{"_id":"40-205723","slug":"Unnao-205723-40","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों में हड़ताल से करोड़ों का कारोबार ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों में हड़ताल से करोड़ों का कारोबार ठप
Unnao
Updated Thu, 13 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बुधवार को राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से
जिले में में तीन सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। मांगों को लेकर जिले की सभी 156 बैंक शाखाओं के कर्मचारियों और अफसरों की हड़ताल से कामकाज पूरी तरह ठप रहा। हड़ताली बैंककर्मियों ने
धरना. प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को मांगें पूरी न करने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी।
बुधवार को जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल के कारण ताले लटके रहे। जानकारी न होने के कारण पैसा जमा करने अथवा निकासी के लिए बैंक पहुंचे ग्राहकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। जिले की बैंक अॅाफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, केनरा बैंक आदि कुल 156 बैंक शाखाओं के ताले नहीं खुले। बैंक में हडताल के कारण लगभग 3 सौ करोड़ का लेन देन ठप रहा। बैंक कर्मचारियों ने सेट्रल बैंक के सामने धरना, प्रदर्शन कर सभा की। सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के मंत्री प्रकाश अवस्थी ने कहा बैंक कर्मचारी और अधिकारियों के वेतन का समझौता 2012 से लंबित है। दो साल बाद भी मामला लटका है। जबकि इस संबंध में केंद्र सरकार से 14 दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। लगता है सरकार के कान बंद हैं। सरकार वेतन वृद्धि के मामले में 11 प्रतिशत से आगे नही बढ़ रही है। जबकि वह लोग 25 से 23 प्रतिशत पर आ गए है। सभा की अध्यक्षता कर रहे बीडी सिंह व कासिम जाफरी ने कहा केंद्र सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है। इसके कारण बैंकर्मियों की वेतन वृद्धि लंबित है। उन्होेने चेतावनी दी केंद्र सरकार ने यदि मांगे न मानी तो एक से पांच दिसंबर के बीच बैंककर्मी एक बार फिर हड़ताल करेंगे। सभा में सुरेश बाजपेई, सूर्यबली, राकेश मिश्रा, एसके तिवारी, प्रदीप त्रिपाठी, विनय शील, भारती, राम, एसके अवस्थी, बुधवीर सिंह, रोहन, पीएन सिंह, विनोद शुक्ला, राहुल चौधरी, फत्ते सिंह, अर्जुन प्रसाद, सूर्यपाल, शिव कुमार, अरविंद यादव, उदय नारायण तिवारी, पीपी सिंह आदि प्रमुख लोग शामिल रहे।बैंकों में हड़ताल के कारण लोगों ने पैसा निकासी के लिए एटीएम की ओर रुख करना शुरू कर दिया। हड़ताल के कारण बैंकों ने अपन एटीएम को मंगलवार को ही फुल कर दिया था लेकिन इसके बाद भी निकासी ज्यादा होने के कारण कई एटीएम में शाम तक पैसा खत्म हो गया। लोगों को दूरदराज स्थित एटीएम में जाकर पैसों की निकासी करनी पड़ी।
विज्ञापन
जिले में में तीन सौ करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। मांगों को लेकर जिले की सभी 156 बैंक शाखाओं के कर्मचारियों और अफसरों की हड़ताल से कामकाज पूरी तरह ठप रहा। हड़ताली बैंककर्मियों ने
धरना. प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को मांगें पूरी न करने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी।
बुधवार को जिले के सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों में हड़ताल के कारण ताले लटके रहे। जानकारी न होने के कारण पैसा जमा करने अथवा निकासी के लिए बैंक पहुंचे ग्राहकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। जिले की बैंक अॅाफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, केनरा बैंक आदि कुल 156 बैंक शाखाओं के ताले नहीं खुले। बैंक में हडताल के कारण लगभग 3 सौ करोड़ का लेन देन ठप रहा। बैंक कर्मचारियों ने सेट्रल बैंक के सामने धरना, प्रदर्शन कर सभा की। सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के मंत्री प्रकाश अवस्थी ने कहा बैंक कर्मचारी और अधिकारियों के वेतन का समझौता 2012 से लंबित है। दो साल बाद भी मामला लटका है। जबकि इस संबंध में केंद्र सरकार से 14 दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। लगता है सरकार के कान बंद हैं। सरकार वेतन वृद्धि के मामले में 11 प्रतिशत से आगे नही बढ़ रही है। जबकि वह लोग 25 से 23 प्रतिशत पर आ गए है। सभा की अध्यक्षता कर रहे बीडी सिंह व कासिम जाफरी ने कहा केंद्र सरकार हठधर्मिता पर अड़ी है। इसके कारण बैंकर्मियों की वेतन वृद्धि लंबित है। उन्होेने चेतावनी दी केंद्र सरकार ने यदि मांगे न मानी तो एक से पांच दिसंबर के बीच बैंककर्मी एक बार फिर हड़ताल करेंगे। सभा में सुरेश बाजपेई, सूर्यबली, राकेश मिश्रा, एसके तिवारी, प्रदीप त्रिपाठी, विनय शील, भारती, राम, एसके अवस्थी, बुधवीर सिंह, रोहन, पीएन सिंह, विनोद शुक्ला, राहुल चौधरी, फत्ते सिंह, अर्जुन प्रसाद, सूर्यपाल, शिव कुमार, अरविंद यादव, उदय नारायण तिवारी, पीपी सिंह आदि प्रमुख लोग शामिल रहे।बैंकों में हड़ताल के कारण लोगों ने पैसा निकासी के लिए एटीएम की ओर रुख करना शुरू कर दिया। हड़ताल के कारण बैंकों ने अपन एटीएम को मंगलवार को ही फुल कर दिया था लेकिन इसके बाद भी निकासी ज्यादा होने के कारण कई एटीएम में शाम तक पैसा खत्म हो गया। लोगों को दूरदराज स्थित एटीएम में जाकर पैसों की निकासी करनी पड़ी।
विज्ञापन