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जिंदा को कागजों में मृत दर्शा बंद कर दी विधवा पेंशन
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बिछिया। जीवित महिला को मृत दिखाकर उसकी विधवा पेंशन बंद कर दी गई। महिला पिछले एक साल से खुद को जिंदा साबित करने और पेंशन चालू कराने के लिए जिला व ब्लाक अधिकारियों के चक्कर लगा रही है।
ब्लॉक के गांव झब्बाखेड़ा मजरे तारगांव निवासिनी बिटोला पत्नी स्व. रामसजीवन की पेंशन जनवरी 2017 को बंद कर दी गई थी। उसने जब ब्लॉक में जानकारी की तो पता चला कि वह कागजों पर मृत दिखाई जा चुकी है। पेंशन बंद होने से बिटोला के परिवार को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है।
उसने बताया कि पेंशन को लेकर कई बार जिलाधिकारी से लेकर ब्लाक अधिकारियों तक को लिखित शिकायतीपत्र दिया लेकिन इसके बाद भी पेंशन शुरू नहीं हो सकी है। एडीओ समाजकल्याण विनोद शुक्ला ने बताया कि गांव में पेंशन सर्वे की जांच में इसे मृत दिखाकर सूची जिले पर भेज दी गई थी। अब फिर से उसका आवेदन लेकर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की गई है।
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-एक साल से खुद को जिंदा साबित करने के लिए अफसरों के चक्कर
-पेंशन बंद होने से आर्थिक संकट से जूझ रहा बिटोला का परिवार
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ब्लॉक के गांव झब्बाखेड़ा मजरे तारगांव निवासिनी बिटोला पत्नी स्व. रामसजीवन की पेंशन जनवरी 2017 को बंद कर दी गई थी। उसने जब ब्लॉक में जानकारी की तो पता चला कि वह कागजों पर मृत दिखाई जा चुकी है। पेंशन बंद होने से बिटोला के परिवार को आर्थिक संकट से गुजरना पड़ रहा है।
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उसने बताया कि पेंशन को लेकर कई बार जिलाधिकारी से लेकर ब्लाक अधिकारियों तक को लिखित शिकायतीपत्र दिया लेकिन इसके बाद भी पेंशन शुरू नहीं हो सकी है। एडीओ समाजकल्याण विनोद शुक्ला ने बताया कि गांव में पेंशन सर्वे की जांच में इसे मृत दिखाकर सूची जिले पर भेज दी गई थी। अब फिर से उसका आवेदन लेकर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की गई है।
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-एक साल से खुद को जिंदा साबित करने के लिए अफसरों के चक्कर
-पेंशन बंद होने से आर्थिक संकट से जूझ रहा बिटोला का परिवार