{"_id":"5f9eb4d88ebc3e9b7e32bbe4","slug":"civic-unnao-news-knp5917508114","type":"story","status":"publish","title_hn":"जयंती पर राजा चंद्रिका बक्श को याद किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जयंती पर राजा चंद्रिका बक्श को याद किया
विज्ञापन
बेथर गांव में शहीद राजा चंद्रिका बक्स सिंह की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते समिति के ?
- फोटो : UNNAO
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अचलगंज। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद राजा चंद्रिका बक्श सिंह की जयंती पर बेथर स्थित उनके स्मारक परिसर में लगी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अठ्ठाहरवीं शताब्दी में बेथर स्टेट के राजा चंद्रिका बक्श सिंह ने अंग्रेजों की फौज के कमांडर मुरे को घेर कर मौत के घाट उतारा था। इसके परिणाम स्वरूप उन्हें काला पानी के लिए अंडमान दीप समूह भेजते समय परिवार सहित समुद्र में डुबो दिया गया था।
इसका उल्लेख तत्कालीन गजेटियर में मिलता है। बेथर में उनके नाम पर एक स्मारक स्थल विकसित है। रविवार को उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर वक्ताओं ने शहीद राजा की शहादत को नमन किया। कार्यक्रम को संयोजक सोनू सिंह, जगदीश नारायण सिंह, राज मोहन सिंह ने चंद्रिका बक्श सिंह की शहादत को देश भक्ति की सबसे बड़ी मिसाल बताया। वहीं, राजू बाजपेई, अरविंद त्रिवेदी, राघवेंद्र सिंह, साकेत सिंह, विमल शुक्ला, डॉ. काली प्रसाद व अधिवक्ता राम सजीवन यादव ने शहीद के राष्ट्रहित में किए गए बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अठ्ठाहरवीं शताब्दी में बेथर स्टेट के राजा चंद्रिका बक्श सिंह ने अंग्रेजों की फौज के कमांडर मुरे को घेर कर मौत के घाट उतारा था। इसके परिणाम स्वरूप उन्हें काला पानी के लिए अंडमान दीप समूह भेजते समय परिवार सहित समुद्र में डुबो दिया गया था।
विज्ञापन
इसका उल्लेख तत्कालीन गजेटियर में मिलता है। बेथर में उनके नाम पर एक स्मारक स्थल विकसित है। रविवार को उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण कर वक्ताओं ने शहीद राजा की शहादत को नमन किया। कार्यक्रम को संयोजक सोनू सिंह, जगदीश नारायण सिंह, राज मोहन सिंह ने चंद्रिका बक्श सिंह की शहादत को देश भक्ति की सबसे बड़ी मिसाल बताया। वहीं, राजू बाजपेई, अरविंद त्रिवेदी, राघवेंद्र सिंह, साकेत सिंह, विमल शुक्ला, डॉ. काली प्रसाद व अधिवक्ता राम सजीवन यादव ने शहीद के राष्ट्रहित में किए गए बलिदान से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
विज्ञापन