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कपूरपुर में बुखार से अधेड़ की मौत
Updated Wed, 23 Aug 2017 12:31 AM IST
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गंजमुरादाबाद। नगर से दो किमी दूर स्थित ग्राम कपूरपुर में बुखार से एक और अधेड़ की मौत हो गई। एक पखवारे में गांव में बुखार से मरने वालों की संख्या तीन हो चुकी है। जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों का उपचार चल रहा है। क्षेत्र के कपूरपुर गांव में सफाई न होने से संक्रामक बीमारियों ने पैर पसारा हैं। संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने से कमलेश कुमार (40) पुत्र भग्गू की तीन दिन पूर्व तबियत बिगड़ गई थी।
इलाज के लिए कानपुर हैलट में भर्ती कराया गया था। उपचार दौरान उसकी हैलट में मौत हो गई। इससे पूर्व इसी गांव में रहने वाले धनीराम (50) की 7 अगस्त को बुखार से मौत हो गई थी। वहीं दो दिन पूर्व ग्राम पंचायत के मजरा पंपापुर में सरजू प्रसाद (41) पुत्र भिखारी की भी बुखार ने जान ले ली थी। गांव में तीन लोगों की बुखार से मौत के बाद ग्रामीण दहशत में हैं। ग्राम प्रधान पुत्र राजेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में दवा का छिड़काव कराने की मांग की है।
उन्नाव। जिले में स्वाइन फ्लू का कहर जारी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक सात लोग स्वाइन फ्लू की चपेट में आ चुके हैं। जबकि दो की मौत हो चुकी है। स्वाइन फ्लू से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ता देख स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड़ पर आ गया है। विभाग ने एडवांस में ही 3000 टेमीफ्लू की टेबलेट का आर्डर भेज दिया है। डेंगू की जांच के लिए सरकारी अस्पतालों में जांच किट भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गई हैं।
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सीएमओ डा. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सरकारी अस्पताल के साथ सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फीवर हेल्प डेस्क की स्थापना की जा चुकी है। मलेरिया विभाग हर रोज शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कर उन लोगों को नोटिस थमा रहा है जिनके घर या आसपास डेंगू के मच्छर पलने की संभावना मिल रही है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में आईसोलेशन वार्ड पूरी तरह से तैयार है।
स्वाइन फ्लू के मरीज मिलते ही संक्रामक रोग नियंत्रण विभाग की टीम को पीड़ित के घर भेजा जा रहा है। जहां मरीज के संपर्क में रहने वाले लोगों को टेमीफ्लू की दवा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में सात लोग स्वाइन फ्लू, आठ लोग डेंगू, नौ लोग मलेरिया, एक चिकनगुनिया व एक जेई की चपेट में हैं। उन्होंने बताया कि जिले भर में डेंगू की रोकथाम के लिए 2337 पात्रों की जांच की गई। जहां डेंगू के लार्वा मिलने पर 180 लोगों को नोटिस भी दी गई है।
-एक दर्जन से अधिक लोगों का चल रहा उपचार
-एक पखवारे में बुखार से हुई तीसरी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
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इलाज के लिए कानपुर हैलट में भर्ती कराया गया था। उपचार दौरान उसकी हैलट में मौत हो गई। इससे पूर्व इसी गांव में रहने वाले धनीराम (50) की 7 अगस्त को बुखार से मौत हो गई थी। वहीं दो दिन पूर्व ग्राम पंचायत के मजरा पंपापुर में सरजू प्रसाद (41) पुत्र भिखारी की भी बुखार ने जान ले ली थी। गांव में तीन लोगों की बुखार से मौत के बाद ग्रामीण दहशत में हैं। ग्राम प्रधान पुत्र राजेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में दवा का छिड़काव कराने की मांग की है।
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उन्नाव। जिले में स्वाइन फ्लू का कहर जारी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में अब तक सात लोग स्वाइन फ्लू की चपेट में आ चुके हैं। जबकि दो की मौत हो चुकी है। स्वाइन फ्लू से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ता देख स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड़ पर आ गया है। विभाग ने एडवांस में ही 3000 टेमीफ्लू की टेबलेट का आर्डर भेज दिया है। डेंगू की जांच के लिए सरकारी अस्पतालों में जांच किट भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दी गई हैं।
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सीएमओ डा. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि सरकारी अस्पताल के साथ सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फीवर हेल्प डेस्क की स्थापना की जा चुकी है। मलेरिया विभाग हर रोज शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कर उन लोगों को नोटिस थमा रहा है जिनके घर या आसपास डेंगू के मच्छर पलने की संभावना मिल रही है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में आईसोलेशन वार्ड पूरी तरह से तैयार है।
स्वाइन फ्लू के मरीज मिलते ही संक्रामक रोग नियंत्रण विभाग की टीम को पीड़ित के घर भेजा जा रहा है। जहां मरीज के संपर्क में रहने वाले लोगों को टेमीफ्लू की दवा दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में सात लोग स्वाइन फ्लू, आठ लोग डेंगू, नौ लोग मलेरिया, एक चिकनगुनिया व एक जेई की चपेट में हैं। उन्होंने बताया कि जिले भर में डेंगू की रोकथाम के लिए 2337 पात्रों की जांच की गई। जहां डेंगू के लार्वा मिलने पर 180 लोगों को नोटिस भी दी गई है।
-एक दर्जन से अधिक लोगों का चल रहा उपचार
-एक पखवारे में बुखार से हुई तीसरी मौत
अमर उजाला ब्यूरो