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Unnao News: बंद होने आदेश होते ही बाजार में दिखा 2000 का नोट
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संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। दो हजार के नोट चलन से बाहर करने की घोषणा होते ही लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। पहले ही दिन इसका असर नजर आया। अब तक बाजार में न दिखने वाला 2000 रुपये का नोट आज फिर लोगों के हाथ में दिखना शुरू हो गया। लोगों ने खरीदारी में इन नोटों के जरिए लेनदेन किया। नोट बंदी से जहां आम लोग कोई परेशानी न होने की बात कह रहे हैं वहीं, व्यापारियों का कहना है कि ज्यादातर व्यापार ऑनलाइन या चेक के माध्यम से हो रहा है। इससे इस बार दो हजार के नोट की बंदी से कोई परेशानी नहीं होगी। उद्यमी भी कोई कच्चा माल खरीदने और उत्पादन में इस नोट की बंदी से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लोगों में चर्चा है कि इससे केवल वही लोग परेशान होंगे जो आयकर और जीएसटी बचाने के लिए नकद कारोबार करते हैं।
अच्छा कदम, घटेगी महंगाई
जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने सरकार के इस कदम की सराहना की। बताया कि इससे आम आदमी और व्यापारी को कोई परेशानी नहीं होगी। बताया कि सात साल पहले जब 1000 और 500 के नोट बंद हुए थे उसके बाद से ज्यादातर व्यापार ऑनलाइन और चेक के माध्यम से ही हो रहा है। बताया कि सरकार का यह फैसला सही है। इससे काला धन बाहर आएगा। महंगाई पर भी अंकुश लगेगा।
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बाजार में बढ़ेगी नगदी और व्यापार
उद्यमी संजय राठी ने बताया कि सरकार का यह कदम सराहनीय है। बताया कि 2000 के नोट पहले से ही चलन से बाहर होने जैसी ही। बैंकों ने कई साल से यह नोट सिर्फ जमा किए हैं, भुगतान के प्रचलन में लाया गया। एटीएम में भी 500 से ऊपर का नोट नहीं निकला। बताया कि सरकार के फैसले से एक बार फिर बाजार में फिर फ्लो आएगा। जिन लोगों के पास 2000 के नोट कम मात्रा में हैं वह बाजार में अपनी आवश्यकता अनुसार खरीदारी करके खपाएंगे और जिनके पास ज्यादा नोट हैं वह जमीन, जेवर आदि में खर्च करेंगे।
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उद्यमियों को कोई परेशानी नहीं
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जीएन मिश्रा ने बताया कि आरबीआई का यह फैसला स्वागत योग्य है। इससे जिन लोगों ने अपने काले धन को 2000 के नोट में बदलकर सहेज लिया था वह भी अब बाहर आ जाएगा। बताया कि कई साल से नोट बहुत ज्यादा चलन में न होने से उद्योग और उद्यमियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बल्कि इससे कुछ लोगों द्वारा दबाकर रखी गई करेंसी बाजार में लौट आएगी। बताया कि कई साल से व्यापारिक लेनदेन में इस नोट का चलन नही है।
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लोगों ने शुरू कर दी खरीदारी
सराफा व्यापारी शिशिर गुप्ता ने बताया कि दो हजार का नोट लंबे ज्यादा चलन में नहीं है। अबतक खरीदारी में बहुत कम लोग इन नोट का प्रयोग करते थे। बताया कि दो हजार कीमत के नोट वापसी के फैसले के पहले ही कई लोग खरीदारी के लिए दो हजार के नोट लेकर आने लगे हैं। बताया कि जिन लोगों के पास दो हजार के नोट हैं वह अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी और बाकी बची रकम को बैंक से बदलने या खाते में जमा करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरबीआई के इस कदम से सराफा बाजार में खुशी है।
