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Unnao News: हमलावर हुए कुत्ते... गुर्रा कर, तो कभी दबे पांव न करे दें घायल
Tue, 28 Nov 2023 12:36 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Tue, 28 Nov 2023 12:36 AM IST
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फोटो-3
- लोगों ने बंध्याकरण कराने व कैटल कैचिंग दस्ते से पकड़वाने की मांग की
- 13 से 24 नवंबर के बीच 305 लोगों पर कुत्तों ने किया हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। सड़कों पर छुट्टा मवेशी, घरों, मकानों में बंदरों की धमाचौकड़ी के बीच गलियों में घूमते कुत्ते लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। एक अनुमान के मुताबिक दिवाली के बाद जिला अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या खासी बढ़ गई है। लोगों ने पालिका प्रशासन से कुत्तों को पकड़ने की गुहार लगाई है।
मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों की गलियों में कुत्ते जान की आफत बने हैं। सबसे ज्यादा राहगीर, साइकिल सवार, कबाड़ बीनने वाले लोगों के लिए कुत्ते सबसे ज्यादा हमलावर बने हैं। नवंबर में अब तक 542 लोगों को कुत्ते और बंदर अपना शिकार बना चुके हैं। जिला अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार 13 से 24 नवंबर के बीच 305 लोग इन जानवरों के हमले के शिकार हुए। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएचसी और जिला अस्पताल में एंटी रैबीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई है।
जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 40 लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि कुत्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इनका बंध्याकरण कराने की सख्त जरूरत है। साथ ही कैटल कैचिंग दस्ते को भी सक्रिय करना चाहिए। लोगों ने बताया कि कई बार स्कूल जाते-आते बच्चों को कुत्ते शिकार बना लेते हैं। इससे बच्चे काफी समय तक दहशत में रहते हैं।
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कुत्ता काटने पर इस तरह करें बचाव
सबसे पहले खून के बहाव को रोके और घाव वाली जगह को पानी से धोकर एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं। इसके बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र व डॉक्टर को दिखाएं। चिकित्सकों का कहना है कि पीड़ित को 24 घंटे के अंदर एंटी रैबीज इंजेक्शन (एआरवी) लगवा लेने जाहिए।
कुत्ता के इन हरकतों से हो जाएं सावधान
नुकीले दांत दिखाए और एक स्थान को पैर से रगड़ते हुए भौंकने लगे। इस दौरान व्यक्ति को कुत्ते की आंख के संपर्क से बचना चाहिए। कई कुत्ते बिना गुर्राए ही काट लेते हैं।
पालतू कुत्तों का करवाएं टीकाकरण
पशु चिकित्सकों के अनुसार पालतू कुत्तों का टीकाकरण करवाना जरूरी है। कुत्ता अपने जीवन काल में 40 से 50 लोगों को शिकार बनाता है। इसलिए कुत्ते पालने वाले लोगों को भी सुरक्षा की दृष्टि से वैक्सीन लगवाना चाहिए।
पशु चिकित्सक बोले
पशु चिकित्सक डॉ.संदीप के अनुसार कुत्ते अत्यधिक शोर होने पर डरकर दुबक जाते हैं तो कुछ कुत्ते चिड़चिड़े होकर हमलावर हो जाते हैं। भोजन न कर पाने पर भी वह चिड़चिड़े होते हैं। आपस में भी लड़ते हैं और राह चलते लोगों पर हमला कर देते हैं।
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- लोगों ने बंध्याकरण कराने व कैटल कैचिंग दस्ते से पकड़वाने की मांग की
- 13 से 24 नवंबर के बीच 305 लोगों पर कुत्तों ने किया हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। सड़कों पर छुट्टा मवेशी, घरों, मकानों में बंदरों की धमाचौकड़ी के बीच गलियों में घूमते कुत्ते लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। एक अनुमान के मुताबिक दिवाली के बाद जिला अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या खासी बढ़ गई है। लोगों ने पालिका प्रशासन से कुत्तों को पकड़ने की गुहार लगाई है।
मुख्य सड़कों से लेकर मोहल्लों की गलियों में कुत्ते जान की आफत बने हैं। सबसे ज्यादा राहगीर, साइकिल सवार, कबाड़ बीनने वाले लोगों के लिए कुत्ते सबसे ज्यादा हमलावर बने हैं। नवंबर में अब तक 542 लोगों को कुत्ते और बंदर अपना शिकार बना चुके हैं। जिला अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार 13 से 24 नवंबर के बीच 305 लोग इन जानवरों के हमले के शिकार हुए। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएचसी और जिला अस्पताल में एंटी रैबीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई है।
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जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 40 लोग इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। लोगों का कहना है कि कुत्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इनका बंध्याकरण कराने की सख्त जरूरत है। साथ ही कैटल कैचिंग दस्ते को भी सक्रिय करना चाहिए। लोगों ने बताया कि कई बार स्कूल जाते-आते बच्चों को कुत्ते शिकार बना लेते हैं। इससे बच्चे काफी समय तक दहशत में रहते हैं।
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कुत्ता काटने पर इस तरह करें बचाव
सबसे पहले खून के बहाव को रोके और घाव वाली जगह को पानी से धोकर एंटीबायोटिक क्रीम लगाएं। इसके बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र व डॉक्टर को दिखाएं। चिकित्सकों का कहना है कि पीड़ित को 24 घंटे के अंदर एंटी रैबीज इंजेक्शन (एआरवी) लगवा लेने जाहिए।
कुत्ता के इन हरकतों से हो जाएं सावधान
नुकीले दांत दिखाए और एक स्थान को पैर से रगड़ते हुए भौंकने लगे। इस दौरान व्यक्ति को कुत्ते की आंख के संपर्क से बचना चाहिए। कई कुत्ते बिना गुर्राए ही काट लेते हैं।
पालतू कुत्तों का करवाएं टीकाकरण
पशु चिकित्सकों के अनुसार पालतू कुत्तों का टीकाकरण करवाना जरूरी है। कुत्ता अपने जीवन काल में 40 से 50 लोगों को शिकार बनाता है। इसलिए कुत्ते पालने वाले लोगों को भी सुरक्षा की दृष्टि से वैक्सीन लगवाना चाहिए।
पशु चिकित्सक बोले
पशु चिकित्सक डॉ.संदीप के अनुसार कुत्ते अत्यधिक शोर होने पर डरकर दुबक जाते हैं तो कुछ कुत्ते चिड़चिड़े होकर हमलावर हो जाते हैं। भोजन न कर पाने पर भी वह चिड़चिड़े होते हैं। आपस में भी लड़ते हैं और राह चलते लोगों पर हमला कर देते हैं।