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आशा कार्यकर्ताओं का हंगामा
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हिलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हंगामा कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं को समझाते एसीएमओ डॉ. आरके ?
- फोटो : UNNAO
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मौरावां। हिलौली के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात आशा कार्यकर्ताओं के आरोपों पर मंगलवार को एसीएमओ के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम जांच करने पहुंची। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए। जांच टीम ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया।
असरेंदा गांव की आशा कार्यकर्ता शिवकुमारी रविवार को गांव की गर्भवती गुड्डी देवी पत्नी प्रदीप को हिलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रसव कराने के लिए लाई थी। आरोप है कि संविदा स्टाफ नर्स व मेंटर ने उससे एक हजार रुपये की मांग की। बाद में देने पर प्रसव कराने से इंकार कर दिया।
इससे नाराज आशा कार्यकर्ता ने अन्य साथियों को बुलाकर हंगामा शुरू कर दिया था। आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य एवं शिक्षाधिकारी के साथ स्टाफ नर्स व मेंटर पर कई आरोप लगाए थे। यही नहीं दोनों पक्षों से हाथापाई भी हुई थी। मामला डीएम तक पहुंचने पर मंगलवार को एसडीएम डॉ. आरके गौतम के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम जांच करने स्वास्थ्य केंद्र पहुंची।
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टीम को देखकर आशा कार्यकर्ताओं ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। कार्रवाई को लेकर वह एसीएमओ की कार के आगे बैठ गईं। स्टाफ नर्स व एचईओ के खिलाफ नारेबाजी की। एसीएमओ ने दोनों पक्षों के बयान लिए और जांच में दोषी मिलने वाले के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया। स्वास्थ्य एवं शिक्षाधिकारी सरोज बाला ने बताया कि आशा की ओर से किया गया प्रदर्शन पूर्व नियोजित था।
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असरेंदा गांव की आशा कार्यकर्ता शिवकुमारी रविवार को गांव की गर्भवती गुड्डी देवी पत्नी प्रदीप को हिलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रसव कराने के लिए लाई थी। आरोप है कि संविदा स्टाफ नर्स व मेंटर ने उससे एक हजार रुपये की मांग की। बाद में देने पर प्रसव कराने से इंकार कर दिया।
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इससे नाराज आशा कार्यकर्ता ने अन्य साथियों को बुलाकर हंगामा शुरू कर दिया था। आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य एवं शिक्षाधिकारी के साथ स्टाफ नर्स व मेंटर पर कई आरोप लगाए थे। यही नहीं दोनों पक्षों से हाथापाई भी हुई थी। मामला डीएम तक पहुंचने पर मंगलवार को एसडीएम डॉ. आरके गौतम के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम जांच करने स्वास्थ्य केंद्र पहुंची।
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टीम को देखकर आशा कार्यकर्ताओं ने फिर हंगामा शुरू कर दिया। कार्रवाई को लेकर वह एसीएमओ की कार के आगे बैठ गईं। स्टाफ नर्स व एचईओ के खिलाफ नारेबाजी की। एसीएमओ ने दोनों पक्षों के बयान लिए और जांच में दोषी मिलने वाले के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया। स्वास्थ्य एवं शिक्षाधिकारी सरोज बाला ने बताया कि आशा की ओर से किया गया प्रदर्शन पूर्व नियोजित था।