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उन्नाव : पांच हजार मृतकों के खाते में जा रही थी वृद्धावस्था पेंशन
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उन्नाव। जिले में पांच हजार मृतकों के खाते में वृद्धावस्था पेंशन भेज दी गई। समाज कल्याण विभाग ने पेंशनार्थियों का सत्यापन कराया तो इसका खुलासा हुआ। विभागीय अधिकारी ने राशि की वापसी के लिए बैंक प्रबंधकों को पत्र भेजा है।
60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को प्रदेश सरकार पेंशन देती है। इसके तहत एक हजार रुपये प्रति माह की दर से हर तिमाही खाते में भेजे जाते हैं। वर्तमान में 1,31,507 बुजुर्ग पेंशन का लाभ ले रहे हैं। दो माह पहले शासन से मिले आदेशों के बाद समाज कल्याण विभाग ने पेंशन लेने वालों का सत्यापन कराया था। इस दौरान पता चला कि पांच हजार ऐसे लाभार्थी हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। परिजनों ने इनकी मृत्यु की जानकारी नहीं दी, इसके कारण पेंशन खाते में जाती रही। विभाग ने संबंधित बैंक शाखा प्रबंधकों को मृतकों के खातों में भेजी गई पेंशन की धनराशि वापस करने के लिए पत्र भेजा है। इसके साथ ही पेंशन मिलने का इंतजार कर रहे तीन हजार आवेदकों को राशि मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है।
खाते में ही पैसा होने से विभाग को राहत
विभाग के लिए राहत की बात ये रही कि जिन मृतकों के खाते में पैसा गया था, वह निकाला नहीं गया। खाते में ही पेेंशन की धनराशि होने से उसे बैंक के माध्यम से वापस लेना आसान है। यदि जालसाजी करके किसी ने पैसा निकाल लिया होता तो विभाग के लिए मुश्किलें खड़ी हो जातीं।
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विभाग समय-समय पर पेंशनार्थियों का सत्यापन कराता है। पूर्व में पेंशनार्थियों का सत्यापन कराया गया था, जिसमें पता चला कि पांच हजार मृतकों के खाते में भी पेंशन भेज दी गई है। इस पर बैंक शाखा प्रबंधकों को पत्र भेजकर धनराशि वापस ली जा रही है। - डॉ. नीलम सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को प्रदेश सरकार पेंशन देती है। इसके तहत एक हजार रुपये प्रति माह की दर से हर तिमाही खाते में भेजे जाते हैं। वर्तमान में 1,31,507 बुजुर्ग पेंशन का लाभ ले रहे हैं। दो माह पहले शासन से मिले आदेशों के बाद समाज कल्याण विभाग ने पेंशन लेने वालों का सत्यापन कराया था। इस दौरान पता चला कि पांच हजार ऐसे लाभार्थी हैं, जिनकी मौत हो चुकी है। परिजनों ने इनकी मृत्यु की जानकारी नहीं दी, इसके कारण पेंशन खाते में जाती रही। विभाग ने संबंधित बैंक शाखा प्रबंधकों को मृतकों के खातों में भेजी गई पेंशन की धनराशि वापस करने के लिए पत्र भेजा है। इसके साथ ही पेंशन मिलने का इंतजार कर रहे तीन हजार आवेदकों को राशि मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है।
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खाते में ही पैसा होने से विभाग को राहत
विभाग के लिए राहत की बात ये रही कि जिन मृतकों के खाते में पैसा गया था, वह निकाला नहीं गया। खाते में ही पेेंशन की धनराशि होने से उसे बैंक के माध्यम से वापस लेना आसान है। यदि जालसाजी करके किसी ने पैसा निकाल लिया होता तो विभाग के लिए मुश्किलें खड़ी हो जातीं।
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विभाग समय-समय पर पेंशनार्थियों का सत्यापन कराता है। पूर्व में पेंशनार्थियों का सत्यापन कराया गया था, जिसमें पता चला कि पांच हजार मृतकों के खाते में भी पेंशन भेज दी गई है। इस पर बैंक शाखा प्रबंधकों को पत्र भेजकर धनराशि वापस ली जा रही है। - डॉ. नीलम सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी।