{"_id":"40-183571","slug":"Unnao-183571-40","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा लिपिक की आलमारी में मिले 25 लाखों के बाउचर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा लिपिक की आलमारी में मिले 25 लाखों के बाउचर
Unnao
Updated Thu, 29 May 2014 05:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। सरोसी ब्लॉक कार्यालय में जांच करने पहुंचे मनरेगा उपायुक्त की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कार्यालय में कार्यरत मनरेगा लिपिक की आलमारी से 25 लाख रुपये के बाउचर बरामद हुए हैं। इतनी बड़ी रकम के बाउचर मिलने से विभाग में अफरातफरी का माहौल है। नियमानुसार बीते वित्तीय वर्ष का मनरेगा भुगतान 15 मई तक इन बाउचर के जरिए हो जाना चाहिए था लेकिन समयसीमा बीत जाने के बाद भी इन बाउचरों का मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। मनरेगा उपायुक्त ने बीडीओ को कारण बताओ नोटिस देने के साथ ही लिपिक को प्रतिकूल प्रविष्टि भी जारी कर दी है। मनरेगा उपायुक्त के मुताबिक जांच में कई और लोगों के नाम सामने आने की उम्मीद है।
महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) योजना में नियमानुसार वित्तीय वर्ष 2013-14 का भुगतान बीती 15 मई तक हो जाना था। बुधवार को जब मनरेगा उपायुक्त अनिल कुमार सिंह ने सरोसी ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण किया तो यहां पर तैनात एकाउंटेंट मनोज श्रीवास्तव की आलमारी से 25 लाख रुपये के मनरेगा भुगतान के बाउचर मिले। इन बाउचरों के बारे में लिपिक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। मनरेगा उपायुक्त ने सभी बाउचरों को कब्जे में ले लिया और लिपिक मनोज को प्रतिकूल प्रतिष्टि सौंप दी। इसके अलावा ब्लॉक से संबंधित बीडीओ कृपाराम राजपूत को भी कारण बताओ नोटिस जारी की गई।
मनरेगा उपायुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध विभागीय व कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
रुक सकता है मनरेगा मजदूरों का एमआईएस
उन्नाव। मनरेगा उपायुक्त अनिल कुमार सिंह की मानें तो इन बाउचरों में जिन मनरेगा मजदूरों का पेमेंट होना था उनका एमआईएस रुक सकता है। इसके अलावा ईट भट्ठा मालिकों को मिलने वाला पेमेंट भी फिलहाल रुक जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) योजना में नियमानुसार वित्तीय वर्ष 2013-14 का भुगतान बीती 15 मई तक हो जाना था। बुधवार को जब मनरेगा उपायुक्त अनिल कुमार सिंह ने सरोसी ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण किया तो यहां पर तैनात एकाउंटेंट मनोज श्रीवास्तव की आलमारी से 25 लाख रुपये के मनरेगा भुगतान के बाउचर मिले। इन बाउचरों के बारे में लिपिक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। मनरेगा उपायुक्त ने सभी बाउचरों को कब्जे में ले लिया और लिपिक मनोज को प्रतिकूल प्रतिष्टि सौंप दी। इसके अलावा ब्लॉक से संबंधित बीडीओ कृपाराम राजपूत को भी कारण बताओ नोटिस जारी की गई।
विज्ञापन
मनरेगा उपायुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध विभागीय व कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
रुक सकता है मनरेगा मजदूरों का एमआईएस
उन्नाव। मनरेगा उपायुक्त अनिल कुमार सिंह की मानें तो इन बाउचरों में जिन मनरेगा मजदूरों का पेमेंट होना था उनका एमआईएस रुक सकता है। इसके अलावा ईट भट्ठा मालिकों को मिलने वाला पेमेंट भी फिलहाल रुक जाएगा।
विज्ञापन