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दूसरे प्रांतों से पांच ट्रेनों से फिर पहुंचे 6052 लोग
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शुक्रवार दोपहर महाराष्ट्र से ट्रेन द्वारा आए लोगों को जीआईसी मैदान भेजते कोतवाल दिनेश चंद्र मिश
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। पंजाब, महाराष्ट व देश के अन्य हिस्सों में फंसे उन्नाव सहित प्रदेश के 56 जिलों के 6052 अलग-अलग स्टेशनों से पांच यात्री स्पेशल ट्रेन गुुरुवार रात व शुक्रवार सुबह उन्नाव जंक्शन पहुंची। सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ट्रेन से उतारा गया। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद लंच पैकेट व पानी देकर 218 बसों से सभी को भेजा गया। इसमें 1544 श्रमिक उन्नाव जिले के रहने वाले हैं। सभी को क्वारंटीन किया गया है। पंजाब व महाराष्ट्र से आए लोगों को टिकट का किराया नहीं देना पड़ा।
पंजाब के अलग-अलग शहरों में फंसे लोगों को लेकर 24 बोगी की श्रमिक स्पेशल ट्रेन नंबर 04460 गुरुवार रात 10:20 बजे उन्नाव जंक्शन पहुंची। इनमें उन्नाव के 1291 यात्री जंक्शन पर उतरे। सभी को 49 बसों से क्षेत्र के अलग-अलग क्वारंटीन सेंटरों में भेजा गया। पांच घंटे बाद दूसरी ट्रेन नंबर 0199 रात 2:20 बजे से महाराष्ट्र के सतारा स्टेशन से 1440 यात्रियों को लेकर उन्नाव जंक्शन आई। इसमें 56 जिलों के यात्री शामिल थे। जिसमें उन्नाव के 150 यात्री आए। तीसरी ट्रेन नंबर 07619 शुक्रवार दोपहर 12:20 बजे महाराष्ट्र के औरंगाबाद से 47 जिलों के 1634 यात्रियों को लेकर जंक्शन पहुंची। इस ट्रेन में 77 उन्नाव जिले के यात्री थे। 49 बसों से इन सभी को उनके जिले रवाना किया गया।
दो घंटे बाद ट्रेन नंबर 06146 त्रिपुरा से उन्नाव जंक्शन पहुंची। यहां ट्रेन से हरदोई, कानपुर, सीतापुर, रायबरेली जिले के 11 यात्री उतारे गए। बाद में ट्रेन गोरखपुर चली गई। पांचवी ट्रेन नंबर 01986 महाराष्ट्र के कुर्दूवाड़ी स्टेशन से 1676 यात्रियों को लेकर उन्नाव जंक्शन पहुंची। इसमें 26 यात्री उन्नाव के आए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए आरपीएफ प्रभारी श्रीनिवास मिश्रा व कोतवाल दिनेशचंद्र मिश्रा ने यात्रियों को ट्रेन से उतारा और 45 बसों में बिठाने के बाद लंच पैकेट देकर इन यात्रियों सीतापुर, आजमगढ़, बिजनौर, कुशीनगर, लखनऊ, हरदोई, कन्नौज, कानपुर देहात, प्रतापगढ़, बाराबंकी, प्रयागराज गोरखपुर जिलों में भेजा गया।
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गुरुवार रात से शुक्रवार देर शाम तक पांच स्पेशल यात्री ट्रेेनों से 6 हजार से अधिक लोगों के आने से प्रशासन हलकान रहा। इसमें महाराष्ट्र के कुर्दूवाड़ी से चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन को लखनऊ जाना था। लेकिन वहां स्टेशन पर जगह न होने से टर्मिनेट कर गाड़ी को उन्नाव रोका गया। अचानक मैसेज होने से प्रशासन को बसों व लंच पैकेट की व्यवस्था करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह एक साथ पांच यात्री ट्रेनों से हजारों लोगों के आने से बसों में बिठाने के दौरान लोग सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते नजर नहीं आए। गर्मी अधिक होने से यात्रियों के साथ पुलिस व अधिकारी भी परेशान दिखे। दूसरे प्रांतों से श्रमिकों को लेकर आ रही ट्रेनों को प्लेटफार्म नंबर पांच पर रोका जा रहा है। इसके बाद ट्रेन से उतारकर सभी को जीआईसी मैदान में खड़ी बसों में बैठाया जाता है। रेलवे ट्रैक और मैदान जाने वाले ऊंचे-नीचे रास्ते में अंधेरा होने से देर रात को उन्नाव पहुंचे कई लोग गिर गए। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हुई।
