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देवरिया गांव के बिजली से रोशन होने की जागी उम्मीद
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गंजमुरादाबाद। तकरीबन तीन हजार की आबादी वाला देवरिया गांव एक दशक बाद अगले हफ्ते बिजली की रोशनी से जगमगा उठेगा। गांव में 25 केवीए का ट्रांसफार्मर लग चुका है। विद्युत पोल लगा दिए गए हैं, अब सिर्फ विद्युत लाइन बिछानी शेष रह गई है।
बल्लापुर मार्ग पर स्थित देवरिया गांव को वर्ष 2009 में बसपा शासनकाल में आंबेडकर ग्राम की श्रेणी में शामिल किया गया था। उसी वर्ष तत्कालीन जिलाधिकारी राजशेखर ने गांव में एक खुली बैठक कर विभागीय अधिकारियों को एक माह के भीतर गांव का विद्युतीकरण करने के आदेश दिए थे। उस समय अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए गांव में दर्जनों विद्युत पोल लगाकर उस पर लाइन भी बिछा दी थी लेकिन ट्रांसफ ार्मर नहीं लगाया जा सका था। कई वर्षों तक ट्रांसफार्मर न लगाने के बाद तेज आंधियों में अधिकांश विद्युत पोल टूटकर धराशायी हो गए और विद्युत लाइनें भी टूट गईं।
करीब दो माह पूर्व ग्राम प्रधान रामकेशन और भाजपा नेता दयाराम कश्यप ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर की। परिणामस्वरूप गांव में जनवरी में पुन: बिजली पहुंचाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई। इससे पूरे गांव में विद्युत पोल लगाए जा चुके हैं और उनमें लाइन बिछाने का काम शेष रह गया है। अगले एक सप्ताह में काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके चलते ग्रामीणों में पुन: बिजली आने की उम्मीद जग गई है।
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बल्लापुर मार्ग पर स्थित देवरिया गांव को वर्ष 2009 में बसपा शासनकाल में आंबेडकर ग्राम की श्रेणी में शामिल किया गया था। उसी वर्ष तत्कालीन जिलाधिकारी राजशेखर ने गांव में एक खुली बैठक कर विभागीय अधिकारियों को एक माह के भीतर गांव का विद्युतीकरण करने के आदेश दिए थे। उस समय अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए गांव में दर्जनों विद्युत पोल लगाकर उस पर लाइन भी बिछा दी थी लेकिन ट्रांसफ ार्मर नहीं लगाया जा सका था। कई वर्षों तक ट्रांसफार्मर न लगाने के बाद तेज आंधियों में अधिकांश विद्युत पोल टूटकर धराशायी हो गए और विद्युत लाइनें भी टूट गईं।
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करीब दो माह पूर्व ग्राम प्रधान रामकेशन और भाजपा नेता दयाराम कश्यप ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री के पोर्टल पर की। परिणामस्वरूप गांव में जनवरी में पुन: बिजली पहुंचाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई। इससे पूरे गांव में विद्युत पोल लगाए जा चुके हैं और उनमें लाइन बिछाने का काम शेष रह गया है। अगले एक सप्ताह में काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके चलते ग्रामीणों में पुन: बिजली आने की उम्मीद जग गई है।
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