बेभाव हुआ आलू, किसान परेशान
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किसान कोल्ड स्टोर में भंडारित अपना आलू निकालने नहीं पहुंच पाए। इसी बीच नया आलू बाजार में आने से पुराने आलू बेभाव हो गया। बाजार में कम मांग और किराया व पल्लेदारी के खर्चे और आलू की कीमत के बीच ज्यादा अंतर न होने से किसानों ने कोल्ड स्टोर में भंडारित आलू की उठान बंद कर दी। बाजार में डेढ़ से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल में बिकने वाला आलू 300 से 400 रुपये में प्रति क्विंटल में बिक रहा है। इस पर भी प्रति क्विंटल 240 रुपये कोल्ड स्टोर का किराया और 40 रुपये प्रति क्विंटल पल्लेदारी यानी कुल 280 रुपये प्रति क्विंटल खर्च आ रहा है। आलू का भाव गिरने से किसान अपना ही आलू निकालने नहीं पहुंच रहे हैं। परेशान कोल्ड स्टोर संचालक आलू में सड़न शुरू होने से उसे फेंकवाना शुरू कर दिया है। सभी कोल्ड स्टोर में भरा आलू फेंका जा रहा है। आसपास गांव के लोग उसमें से अच्छी आलू बीनकर ले जा रहे हैं जो बचता वह जानवर खा रहे हैं।
10214 एमटी आलू कोल्ड स्टोर में डंप
उन्नाव। अपर उद्यान अधिकारी आरबी वर्मा ने बताया कि पिछले सीजन में 1 लाख 6 हजार 731 मीट्रिक टन आलू की पैदावार हुई थी। जिसमें से 96517 मीट्रिक टन आलू जिले के 17 कोल्ड स्टोर में भंडारित किया गया। अभी भी 10214 मीट्रिक टन आलू कोल्डस्टोर में जमा है। उन्होंने बताया कि बाजार भाव गिरने और किराया-भाड़ा में कीमत से ज्यादा लागत होने से किसान अपना बाकी बचा आलू नहीं उठा रहे हैं।
इस बार भी होगा आलू का अच्छा उत्पादन
अपर उद्यान अधिकारी आरबी वर्मा ने बताया कि इस बार मौसम अनुकूल होने से आलू का अच्छा उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में 43500 हेक्टेयर में आलू बोया गया है और 95700 मीट्रिक टन आलू उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया था। लेकिन जिस तरह का मौसम मिला है और उत्पादन नजर आ रहा है उससे लक्ष्य से अधिक उत्पादन होने का अनुमान है।
किसान बोले किराया-भाड़ा तक नहीं निकल रहा
औरास कस्बा निवासी किसान अमर सिंह ने बताया कि उनका भी बीस बोरा आलू कोल्डस्टोर में पड़ा है। लेकिन उसे निकालने में जितना रुपया खर्च होगा और घर या बाजार पहुंचाने में जितना भाड़ा खर्च होगा उतने का तो आलू भी नहीं बिकेगा। इससे वह आलू निकालने कोल्डस्टोर ही नहीं गया। किसान सियाराम ने बताया कि नया आलू तैयार हो गया है। जितनी मेहनत पुरानी को कोल्ड स्टोर से निकालने, उसे छांटने और फिर बाजार पहुंचाने में करेंगे उतने में तो अपनी खेत की फसल की देखभाल कर नई आलू बाजार पहुंचाकर बेच लेंगे।
इनसेट
कोल्ड स्टोर खाली करने को आलू फेंकवा रहे
अकरमपुर स्थित कोल्ड स्टोर के मालिक वीरेंद्र जायसवाल ने बताया कि उनके कोल्ड स्टोर में कुल 92 हजार बोरी आलू (प्रति बोरी 50 किलो) भंडारित हुई थी। जिसमें अभी तक 8 हजार बोरी की उठान नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि करीब 10 लाख का नुकसान हुआ है। लोहार खेड़ा कोल्ड स्टोर संचालक ने घाटे से निपटने के लिए 200 रुपये प्रति कुंतल की दर से नवीन मंडी में 400 क्विंटल आलू बेचा। अचलगंज के कोरारी स्थित कोल्डस्टोर के मालिक दिनेश आहूजा ने बताया कि कोल्ड स्टोर से आलू न निकालने के पीछे आलू की अच्छी पैदावार और नोट बंदी दोनों ही कारण है।
संकट को भुनाने में जुटे आढ़ती
औरास (उन्नाव)। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यापारी नोट बंदी में किसानों की मजबूरी को भुना रहे हैं। खेतों की जुताई और गेहूं की बुआई के लिए किसान अपना धान बेच रहे हैं और ग्रामीण व्यापारी कभी धान को कमजोर तो कभी गीला बताकर औने-पौने दाम में खरीद रहे हैं। हजार और पांच सौ के नोट बंद हो जाने से खेतिहर किसान बड़ी मजबूरी में है । गेहूं की बुआई का पीक सीजन होने से किसान, खाद और बीज की व्यवस्था करने के लिए धान की उपज को औने-पौने दाम में बेच रहे हैं। किसानों में सूरज, चंद्रबली, महमूद, सुरेश ने बताया कि आढ़ती पुराने हजार और पांच सौ के नोट लेने पर 1200 रुपये प्रति क्विंटल और नया दो हजार का नोट मांगने पर हजार रुपया प्रति क्विंटल कीमत दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि हम बैंक खाते से अपना ही रुपया नहीं निकाल पा रहे हैं मजबूरी में धान की फसल सस्ते में बेचनी पड़ रही है।