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दुधारु पशुओं की नस्ल सुधार कर बढ़ सकती है पशुपालकों की आय
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पाटन। दुधारू पशुओं की नस्ल सुधार कर बेहतर दुग्ध उत्पादन किया जा सकता है। समय-समय पर चिकित्सकों द्वारा जानवरों का परीक्षण व समुचित इलाज भी पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो सकता है। यह जानकारी बाबा सहस्रलिंगेश्वर एवं मोहब्बतशाह बाबा की मजार पर चल रहे तकिया मेले में जिला कृषि अधिकारी अतींद्र सिंह ने दी।
जिला कृषि रक्षाधिकारी डा. सत्येंद्र सिंह ने कहा कि बेहतर कृषि उपज के लिए नियमित रखरखाव व जानकारी अत्यावश्यक है। किसानों को सही जानकारी न होने से फसल की पैदावार में गिरावट आ जाती है। किसानों को चाहिए कि वह अपने निकट के कृषि रक्षा इकाई केंद्र पर सलाह ले।
पशुपालन विभाग से डा. अखिलेश ने पशुओं में होने वाली बीमारियों की जानकारी दी। किसानों को सीएसए के कृषि वैज्ञानिक डा. वाईके यादव व डा. महेक सिंह ने भी संबोधित किया। राजकीय कृषि बीज भंडार बीघापुर के अमित कटियार व पाटन के हरेंद्र सिंह ने भी अपने विचार रखे।
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- तकिया मेले में किसानों और पशुपालकों को दी गई जानकारी
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जिला कृषि रक्षाधिकारी डा. सत्येंद्र सिंह ने कहा कि बेहतर कृषि उपज के लिए नियमित रखरखाव व जानकारी अत्यावश्यक है। किसानों को सही जानकारी न होने से फसल की पैदावार में गिरावट आ जाती है। किसानों को चाहिए कि वह अपने निकट के कृषि रक्षा इकाई केंद्र पर सलाह ले।
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पशुपालन विभाग से डा. अखिलेश ने पशुओं में होने वाली बीमारियों की जानकारी दी। किसानों को सीएसए के कृषि वैज्ञानिक डा. वाईके यादव व डा. महेक सिंह ने भी संबोधित किया। राजकीय कृषि बीज भंडार बीघापुर के अमित कटियार व पाटन के हरेंद्र सिंह ने भी अपने विचार रखे।
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- तकिया मेले में किसानों और पशुपालकों को दी गई जानकारी