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अब दिव्यांगजनों को मिलेगी यूनिक आईडी
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:28 AM IST
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उन्नाव। दिव्यांगजनों को अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी प्रमाण पत्र के स्थान पर आधार की तर्ज पर यूनिवर्सल आइडेंटिटी कार्ड (यूआईडी) दिया जाएगा। यूनिक आईडी जारी करने के लिए जिले में नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिया गया है। जल्द ही जांच के बाद नई आईडी जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र दिया जाएगा। पहचान पत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक बार कोड दर्ज होगा। जिसमें दिव्यंाग व्यक्ति का पूरा विवरण होगा। इसके अलावा कार्ड में विकलांगता का प्रकार, प्रतिशत, आईडी नंबर व एक चिप लगी होगी। पहचान पत्र जारी करने के लिए पूरी प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जाएगी।
मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय की ओर से आदेश जारी किया गया है। जिन दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र नहीं जारी किए गए हैं वह भारत सरकार के वेब पोर्टल पर पंजीयन कराएंगे। इसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करेंगे। आवेदक आनलाइन ही प्रमाण पत्र व विशेष पहचान पत्र की कापी ले सकेंगे। काम में तेजी आ सके इसके लिए शासन ने डिप्टी सीएमओ डा. अजीत सिंह को नोडल अधिकारी बनाया है।
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पूरे देश में होगा मान्य
अभी तक जो प्रमाण पत्र स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किया जाता है वह सिर्फ प्रदेश स्तर तक ही मान्य होता है। नया पहचान पत्र पूरे देश में मान्य होगा। सीएमओ डा. लालता प्रसाद के अनुसार नई प्रक्रिया में आवेदन होने के बाद दिव्यांग व्यक्ति का पूरा डाटा पोर्टल पर दर्ज हो जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से नामित कंपनी एक कार्ड जारी करेगी।
जनसेवा केंद्र से करा सकेंगे पंजीयन
नई व्यवस्था में दिव्यांग व्यक्ति आईडी के लिए पंजीयन जनसेवा केंद्र से करा सकेंगे। पंजीयन के लिए उन्हें आधार कार्ड नंबर समेत निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
-चिप युक्त होगा पहचान कार्ड, कार्ड पर दर्ज होगा पूरा ब्योरा
-सरकारी योजनाओं में धांधली रोकने में भी मिलेगी मदद
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दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से दिव्यांगजनों को विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र दिया जाएगा। पहचान पत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक बार कोड दर्ज होगा। जिसमें दिव्यंाग व्यक्ति का पूरा विवरण होगा। इसके अलावा कार्ड में विकलांगता का प्रकार, प्रतिशत, आईडी नंबर व एक चिप लगी होगी। पहचान पत्र जारी करने के लिए पूरी प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जाएगी।
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मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय की ओर से आदेश जारी किया गया है। जिन दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र नहीं जारी किए गए हैं वह भारत सरकार के वेब पोर्टल पर पंजीयन कराएंगे। इसके बाद मुख्य चिकित्साधिकारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करेंगे। आवेदक आनलाइन ही प्रमाण पत्र व विशेष पहचान पत्र की कापी ले सकेंगे। काम में तेजी आ सके इसके लिए शासन ने डिप्टी सीएमओ डा. अजीत सिंह को नोडल अधिकारी बनाया है।
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पूरे देश में होगा मान्य
अभी तक जो प्रमाण पत्र स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किया जाता है वह सिर्फ प्रदेश स्तर तक ही मान्य होता है। नया पहचान पत्र पूरे देश में मान्य होगा। सीएमओ डा. लालता प्रसाद के अनुसार नई प्रक्रिया में आवेदन होने के बाद दिव्यांग व्यक्ति का पूरा डाटा पोर्टल पर दर्ज हो जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से नामित कंपनी एक कार्ड जारी करेगी।
जनसेवा केंद्र से करा सकेंगे पंजीयन
नई व्यवस्था में दिव्यांग व्यक्ति आईडी के लिए पंजीयन जनसेवा केंद्र से करा सकेंगे। पंजीयन के लिए उन्हें आधार कार्ड नंबर समेत निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
-चिप युक्त होगा पहचान कार्ड, कार्ड पर दर्ज होगा पूरा ब्योरा
-सरकारी योजनाओं में धांधली रोकने में भी मिलेगी मदद