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63 महीने इंतजार के बाद पुल पर दौड़ने लगे वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 25 Jun 2015 12:15 AM IST
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उन्नाव। 63 महीनों के इंतजार के बाद आरओबी पर बुधवार से वाहन दौड़ने लगे। आरओबी चालू होने से हजारों राहगीरों ने राहत की सांस ली क्योंकि इन्हें अब शायद ही जाम जैसी समस्या से जूझना पड़ेगा। लखनऊ से कानपुर की ओर की आरओबी को सुबह ही यातायात के लिए खोल दिया गया था जबकि दूसरी तरफ की आरओबी पर वाहन दौड़ाने के लिए राहगीरों को शाम चार बजे तक इंतजार करना पड़ा।
कानपुर से लखनऊ की ओर की आरओबी पर साइड वाल का निर्माण मंगलवार को ही किया गया था। जिसकारण उसे सूखने के लिये बुधवार शाम तक समय दिया गया था। शाम को वाल के मजबूत होते ही इस तरफ का यातायात भी चालू कर दिया गया। आरओबी का निर्माण पूरा होने पर पूरे पांच साल तीन माह का वक्त लगा।
दो साल में बनकर तैयार होने वाली आरओबी को वैसे तो मार्च 2012 तक बनकर तैयार हो जाना था लेकिन काम में सुस्ती का ही परिणाम रहा कि जनवरी 2015 से जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने खुद इसके निर्माण कार्य पर ध्यान दिया और एनएचएआई अधिकारियों को बुलाकर काम समय सीमा के भीतर समाप्त करने को कहा। आरओबी के चालू होने से कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले हजारों राहगीरों को बड़ी राहत मिली है। अब राहगीर बिना किसी बाधा के वाहन दौड़ा सकेंगे।
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कानपुर से लखनऊ की ओर की आरओबी पर साइड वाल का निर्माण मंगलवार को ही किया गया था। जिसकारण उसे सूखने के लिये बुधवार शाम तक समय दिया गया था। शाम को वाल के मजबूत होते ही इस तरफ का यातायात भी चालू कर दिया गया। आरओबी का निर्माण पूरा होने पर पूरे पांच साल तीन माह का वक्त लगा।
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दो साल में बनकर तैयार होने वाली आरओबी को वैसे तो मार्च 2012 तक बनकर तैयार हो जाना था लेकिन काम में सुस्ती का ही परिणाम रहा कि जनवरी 2015 से जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने खुद इसके निर्माण कार्य पर ध्यान दिया और एनएचएआई अधिकारियों को बुलाकर काम समय सीमा के भीतर समाप्त करने को कहा। आरओबी के चालू होने से कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले हजारों राहगीरों को बड़ी राहत मिली है। अब राहगीर बिना किसी बाधा के वाहन दौड़ा सकेंगे।
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