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सूखा प्रभावित किसानों को मिलेंगे 1 करोड़ 62 लाख रुपये
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 08 Apr 2015 11:36 PM IST
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उन्नाव। खरीफ सीजन में सूखे से हुए नुकसान पर जल्द बीमा फसल का ‘मरहम’ लगने की उम्मीद है। बीमा कंपनी ने एक सप्ताह में फसलों की बीमा संबंधी धनराशि के बैंकों में भेजे जाने की बात कही है। ऐसे में हजारों किसानों को सूखे की मार से हुए नुकसान की कुछ भरपाई होने की आस जग गई है।
खरीफ सीजन में बीमा कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने 10112 किसानों की फसलों का बीमा किया था। इस दौरान बैंकों ने फसल बीमा का एक करोड़ 9 लाख 30 हजार 586 रुपये का प्रीमियम वसूलकर बीमा कंपनी को भेजा था। जानकारों की मानें तो सूखा पिछले साल जून/जुलाई माह में पड़ा था।
उस समय शासन ने जिला प्रशासन को सूखे से हुए नुकसान का सर्वे कराने का आदेश दिया था। बीमा कंपनी ने भी जिला प्रशासन के कर्मचारियों के साथ मिलकर गांववार सर्वे किया था। सूत्रों की मानेें तो बीमा कंपनी फसल बीमा का जो पैसा देने जा रही है वह क्राप कटिंग के आधार पर बताया जा रहा है।
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जानकारों की मानें तो क्राप कटिंग उस समय की जाती है जब नुकसान 50 प्रतिशत से कम हो। इसी आधार पर सर्वे हुआ और मात्र एक करोड़ 62 लाख रुपये ही जारी किए। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के जिला प्रभारी विनय गुप्ता ने बताया कि सूखे के दौरान जो नुकसान हुआ था उस आधार पर कंपनी ने 1 करोड़ 62 लाख रुपये देने की बात कही है। एक सप्ताह में यह पैसा संबंधित बैंकों को भेज दिया जाएगा। बैंक किसानों के खातों में धनराशि भेजेगी। प्रभारी के मुताबिक, 10 दिन में किसानों के खातों में पैसा पहुंचने की उम्मीद है।
शासन ने दिखाया ठेंगा, बीमा कंपनी पोंछेंगी आंसू
उन्नाव। वर्ष 2014 में खरीफ सीजन में भीषण सूखा पड़ा था। धान व अन्य फसलें पूरी तरह से चौपट हो गई थीं। शासन के आदेश पर जिला प्रशासन ने सूखे से हुए नुकसान का सर्वे कराया था। इसके बाद डीएम की ओर से शासन को जो रिपोर्ट भेजी गई उसमें 4526.83 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के लिए मांगे गए थे। रिपोर्ट में 64669 हेक्टेअर में बोई गई फसलों को नुकसान पहुंचना दिखाया गया था।
सूखे से लगभग सात हजार किसान प्रभावित बताए गए थे। कलेक्ट्रेट सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट अगस्त/सितंबर माह में शासन को भेजी गई थी। तबसे आज तक लगभग सात माह बीतने को हैं और प्रदेश सरकार ने सूखे से राहत देने के लिए मांगे गए 45 करोड़ रुपये में से एक भी पैसा नहीं दिया है। मुआवजे की आस में किसानों की आंखें पथरा गईं।
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खरीफ सीजन में बीमा कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने 10112 किसानों की फसलों का बीमा किया था। इस दौरान बैंकों ने फसल बीमा का एक करोड़ 9 लाख 30 हजार 586 रुपये का प्रीमियम वसूलकर बीमा कंपनी को भेजा था। जानकारों की मानें तो सूखा पिछले साल जून/जुलाई माह में पड़ा था।
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उस समय शासन ने जिला प्रशासन को सूखे से हुए नुकसान का सर्वे कराने का आदेश दिया था। बीमा कंपनी ने भी जिला प्रशासन के कर्मचारियों के साथ मिलकर गांववार सर्वे किया था। सूत्रों की मानेें तो बीमा कंपनी फसल बीमा का जो पैसा देने जा रही है वह क्राप कटिंग के आधार पर बताया जा रहा है।
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जानकारों की मानें तो क्राप कटिंग उस समय की जाती है जब नुकसान 50 प्रतिशत से कम हो। इसी आधार पर सर्वे हुआ और मात्र एक करोड़ 62 लाख रुपये ही जारी किए। रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी के जिला प्रभारी विनय गुप्ता ने बताया कि सूखे के दौरान जो नुकसान हुआ था उस आधार पर कंपनी ने 1 करोड़ 62 लाख रुपये देने की बात कही है। एक सप्ताह में यह पैसा संबंधित बैंकों को भेज दिया जाएगा। बैंक किसानों के खातों में धनराशि भेजेगी। प्रभारी के मुताबिक, 10 दिन में किसानों के खातों में पैसा पहुंचने की उम्मीद है।
शासन ने दिखाया ठेंगा, बीमा कंपनी पोंछेंगी आंसू
उन्नाव। वर्ष 2014 में खरीफ सीजन में भीषण सूखा पड़ा था। धान व अन्य फसलें पूरी तरह से चौपट हो गई थीं। शासन के आदेश पर जिला प्रशासन ने सूखे से हुए नुकसान का सर्वे कराया था। इसके बाद डीएम की ओर से शासन को जो रिपोर्ट भेजी गई उसमें 4526.83 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के लिए मांगे गए थे। रिपोर्ट में 64669 हेक्टेअर में बोई गई फसलों को नुकसान पहुंचना दिखाया गया था।
सूखे से लगभग सात हजार किसान प्रभावित बताए गए थे। कलेक्ट्रेट सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट अगस्त/सितंबर माह में शासन को भेजी गई थी। तबसे आज तक लगभग सात माह बीतने को हैं और प्रदेश सरकार ने सूखे से राहत देने के लिए मांगे गए 45 करोड़ रुपये में से एक भी पैसा नहीं दिया है। मुआवजे की आस में किसानों की आंखें पथरा गईं।