। अधिवक्ता प्रभात सिंह ने आरोप लगाया कि तहसीलदार न्यायालय में बैनामा के जरिये नामांतरण करने के लिए लेखपालों के बयान कराने के बाद भी मामले लंबित रहते हैं। बैठक में मंत्री शेर बहादुर, पूर्व मंत्री सुरेश कुमार पटेल, कोषाध्यक्ष विजय कुमार, उपाध्यक्ष देशराज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोमनाथ, निर्मल कुमार, रणविजय सिंह, धर्मेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, रामबरन, मनीष शुक्ला व राजेश मौजूद रहे।
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तहसीलदार बोले, जानकारी नही
अधिवक्ताओं की ओर से न्यायालय का बहिष्कार करने की घोषण के संबंध में तहसीलदार दिलीप कुमार ने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित होने की वजह से वह व्यस्त रहे। उन्होंने अधिवक्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर जांच करा दोषी पाए जाने वाले लेखपाल पर कार्रवाई की जाएगी।