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कुछ नोट हैं, बदल लेंगेदुपरापुर मोहल्ला निवासी प्रीती शर्मा ने बताया कि फैसला सही है। इससे वह काला धन बाहर आएगा जिसके लिए केंद्र सरकार प्रयास कर रही है। बताया कि उन्होंने आपात स्थिति के लिए तीस नोट अलमारी में रख रखे थे। उन्हें निकाल कर खाते में जमा कर देंगे।
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मध्यम वर्ग को कोई परेशानी नहीं
एबी नगर निवासी कमलदीप सिंह ने बताया कि सरकार के इस प्रयास से बचा हुआ काला धन भी बैंकों में पहुंच जाएगा। इससे आर्थिक भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। बताया कि हम जैसे आम लोग नहीं, परेशानी उन्हें होगी जिन्हों ढेरों गड्डियां दबाकर रखी हैं।
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भरना होगा फार्म, दिखाना होगा पहचान पत्र
बैंक में 2000 रुपये बदलने के लिए एक आवेदन फार्म भरना होगा। साथ ही कोई पहचान पत्र भी दिखाना होगा। इसमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, मनरेगा जॉब कार्ड आदि।
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खास बातें
2000 के सभी नोट 30 सितंबर तक वैध रहेंगे।
कोई भी व्यक्ति नोट अपने बैंक खाते में जमा कर सकता है।
23 मई से किसी भी बैंक में जाकर नोटों को बदलवा सकते हैं।
कोई भी व्यक्ति एक बार में दस नोट (बीस हजार रुपये) बदल सकेगा।
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एलडीएम ने बैंकों जारी किए निर्देश
एलडीएम (अग्रणी जिला प्रबंधक) सुनील कुमार ने सभी बैंकों के जिला समन्वयकों और प्रबंधकों को पत्र जारी किया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी बैंक अपने एटीएम में पर्याप्त कैश रखें। निर्धारित समय तक सभी एटीएम खुले रखे जाएं। बैंकों में जमा-निकासी के सभी काउंटर पूरे कार्यावधि में सक्रिय रखे जाएं। आवश्यकता होने पर नोट बदलने के काउंटर बढ़ाए जाएं।
एलडीएम ने बताया कोई भी दुकानदार या व्यापारी
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उन्नाव। दो हजार के नोट चलन से बाहर करने की घोषणा होते ही लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। पहले ही दिन इसका असर नजर आया। अब तक बाजार में न दिखने वाला 2000 रुपये का नोट आज फिर लोगों के हाथ में दिखना शुरू हो गया। लोगों ने खरीदारी में इन नोटों के जरिए लेनदेन किया। नोट बंदी से जहां आम लोग कोई परेशानी न होने की बात कह रहे हैं वहीं, व्यापारियों का कहना है कि ज्यादातर व्यापार ऑनलाइन या चेक के माध्यम से हो रहा है। इससे इस बार दो हजार के नोट की बंदी से कोई परेशानी नहीं होगी। उद्यमी भी कोई कच्चा माल खरीदने और उत्पादन में इस नोट की बंदी से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। लोगों में चर्चा है कि इससे केवल वही लोग परेशान होंगे जो आयकर और जीएसटी बचाने के लिए नकद कारोबार करते हैं।
अच्छा कदम, घटेगी महंगाई
जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने सरकार के इस कदम की सराहना की। बताया कि इससे आम आदमी और व्यापारी को कोई परेशानी नहीं होगी। बताया कि सात साल पहले जब 1000 और 500 के नोट बंद हुए थे उसके बाद से ज्यादातर व्यापार ऑनलाइन और चेक के माध्यम से ही हो रहा है। बताया कि सरकार का यह फैसला सही है। इससे काला धन बाहर आएगा। महंगाई पर भी अंकुश लगेगा।
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बाजार में बढ़ेगी नगदी और व्यापार
