{"_id":"40-200773","slug":"Unnao-200773-40","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे छोर पर भी शुरू पिलर खुदाई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे छोर पर भी शुरू पिलर खुदाई
Unnao
Updated Wed, 08 Oct 2014 05:32 AM IST
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उन्नाव। व्यापारियों के विरोध को दरकिनार कर कचहरी क्रासिंग पर प्रस्तावित आरओबी का काम तेजी पकड़ने लगा है। सोमवार से कचहरी क्रासिंग की तरफ भी पिलर के लिए गड्ढे की खुदाई का काम शुरू हो गया है। उधर, दूसरी ओर पुराने अस्पताल परिसर में तीन पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं।
वर्तमान में गेट नंबर 34 (कचहरी क्रासिंग) से करीब 150 ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें लगभग 15 मालगाड़ी, 22 एलकेएम, 10 पैसेन्जर, 50 एक्सप्रेस व सुपर फास्ट (स्टापेज) और यहां न रुकने वाली 53 ट्रेनें शामिल हैं। डेढ़ सैकड़ा ट्रेनों के रुकने और गुजरने के दौरान अधिकांश समय क्रासिंग बंद ही रहती है। इससे रोजाना कचहरी क्रासिंग पर घंटों जाम लगता है। लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए क्रासिंग पर आरओबी का निर्माण हो रहा है। ओवरब्रिज के निर्माण में 30 करोड़ 47 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसमें सेतु निगम 22 करोड़ 30 लाख रुपए और रेलवे 8 करोड़ 17 लाख रुपये धनराशि व्यय करेगा। ओवरब्रिज की लंबाई 573.213 मीटर होगी। पुल के दोनों ओर सर्विस रोड रहेगी। आरओबी के लिए 20 पिलर बनाए जाएंगे। जिला पुस्तकालय के पास पहला और सूचना विभाग के कुछ आगे 20वां पिलर रहेगा। बड़े चौराहे और पन्नालाल पार्क को जाने वाली गली के बीच में ओवरब्रिज का चढ़ान और दूसरी ओर अंजलि स्वीट्स के थोड़ा आगे पुल का ढलान होगा। मौजूदा समय में पुराने अस्पताल परिसर में तीन पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। अब अधिकारियों ने डाकघर की तरफ भी पिलर तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।
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वर्तमान में गेट नंबर 34 (कचहरी क्रासिंग) से करीब 150 ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें लगभग 15 मालगाड़ी, 22 एलकेएम, 10 पैसेन्जर, 50 एक्सप्रेस व सुपर फास्ट (स्टापेज) और यहां न रुकने वाली 53 ट्रेनें शामिल हैं। डेढ़ सैकड़ा ट्रेनों के रुकने और गुजरने के दौरान अधिकांश समय क्रासिंग बंद ही रहती है। इससे रोजाना कचहरी क्रासिंग पर घंटों जाम लगता है। लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए क्रासिंग पर आरओबी का निर्माण हो रहा है। ओवरब्रिज के निर्माण में 30 करोड़ 47 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसमें सेतु निगम 22 करोड़ 30 लाख रुपए और रेलवे 8 करोड़ 17 लाख रुपये धनराशि व्यय करेगा। ओवरब्रिज की लंबाई 573.213 मीटर होगी। पुल के दोनों ओर सर्विस रोड रहेगी। आरओबी के लिए 20 पिलर बनाए जाएंगे। जिला पुस्तकालय के पास पहला और सूचना विभाग के कुछ आगे 20वां पिलर रहेगा। बड़े चौराहे और पन्नालाल पार्क को जाने वाली गली के बीच में ओवरब्रिज का चढ़ान और दूसरी ओर अंजलि स्वीट्स के थोड़ा आगे पुल का ढलान होगा। मौजूदा समय में पुराने अस्पताल परिसर में तीन पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। अब अधिकारियों ने डाकघर की तरफ भी पिलर तैयार करने की कवायद शुरू कर दी है।
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