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ऑडिट टीम को मिली सुमेरपुर ब्लॉक में अनियमितताएं
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सुमेरपुर ब्लाक में आडिट करती लखनऊ की टीम।
- फोटो : UNNAO
पाटन(उन्नाव)। शासन की योजनाओं में अनियमितताओं की जांच करने के लिए लखनऊ से ऑडिट टीम शुक्रवार को सुमेरपुर ब्लॉक मुख्यालय पहुंची। ऑडिट टीम ने यहां विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ब्लॉक क्षेत्र के विकास के लिए आई धनराशि के आय-व्यय से संबंधित अभिलेखीय दस्तावेज तलब किए। जांच के दौरान ऑडिट टीम को कई अनियमितताएं मिली हैं।
ऑडिट टीम में सीनियर ऑडिटर जेपी वर्मा व रामबरन शुक्रवार सुबह 11 बजे सुमेरपुर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। दोनों ऑडिटरों के पहुंचने के बाद से ब्लॉक कर्मियों में खलबली मच गई। मुख्य लेखाकार सहित ब्लॉक के कर्मचारी ऑडिट टीम की आवभगत में लगे रहे। ऑडिट टीम ने यहां मनरेगा, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना, राज्य वित्त, 14वां वित्त एवं क्षेत्र पंचायत स्तर से कराए गए विकास कार्यों एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच की। मनरेगा की जांच के दौरान वित्तीय वर्ष 2019-20 में लक्ष्य के सापेक्ष मानव सृजित दिवसों की संख्या कम मिलने के साथ ही अन्य अनियमितताएं पाई गई। यहां आवासों का भी लक्ष्य पूर्ण नहीं पाया गया। सूत्रों के मुताबिक, ऑडिटरों को 2016 से 2019-20 के सत्र में ब्लॉक को 2001 आवासों का लक्ष्य पूर्ण करना था जो कि प्राप्त नहीं किया गया।
ऑडिट टीम ने यहां मनरेगा अनुदान पंजिका पार्ट 1, 2, 3 रजिस्टर, पीएम आवास की सूची समेत विभिन्न योजनाओं से संबंधित अभिलेखों की जांच के अलावा लेखाकार, स्थापना, सांख्यिकी, एडीओ पंचायत, एपीओ मनरेगा आदि पटेलों से संबंधित दस्तावेज तलब किए। ऑडिट में योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय व्यय एवं अभिलेखीय अनियमितताएं मिलने की बात सामने आ रही है। हालांकि इस संबंध में ऑडिटर ने किसी प्रकार की जानकारी देने से इंकार किया। कहा कि वह रिपोर्ट शासन को देंगे।
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ऑडिट टीम में सीनियर ऑडिटर जेपी वर्मा व रामबरन शुक्रवार सुबह 11 बजे सुमेरपुर ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे। दोनों ऑडिटरों के पहुंचने के बाद से ब्लॉक कर्मियों में खलबली मच गई। मुख्य लेखाकार सहित ब्लॉक के कर्मचारी ऑडिट टीम की आवभगत में लगे रहे। ऑडिट टीम ने यहां मनरेगा, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना, राज्य वित्त, 14वां वित्त एवं क्षेत्र पंचायत स्तर से कराए गए विकास कार्यों एवं वित्तीय अनियमितताओं की जांच की। मनरेगा की जांच के दौरान वित्तीय वर्ष 2019-20 में लक्ष्य के सापेक्ष मानव सृजित दिवसों की संख्या कम मिलने के साथ ही अन्य अनियमितताएं पाई गई। यहां आवासों का भी लक्ष्य पूर्ण नहीं पाया गया। सूत्रों के मुताबिक, ऑडिटरों को 2016 से 2019-20 के सत्र में ब्लॉक को 2001 आवासों का लक्ष्य पूर्ण करना था जो कि प्राप्त नहीं किया गया।
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ऑडिट टीम ने यहां मनरेगा अनुदान पंजिका पार्ट 1, 2, 3 रजिस्टर, पीएम आवास की सूची समेत विभिन्न योजनाओं से संबंधित अभिलेखों की जांच के अलावा लेखाकार, स्थापना, सांख्यिकी, एडीओ पंचायत, एपीओ मनरेगा आदि पटेलों से संबंधित दस्तावेज तलब किए। ऑडिट में योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय व्यय एवं अभिलेखीय अनियमितताएं मिलने की बात सामने आ रही है। हालांकि इस संबंध में ऑडिटर ने किसी प्रकार की जानकारी देने से इंकार किया। कहा कि वह रिपोर्ट शासन को देंगे।
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