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एलटीटी हादसे में फंस सकती है स्थानीय अफसरों की गर्दन
Updated Sun, 24 Sep 2017 11:55 PM IST
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एलटीटी हादसे में फंस सकती है अफसरों की गर्दन
उन्नाव। 21 मई को एलटीटी-लखनऊ एसी एक्सप्रेस के 11 कोच उन्नाव स्टेशन के डाउन ट्रैक पर पटरी से उतरने की घटना में आई जांच रिपोर्ट को जीएम ने नकार दिया है। सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में एचएलबी कोच के मेंटीनेंस में खामी हादसे की वजह बताई गई है। वहीं रेलवे ट्रैक की खामियों में अफसरों को जवाबदेही से बचाया गया है। जीएम ने दोबारा जांच के संकेत दिए हैं। इससे स्थानीय अधिकारियों में हड़कंप है।
करीब पांच माह पहले रेल पटरी से उतरी लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस के हादसे की हकीकत उजागर करने के लिए उत्तर रेलवे के जीएम आरके कुलश्रेष्ठ ने एडीआरएम एसके साप्रा, मुख्य संरक्षा अधिकारी, चीफ इंजीनियर के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। रेल विभाग के सूत्रों की मानें तो बीते दिनों जांच टीम ने जीएम को जांच रिपोर्ट सौंपी है। इसमें एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोचों के मेंटीनेंस को हादसे का मुख्य कारण बताया गया।
जीएम की नजर में हादसे की वजह पटरियों के मेंटीनेंस में लापरवाही है। अधिकारी का तर्क है कि कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर हादसे डाउन ट्रैक पर हुए हैं। वहीं 12 जनवरी को छमकनाली के पास मालगाड़ी के पटरी से उतरने की घटना के बाद जर्जर डाउन ट्रैक को बदलने का काम हुआ है। सूत्रों की मानें तो इसी बिंदु के तहत जीएम ने जांच रिपोर्ट को नकारा है।
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साथ ही दोबारा जांच के संकेत दिए हैं। रविवार शाम जीएम के फैसले की जानकारी रेलपथ विभाग के अधिकारियों को होने से अफरा तफरी का माहौल बन गया।
- रिपोर्ट में रेल ट्रैक की खामियों को नजरअंदाज कर कोच को बताया हादसे की वजह ,21 मई को एलटीटी एक्सप्रेस के 11 कोच उन्नाव स्टेशन पर पटरी से थे उतरे, उत्तर रेलवे के जीएम जांच टीम की रिपोर्ट से नाखुश, दोबारा शुरू कराई जांच
अमर उजाला ब्यूरो
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उन्नाव। 21 मई को एलटीटी-लखनऊ एसी एक्सप्रेस के 11 कोच उन्नाव स्टेशन के डाउन ट्रैक पर पटरी से उतरने की घटना में आई जांच रिपोर्ट को जीएम ने नकार दिया है। सूत्रों के मुताबिक जांच रिपोर्ट में एचएलबी कोच के मेंटीनेंस में खामी हादसे की वजह बताई गई है। वहीं रेलवे ट्रैक की खामियों में अफसरों को जवाबदेही से बचाया गया है। जीएम ने दोबारा जांच के संकेत दिए हैं। इससे स्थानीय अधिकारियों में हड़कंप है।
करीब पांच माह पहले रेल पटरी से उतरी लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस के हादसे की हकीकत उजागर करने के लिए उत्तर रेलवे के जीएम आरके कुलश्रेष्ठ ने एडीआरएम एसके साप्रा, मुख्य संरक्षा अधिकारी, चीफ इंजीनियर के नेतृत्व में टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए थे। रेल विभाग के सूत्रों की मानें तो बीते दिनों जांच टीम ने जीएम को जांच रिपोर्ट सौंपी है। इसमें एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोचों के मेंटीनेंस को हादसे का मुख्य कारण बताया गया।
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जीएम की नजर में हादसे की वजह पटरियों के मेंटीनेंस में लापरवाही है। अधिकारी का तर्क है कि कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर हादसे डाउन ट्रैक पर हुए हैं। वहीं 12 जनवरी को छमकनाली के पास मालगाड़ी के पटरी से उतरने की घटना के बाद जर्जर डाउन ट्रैक को बदलने का काम हुआ है। सूत्रों की मानें तो इसी बिंदु के तहत जीएम ने जांच रिपोर्ट को नकारा है।
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साथ ही दोबारा जांच के संकेत दिए हैं। रविवार शाम जीएम के फैसले की जानकारी रेलपथ विभाग के अधिकारियों को होने से अफरा तफरी का माहौल बन गया।
- रिपोर्ट में रेल ट्रैक की खामियों को नजरअंदाज कर कोच को बताया हादसे की वजह ,21 मई को एलटीटी एक्सप्रेस के 11 कोच उन्नाव स्टेशन पर पटरी से थे उतरे, उत्तर रेलवे के जीएम जांच टीम की रिपोर्ट से नाखुश, दोबारा शुरू कराई जांच
अमर उजाला ब्यूरो