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कोराना को मात देने को 9 बंदी बहा रहे पसीना
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उन्नाव जेल में मास्क बनाते बंदी।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। कोरोना को मात देने के लिए जेल में कुछ बंदी मास्क बना रहे हैं। इन बंदियों ने जेल में ही सिलाई मशीन के जरिए मास्क तैयार करने शुरू किए हैं। रोजाना 170 मॉस्क तैयार किए जा रहे हैं। जो बंदियों को कोरोना से बचाव के लिए दिए गए हैं।
इस समय जिला कारागार में 1086 बंदी और कैदी है। जिसमें 758 विचाराधीन व 231 सजायाफ्ता है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए शासन की ओर से इन बंदियों को पर्याप्त मात्रा में मास्क उपलब्ध नहीं कराए जा सके। वायरस से बचाव के लिए 9 बंदियों ने जेल में मास्क तैयार करने का फैसला लिया। इनलोगों ने जेल अधीक्षक से उन्हें कपड़ा, रिबन समेत अन्य जरूरी चीजें उपलब्ध कराने की बात कही। जिसके तहत जेल अधीक्षक की ओर से 9 सिलाई मशीन कपड़ा व अन्य जरूरत का सामान मुहैया कराया गया। बंदी और कैदियों ने सिलाई मशीन की मदद से दोहरे लेयर वाले मास्क तैयार करने शुरू किए हैं। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि बंदी और कैदी प्रतिदिन 170 मास्क तैयार कर रहे हैं। जो सभी बंदियों और कैदियों को वितरित किए जा रहे हैं। सभी को रोजाना मास्क लगाने का निर्देश दिया गया है।
जेल अधीक्षक के अनुसार बंदी और कैदियों द्वारा बनाए जा रहे मास्क में 12 रुपये की लागत आ रही है। मास्क बनाने के लिए कपड़ा लखनऊ से मंगाया जा रहा है। जेल की जरूरत पूरी होने के बाद अगर स्वास्थ्य विभाग व सामाजिक संस्थाएं मास्क की मांग करतीं हैं तो उन्हें भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
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इस समय जिला कारागार में 1086 बंदी और कैदी है। जिसमें 758 विचाराधीन व 231 सजायाफ्ता है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए शासन की ओर से इन बंदियों को पर्याप्त मात्रा में मास्क उपलब्ध नहीं कराए जा सके। वायरस से बचाव के लिए 9 बंदियों ने जेल में मास्क तैयार करने का फैसला लिया। इनलोगों ने जेल अधीक्षक से उन्हें कपड़ा, रिबन समेत अन्य जरूरी चीजें उपलब्ध कराने की बात कही। जिसके तहत जेल अधीक्षक की ओर से 9 सिलाई मशीन कपड़ा व अन्य जरूरत का सामान मुहैया कराया गया। बंदी और कैदियों ने सिलाई मशीन की मदद से दोहरे लेयर वाले मास्क तैयार करने शुरू किए हैं। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि बंदी और कैदी प्रतिदिन 170 मास्क तैयार कर रहे हैं। जो सभी बंदियों और कैदियों को वितरित किए जा रहे हैं। सभी को रोजाना मास्क लगाने का निर्देश दिया गया है।
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जेल अधीक्षक के अनुसार बंदी और कैदियों द्वारा बनाए जा रहे मास्क में 12 रुपये की लागत आ रही है। मास्क बनाने के लिए कपड़ा लखनऊ से मंगाया जा रहा है। जेल की जरूरत पूरी होने के बाद अगर स्वास्थ्य विभाग व सामाजिक संस्थाएं मास्क की मांग करतीं हैं तो उन्हें भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
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