{"_id":"666608f77f92c326a5035c2f","slug":"52-crore-proposal-not-approved-this-time-too-we-will-have-to-face-waterlogging-unnao-news-c-221-1-sknp1055-115488-2024-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: 52 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं, इस बार भी झेलना होगा जलभराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: 52 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं, इस बार भी झेलना होगा जलभराव
विज्ञापन
उन्नाव। शहरवासियों को इस बारिश भी जलभराव से निजात मिलती नजर नहीं आ रही है। छले साल जल निगम ने समस्या के निस्तारण के लिए शासन को 52 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा था, जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।
नगर पालिका परिषद उन्नाव में 32 वार्ड हैं। यहां पर करीब 17 बड़े सहित कुल 119 नाले हैं। करीब तीन लाख की आबादी है, जो हर साल बारिश में जलभराव की समस्या से जूझती है। पिछले साल तत्कालीन डीएम अपूर्वा दुबे ने लोगों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए कवायद शुरू की थी। उन्होंने सिंचाई विभाग, जल निगम व नगर पालिका के अधिकारियों से प्रमुख जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वे कराया था।
इसकी जानकारी कराई थी कि जलभराव की समस्या दूर करने के लिए कौन से प्रबंध किए जाएं। इस सर्वे की रिपोर्ट के मिलने के बाद डीएम ने विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वह जलभराव को दूर करने की कार्ययोजना तैयार करें। जिलाधिकारी के निर्देश पर जल निगम के परियोजना प्रबंधक ने 52 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की थी। इस धनराशि से शहर के सबसे बड़े नाले शेखपुर (सिटी ड्रेन) के निर्माण और सफाई कराने सहित अन्य कार्य कराए जाने हैं।
विज्ञापन
जलनिगम की ओर से यह प्रस्ताव विभागीय कार्यालय लखनऊ भेजा गया था। इसके बाद विभाग के मुख्य अभियंता संजय कुमार गौतम ने आगे की कार्रवाई के लिए नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव को पत्र भेजा था। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया और जलभराव की समस्या का निदान फाइलों में ही दबकर रह गया।
मंजूरी मिलने के बाद भी अब काम नहीं हो पाएगा शुरू
अब मानसून आने में ज्यादा समय नहीं रह गया है, ऐसे में यदि बजट जारी भी हो जाता है तो टेंडर आदि प्रक्रिया पूरी करने में एक माह का समय लग जाएगा। फिर बारिश का मौसम आ जाएगा। इससे 52 करोड़ के प्रस्ताव में शामिल किए गए कार्य पूरे नहीं हो पाएंगे। इसी कारण इस बारिश में लोगों को जलभराव तो झेलना ही पड़ेगा।
कोट-- -- -- --
पूर्व डीएम की ओर से कराए गए सर्वे के बाद शेखपुर नाला निर्माण सहित अन्य कामों की जरूरत बताते हुए 52 करोड़ का प्रस्ताव तैयार करके मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया था। इसे अभी मंजूरी नहीं मिल पा रही है। एक बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है। दोबारा फिर से भेजने की तैयारी की जा रही है।
सुनील कुमार सिंह, एक्सईएन जलनिगम।
विज्ञापन
नगर पालिका परिषद उन्नाव में 32 वार्ड हैं। यहां पर करीब 17 बड़े सहित कुल 119 नाले हैं। करीब तीन लाख की आबादी है, जो हर साल बारिश में जलभराव की समस्या से जूझती है। पिछले साल तत्कालीन डीएम अपूर्वा दुबे ने लोगों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए कवायद शुरू की थी। उन्होंने सिंचाई विभाग, जल निगम व नगर पालिका के अधिकारियों से प्रमुख जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वे कराया था।
विज्ञापन
इसकी जानकारी कराई थी कि जलभराव की समस्या दूर करने के लिए कौन से प्रबंध किए जाएं। इस सर्वे की रिपोर्ट के मिलने के बाद डीएम ने विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वह जलभराव को दूर करने की कार्ययोजना तैयार करें। जिलाधिकारी के निर्देश पर जल निगम के परियोजना प्रबंधक ने 52 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की थी। इस धनराशि से शहर के सबसे बड़े नाले शेखपुर (सिटी ड्रेन) के निर्माण और सफाई कराने सहित अन्य कार्य कराए जाने हैं।
विज्ञापन
जलनिगम की ओर से यह प्रस्ताव विभागीय कार्यालय लखनऊ भेजा गया था। इसके बाद विभाग के मुख्य अभियंता संजय कुमार गौतम ने आगे की कार्रवाई के लिए नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव को पत्र भेजा था। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया और जलभराव की समस्या का निदान फाइलों में ही दबकर रह गया।
मंजूरी मिलने के बाद भी अब काम नहीं हो पाएगा शुरू
अब मानसून आने में ज्यादा समय नहीं रह गया है, ऐसे में यदि बजट जारी भी हो जाता है तो टेंडर आदि प्रक्रिया पूरी करने में एक माह का समय लग जाएगा। फिर बारिश का मौसम आ जाएगा। इससे 52 करोड़ के प्रस्ताव में शामिल किए गए कार्य पूरे नहीं हो पाएंगे। इसी कारण इस बारिश में लोगों को जलभराव तो झेलना ही पड़ेगा।
कोट
पूर्व डीएम की ओर से कराए गए सर्वे के बाद शेखपुर नाला निर्माण सहित अन्य कामों की जरूरत बताते हुए 52 करोड़ का प्रस्ताव तैयार करके मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया था। इसे अभी मंजूरी नहीं मिल पा रही है। एक बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है। दोबारा फिर से भेजने की तैयारी की जा रही है।
सुनील कुमार सिंह, एक्सईएन जलनिगम।