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पासपोर्ट में पत्नी का गलत नाम, ओमान से नहीं आ सका पति शव
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सफीपुर (उन्नाव)। ओमान देश में काम कर रहे युवक की बीमारी से मौत के बाद उसके पासपोर्ट पर पत्नी का घरेलू नाम लिखा होने से शव घर नहीं पहुंच पा रहा है। ओमान में ही रह रहे मृतक के भाई की सलाह पर पत्नी ने विदेश मंत्रालय को शपथ पत्र और अपने सही नाम के प्रपत्र प्रस्तुत किए हैं। भाई ने वहां के भारतीय दूतावास से संपर्क किया है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी मदद में हाथ बढ़ाए हैं।
सफीपुर कोतवाली के ओसिया गांव निवासी विक्रम कनौजिया (43) बारह साल से ओमान देश में रहकर एक लांड्री में नौकरी करता था। विक्रम का बड़ा भाई जय कनौजिया भी ओमान में ही एक अन्य लांड्री में नौकरी करता है। विक्रम की पत्नी विमला के अनुसार तीन वर्ष पूर्व पति गांव आया था। दो माह गांव में रुकने के बाद ओमान चला गया। वहां रहने के दौरान वह बीमार हो गया। विक्रम वहीं अपना इलाज करा रहा था। 20 मार्च 2020 को जेठ जय ने पति विक्रम की मौत की सूचना दी। मृतक के भाई विक्रम ने ओमान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर शव को गांव भेजवाने की प्रक्रिया शुरू की। विक्रम ने केरला मुस्लिम कल्चर सेंटर (केएलसीसी) से भी मदद मांगी तो इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद पीके कुनहाली कुट्टी ने विदेश मंत्रालय से भी मदद मांगी। पाया गया कि मृतक के आधार कार्ड में पत्नी का नाम विमला है जबकि पासपोर्ट में पत्नी के घर का नाम सुदामा लिखा होने से प्रपत्रों का मिलान नहीं हो सका और शव भिजवाने में समस्या खड़ी हो गई। मुस्लिम लीग सांसद के माध्यम से मृतक की पत्नी ने विदेश मंत्रालय को अपना नाम स्पष्ट करते हुए शपथ पत्र व अन्य अभिलेख भेजे हैं जिनमें उसका फोटो और सही नाम लिखा है।
मुस्लिम लीग के जिलाध्यक्ष मो. अहमद ने बताया कि परिवार काफी गरीब है। शव एक दो दिनों में हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचेगा। दिल्ली से उन्नाव तक एंबुलेंस से लाया जाएगा। इसके लिए एंबुलेंस का 18000 रुपये किराया अपनी तरफ से देंगे उधर पति की मौत से विमला व उसकी बेटी वैशाली (16) और दस वर्षीय बेटी बेबू का बुराहाल है।
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सफीपुर कोतवाली के ओसिया गांव निवासी विक्रम कनौजिया (43) बारह साल से ओमान देश में रहकर एक लांड्री में नौकरी करता था। विक्रम का बड़ा भाई जय कनौजिया भी ओमान में ही एक अन्य लांड्री में नौकरी करता है। विक्रम की पत्नी विमला के अनुसार तीन वर्ष पूर्व पति गांव आया था। दो माह गांव में रुकने के बाद ओमान चला गया। वहां रहने के दौरान वह बीमार हो गया। विक्रम वहीं अपना इलाज करा रहा था। 20 मार्च 2020 को जेठ जय ने पति विक्रम की मौत की सूचना दी। मृतक के भाई विक्रम ने ओमान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर शव को गांव भेजवाने की प्रक्रिया शुरू की। विक्रम ने केरला मुस्लिम कल्चर सेंटर (केएलसीसी) से भी मदद मांगी तो इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद पीके कुनहाली कुट्टी ने विदेश मंत्रालय से भी मदद मांगी। पाया गया कि मृतक के आधार कार्ड में पत्नी का नाम विमला है जबकि पासपोर्ट में पत्नी के घर का नाम सुदामा लिखा होने से प्रपत्रों का मिलान नहीं हो सका और शव भिजवाने में समस्या खड़ी हो गई। मुस्लिम लीग सांसद के माध्यम से मृतक की पत्नी ने विदेश मंत्रालय को अपना नाम स्पष्ट करते हुए शपथ पत्र व अन्य अभिलेख भेजे हैं जिनमें उसका फोटो और सही नाम लिखा है।
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मुस्लिम लीग के जिलाध्यक्ष मो. अहमद ने बताया कि परिवार काफी गरीब है। शव एक दो दिनों में हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचेगा। दिल्ली से उन्नाव तक एंबुलेंस से लाया जाएगा। इसके लिए एंबुलेंस का 18000 रुपये किराया अपनी तरफ से देंगे उधर पति की मौत से विमला व उसकी बेटी वैशाली (16) और दस वर्षीय बेटी बेबू का बुराहाल है।
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