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पंजाब के अलग-अलग शहरों में फंसे लोगों को लेकर 24 बोगी की श्रमिक स्पेशल ट्रेन नंबर 04460 गुरुवार रात 10:20 बजे उन्नाव जंक्शन पहुंची। इनमें उन्नाव के 1291 यात्री जंक्शन पर उतरे। सभी को 49 बसों से क्षेत्र के अलग-अलग क्वारंटीन सेंटरों में भेजा गया। पांच घंटे बाद दूसरी ट्रेन नंबर 0199 रात 2:20 बजे से महाराष्ट्र के सतारा स्टेशन से 1440 यात्रियों को लेकर उन्नाव जंक्शन आई। इसमें 56 जिलों के यात्री शामिल थे। जिसमें उन्नाव के 150 यात्री आए। तीसरी ट्रेन नंबर 07619 शुक्रवार दोपहर 12:20 बजे महाराष्ट्र के औरंगाबाद से 47 जिलों के 1634 यात्रियों को लेकर जंक्शन पहुंची। इस ट्रेन में 77 उन्नाव जिले के यात्री थे। 49 बसों से इन सभी को उनके जिले रवाना किया गया।
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दो घंटे बाद ट्रेन नंबर 06146 त्रिपुरा से उन्नाव जंक्शन पहुंची। यहां ट्रेन से हरदोई, कानपुर, सीतापुर, रायबरेली जिले के 11 यात्री उतारे गए। बाद में ट्रेन गोरखपुर चली गई। पांचवी ट्रेन नंबर 01986 महाराष्ट्र के कुर्दूवाड़ी स्टेशन से 1676 यात्रियों को लेकर उन्नाव जंक्शन पहुंची। इसमें 26 यात्री उन्नाव के आए। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए आरपीएफ प्रभारी श्रीनिवास मिश्रा व कोतवाल दिनेशचंद्र मिश्रा ने यात्रियों को ट्रेन से उतारा और 45 बसों में बिठाने के बाद लंच पैकेट देकर इन यात्रियों सीतापुर, आजमगढ़, बिजनौर, कुशीनगर, लखनऊ, हरदोई, कन्नौज, कानपुर देहात, प्रतापगढ़, बाराबंकी, प्रयागराज गोरखपुर जिलों में भेजा गया।
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गुरुवार रात से शुक्रवार देर शाम तक पांच स्पेशल यात्री ट्रेेनों से 6 हजार से अधिक लोगों के आने से प्रशासन हलकान रहा। इसमें महाराष्ट्र के कुर्दूवाड़ी से चली श्रमिक स्पेशल ट्रेन को लखनऊ जाना था। लेकिन वहां स्टेशन पर जगह न होने से टर्मिनेट कर गाड़ी को उन्नाव रोका गया। अचानक मैसेज होने से प्रशासन को बसों व लंच पैकेट की व्यवस्था करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह एक साथ पांच यात्री ट्रेनों से हजारों लोगों के आने से बसों में बिठाने के दौरान लोग सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते नजर नहीं आए। गर्मी अधिक होने से यात्रियों के साथ पुलिस व अधिकारी भी परेशान दिखे। दूसरे प्रांतों से श्रमिकों को लेकर आ रही ट्रेनों को प्लेटफार्म नंबर पांच पर रोका जा रहा है। इसके बाद ट्रेन से उतारकर सभी को जीआईसी मैदान में खड़ी बसों में बैठाया जाता है। रेलवे ट्रैक और मैदान जाने वाले ऊंचे-नीचे रास्ते में अंधेरा होने से देर रात को उन्नाव पहुंचे कई लोग गिर गए। सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को हुई।