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Sultanpur News: किताबों की दुनिया में युवा गढ़ रहे कामयाबी की कहानी
Sun, 27 Sep 2026 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sun, 27 Sep 2026 12:47 AM IST
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करौंदीकला। बीबीपुर तिवारी गांव में नारायण ज्ञान धाम पुस्तकालय आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त किताबें दे रहा है। यह संस्थान बच्चों के सपनों को पंख लगाने का काम कर रहा है। यहां केजी से लेकर आईएएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं तक की तैयारी के लिए पुस्तकें उपलब्ध हैं।
नारायण ज्ञान धाम में 10 हजार से अधिक पुस्तकें मौजूद हैं। इसकी स्थापना 15 फरवरी 2019 को हुई थी। पूर्व पुलिस महानिरीक्षक भागवत प्रसाद त्रिपाठी ने इसे स्थापित किया था। उनका उद्देश्य था कि आर्थिक तंगी बच्चों की पढ़ाई में बाधा न बने। विद्यार्थी अपनी जरूरत के अनुसार यहां से किताबें लेकर अध्ययन करते हैं। पुस्तकालय क्षेत्र के बच्चों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन गया है।
बच्चों ने हासिल की सफलता
इस पुस्तकालय से पढ़ाई कर कई बच्चों ने सफलता पाई है। बीबीपुर तिवारी गांव के चंदन ने यहीं तैयारी कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में स्थान बनाया। कई विद्यार्थियों ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। जौनपुर जिले के बसौली गांव निवासी अंकित यादव ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) में सफलता हासिल की। संस्थापक बीपी त्रिपाठी ने कहा कि किताब के अभाव में कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे। जल्द ही यहां कंप्यूटर भी लगाए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी और डिजिटल ज्ञान मिलेगा। (संवाद)
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नारायण ज्ञान धाम में 10 हजार से अधिक पुस्तकें मौजूद हैं। इसकी स्थापना 15 फरवरी 2019 को हुई थी। पूर्व पुलिस महानिरीक्षक भागवत प्रसाद त्रिपाठी ने इसे स्थापित किया था। उनका उद्देश्य था कि आर्थिक तंगी बच्चों की पढ़ाई में बाधा न बने। विद्यार्थी अपनी जरूरत के अनुसार यहां से किताबें लेकर अध्ययन करते हैं। पुस्तकालय क्षेत्र के बच्चों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन गया है।
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बच्चों ने हासिल की सफलता
इस पुस्तकालय से पढ़ाई कर कई बच्चों ने सफलता पाई है। बीबीपुर तिवारी गांव के चंदन ने यहीं तैयारी कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में स्थान बनाया। कई विद्यार्थियों ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। जौनपुर जिले के बसौली गांव निवासी अंकित यादव ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) में सफलता हासिल की। संस्थापक बीपी त्रिपाठी ने कहा कि किताब के अभाव में कोई बच्चा पढ़ाई से वंचित न रहे। जल्द ही यहां कंप्यूटर भी लगाए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को तकनीकी और डिजिटल ज्ञान मिलेगा। (संवाद)
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