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दो पहिया वाहनों पर ध्यान, चार पहिया नजरअंदाज
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उन्नाव। यातायात माह हो या फिर यातायात सप्ताह सुरक्षित यात्रा को लेकर पुलिस, एआरटीओ और प्रशासन स्कूलों में पाठशाला का आयोजन कराता है तो वहीं लोगों को गोष्ठी और अन्य आयोजनों से जागरूक किया जाता है। इसके बाद भी हादसे होते हैं, कार समेत बड़े वाहनों की फिटनेस को लेकर शासन स्तर पर निर्देश जारी किए गए हैं लेकिन जिले में जिम्मेदारों को केवल बाइक चालकों की चेकिंग याद रहती है, अन्य वाहनों में उन्हें सब फिट नजर आता है।
जनवरी माह के रिकार्ड बता रहे हैं कि किस तरह बड़े वाहनों की चेकिंग में अनदेखी की गई। बताते हैं कि एआरटीओ और पुलिस द्वारा जनवरी में 1681 वाहनों का चालान किया गया, जिसमें 900 से अधिक का चालान हेलमेट न लगाने के लिए किया गया। इस तरह 60 फीसद दोपहिया वाहन पुलिस और एआरटीओ के जांच के दायरे में रहे। साथ ही एक सैकड़ा से अधिक बाइक सवारों का कागजात न होने के लिए चालान किया। वहीं, चार सैकड़ा से अधिक भार वाहनों का चालान किया गया। एलपीजी गैस किट लगे कितने वाहनों की धरपकड़ की गई, इसका कोई रिकार्ड एआरटीओ और पुलिस के पास नहीं है। इससे साफ है कि कार सवारों की चेकिंंग ही नहीं की गई।
एआरटीओ प्रशासन अनिल कुमार त्रिपाठी का कहना है कि जनवरी में वाहनों की जमकर चेकिंग की गई लेकिन इसमें कितने गैस किट लगे वाहनों की चेकिंग हुई, इसका रिकार्ड नहीं है। हालांकि चेकिंग से 53 लाख रुपये का शमन शुल्क वसूल किया गया तो साथ ही 27 डग्गामार वाहनों को थाने में खड़ा कराया गया।
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जनवरी माह के रिकार्ड बता रहे हैं कि किस तरह बड़े वाहनों की चेकिंग में अनदेखी की गई। बताते हैं कि एआरटीओ और पुलिस द्वारा जनवरी में 1681 वाहनों का चालान किया गया, जिसमें 900 से अधिक का चालान हेलमेट न लगाने के लिए किया गया। इस तरह 60 फीसद दोपहिया वाहन पुलिस और एआरटीओ के जांच के दायरे में रहे। साथ ही एक सैकड़ा से अधिक बाइक सवारों का कागजात न होने के लिए चालान किया। वहीं, चार सैकड़ा से अधिक भार वाहनों का चालान किया गया। एलपीजी गैस किट लगे कितने वाहनों की धरपकड़ की गई, इसका कोई रिकार्ड एआरटीओ और पुलिस के पास नहीं है। इससे साफ है कि कार सवारों की चेकिंंग ही नहीं की गई।
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एआरटीओ प्रशासन अनिल कुमार त्रिपाठी का कहना है कि जनवरी में वाहनों की जमकर चेकिंग की गई लेकिन इसमें कितने गैस किट लगे वाहनों की चेकिंग हुई, इसका रिकार्ड नहीं है। हालांकि चेकिंग से 53 लाख रुपये का शमन शुल्क वसूल किया गया तो साथ ही 27 डग्गामार वाहनों को थाने में खड़ा कराया गया।
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