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फार्म-3 बी भरने में देरी पर 200 रुपये प्रतिदिन भरना होगा जुर्माना
Updated Mon, 25 Sep 2017 06:43 PM IST
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उन्नाव। जीएसटी की उलझनों में फंसे व्यापारियों पर अब जुर्माने की कार्रवाई शुरू हो गई है। व्यापारियों को महीने भर की खरीद व बिक्री का रिटर्न फार्म-3 बी के जरिये आनलाइन भरना है। कुछ व्यापारी रिटर्न भरने में लापरवाही बरत रहे हैं। सरकार ने व्यापारियों पर शिकंजा कसते हुए रोज दो सौ रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूलने के निर्देश जीएसटी कार्यालय को दिए हैं। जीएसटी कार्यालय ने व्यापारियों को चिह्नित कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर कार्यालय के डिप्टी कमिश्नर बीडी शुक्ला ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों के लिए अगस्त में जीएसटीआर अनिवार्य कर दिया गया। रिटर्न भरने के लिए आनलाइन फार्म 3 बी की व्यवस्था की गई है। फार्म 3 बी भरने में लेटलतीफी कर रहे व्यापारियों से रोज दो सौ रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूलने की व्यवस्था लागू हो गई है। बताया कि व्यापारी 30 सितंबर तक हर हाल में पोर्टल पर माइग्रेशन रजिस्ट्रेशन करा लें। माइग्रेशन न होने से व्यापारी रिटर्न नहीं भर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी संस्थाओं को जीएसटी में दो फीसदी टीडीएस कटौती करना है। सभी विभाग यूनिक आईडीफिकेशन (यूआईएन) नंबर वेबसाइट व पोर्टल पर लिंक कर रजिस्टर्ड कर लें। धारा 51 प्रभावी होते ही सरकार संस्थाओं को दो फीसदी जीएसटी टैक्स देय होगा। पहले से वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन होने से दिक्कतों से जूझना नहीं पडे़गा। व्यापारी व अन्य कोई भी व्यक्ति किसी भी जानकारी के लिए कार्यालय की जीएसटी हेल्प डेस्क से संपर्क कर समस्या का समाधान कर सकता है।
कपड़ा दुकानदारों की मानीटरिंग शुरू
डिप्टी कमिश्नर बीडी शुक्ला ने बताया कि जीएसटी लागू होने से कपड़ा भी कर के दायरे में आ गया है। सालाना 20 लाख से अधिक का टर्नओवर करने वाले दुकानदारों व व्यापारियों को चिह्नित किया जा रहा है। व्यापारियों को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के साथ ही अन्य शर्तों को पूरा करना होगा। बताया कि कपड़ा व्यापारियों से भी सौ फीसदी रिटर्न फाइल कराना विभाग का लक्ष्य है।
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फार्म-3 बी भरने में देरी पर भरना होगा जुर्माना
जीएसटी कार्यालय में व्यापारियों को चिह्नित कर तैयार हो रहा सूची
अधिकारियों ने कपड़ा व्यापारियों की शुरू की गहन मानीटरिंग
अमर उजाला ब्यूरो
उत्तर प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर कार्यालय के डिप्टी कमिश्नर बीडी शुक्ला ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों के लिए अगस्त में जीएसटीआर अनिवार्य कर दिया गया। रिटर्न भरने के लिए आनलाइन फार्म 3 बी की व्यवस्था की गई है। फार्म 3 बी भरने में लेटलतीफी कर रहे व्यापारियों से रोज दो सौ रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूलने की व्यवस्था लागू हो गई है। बताया कि व्यापारी 30 सितंबर तक हर हाल में पोर्टल पर माइग्रेशन रजिस्ट्रेशन करा लें। माइग्रेशन न होने से व्यापारी रिटर्न नहीं भर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी संस्थाओं को जीएसटी में दो फीसदी टीडीएस कटौती करना है। सभी विभाग यूनिक आईडीफिकेशन (यूआईएन) नंबर वेबसाइट व पोर्टल पर लिंक कर रजिस्टर्ड कर लें। धारा 51 प्रभावी होते ही सरकार संस्थाओं को दो फीसदी जीएसटी टैक्स देय होगा। पहले से वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन होने से दिक्कतों से जूझना नहीं पडे़गा। व्यापारी व अन्य कोई भी व्यक्ति किसी भी जानकारी के लिए कार्यालय की जीएसटी हेल्प डेस्क से संपर्क कर समस्या का समाधान कर सकता है।
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कपड़ा दुकानदारों की मानीटरिंग शुरू
डिप्टी कमिश्नर बीडी शुक्ला ने बताया कि जीएसटी लागू होने से कपड़ा भी कर के दायरे में आ गया है। सालाना 20 लाख से अधिक का टर्नओवर करने वाले दुकानदारों व व्यापारियों को चिह्नित किया जा रहा है। व्यापारियों को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के साथ ही अन्य शर्तों को पूरा करना होगा। बताया कि कपड़ा व्यापारियों से भी सौ फीसदी रिटर्न फाइल कराना विभाग का लक्ष्य है।
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फार्म-3 बी भरने में देरी पर भरना होगा जुर्माना
जीएसटी कार्यालय में व्यापारियों को चिह्नित कर तैयार हो रहा सूची
अधिकारियों ने कपड़ा व्यापारियों की शुरू की गहन मानीटरिंग
अमर उजाला ब्यूरो