उद्यमी संजय राठी ने बताया कि सरकार का यह कदम सराहनीय है। बताया कि 2000 के नोट पहले से ही चलन से बाहर होने जैसी ही। बैंकों ने कई साल से यह नोट सिर्फ जमा किए हैं, भुगतान के प्रचलन में लाया गया। एटीएम में भी 500 से ऊपर का नोट नहीं निकला। बताया कि सरकार के फैसले से एक बार फिर बाजार में फिर फ्लो आएगा। जिन लोगों के पास 2000 के नोट कम मात्रा में हैं वह बाजार में अपनी आवश्यकता अनुसार खरीदारी करके खपाएंगे और जिनके पास ज्यादा नोट हैं वह जमीन, जेवर आदि में खर्च करेंगे।
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उद्यमियों को कोई परेशानी नहीं
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष जीएन मिश्रा ने बताया कि आरबीआई का यह फैसला स्वागत योग्य है। इससे जिन लोगों ने अपने काले धन को 2000 के नोट में बदलकर सहेज लिया था वह भी अब बाहर आ जाएगा। बताया कि कई साल से नोट बहुत ज्यादा चलन में न होने से उद्योग और उद्यमियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बल्कि इससे कुछ लोगों द्वारा दबाकर रखी गई करेंसी बाजार में लौट आएगी। बताया कि कई साल से व्यापारिक लेनदेन में इस नोट का चलन नही है।
लोगों ने शुरू कर दी खरीदारी
सराफा व्यापारी शिशिर गुप्ता ने बताया कि दो हजार का नोट लंबे ज्यादा चलन में नहीं है। अबतक खरीदारी में बहुत कम लोग इन नोट का प्रयोग करते थे। बताया कि दो हजार कीमत के नोट वापसी के फैसले के पहले ही कई लोग खरीदारी के लिए दो हजार के नोट लेकर आने लगे हैं। बताया कि जिन लोगों के पास दो हजार के नोट हैं वह अपनी जरूरत के अनुसार खरीदारी और बाकी बची रकम को बैंक से बदलने या खाते में जमा करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरबीआई के इस कदम से सराफा बाजार में खुशी है।
कुछ नोट हैं, बदल लेंगेदुपरापुर मोहल्ला निवासी प्रीती शर्मा ने बताया कि फैसला सही है। इससे वह काला धन बाहर आएगा जिसके लिए केंद्र सरकार प्रयास कर रही है। बताया कि उन्होंने आपात स्थिति के लिए तीस नोट अलमारी में रख रखे थे। उन्हें निकाल कर खाते में जमा कर देंगे।
मध्यम वर्ग को कोई परेशानी नहीं
एबी नगर निवासी कमलदीप सिंह ने बताया कि सरकार के इस प्रयास से बचा हुआ काला धन भी बैंकों में पहुंच जाएगा। इससे आर्थिक भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। बताया कि हम जैसे आम लोग नहीं, परेशानी उन्हें होगी जिन्हों ढेरों गड्डियां दबाकर रखी हैं।
भरना होगा फार्म, दिखाना होगा पहचान पत्र
बैंक में 2000 रुपये बदलने के लिए एक आवेदन फार्म भरना होगा। साथ ही कोई पहचान पत्र भी दिखाना होगा। इसमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, मनरेगा जॉब कार्ड आदि।
खास बातें
2000 के सभी नोट 30 सितंबर तक वैध रहेंगे।
कोई भी व्यक्ति नोट अपने बैंक खाते में जमा कर सकता है।
23 मई से किसी भी बैंक में जाकर नोटों को बदलवा सकते हैं।
कोई भी व्यक्ति एक बार में दस नोट (बीस हजार रुपये) बदल सकेगा।
एलडीएम ने बैंकों जारी किए निर्देश
एलडीएम (अग्रणी जिला प्रबंधक) सुनील कुमार ने सभी बैंकों के जिला समन्वयकों और प्रबंधकों को पत्र जारी किया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी बैंक अपने एटीएम में पर्याप्त कैश रखें। निर्धारित समय तक सभी एटीएम खुले रखे जाएं। बैंकों में जमा-निकासी के सभी काउंटर पूरे कार्यावधि में सक्रिय रखे जाएं। आवश्यकता होने पर नोट बदलने के काउंटर बढ़ाए जाएं।
एलडीएम ने बताया कोई भी दुकानदार या व्यापारी