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Sultanpur News: नहरों में नहीं आ रहा पानी, कैसे हो खेती-किसानी
Thu, 14 Nov 2024 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 14 Nov 2024 12:23 AM IST
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सूखी पड़ी नहर
सुल्तानपुर। सिंचाई के समय नहरों में धूल उड़ रही है। किसानों को इस समय गेहूं की बोआई के लिए पानी की जरूरत है। पानी न मिलने से बोआई पिछड़ेगी तो फसल उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। ऐसे में किसानों को मजबूरन निजी नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सिल्ट सफाई के कारण नहरों में पानी नहीं है। 15 दिसंबर के बाद पानी छोड़ा जाएगा।
जिले में सिंचाई का प्रमुख साधन नहर हैं। बल्दीराय, धनपतगंज, कूरेभार, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, कादीपुर, अखंडनगर व दोस्तपुर में सिंचाई खंड-16 के अंतर्गत नहर व माइनर का संचालन किया जा रहा है। कुड़वार क्षेत्र में सिंचाई खंड-49, दूबेपुर, धम्मौर, भदैंया, लंभुआ व पीपी कमैचा में सिंचाई खंड के अंतर्गत नहर व माइनर का संचालन हो रहा है। धान की कटाई चल रही है। अधिकांश किसानों ने धान की कटाई भी कर ली है। ऐसे में किसानों को धान के खेत में गेहूं की बोआई के लिए पानी की जरूरत है। पानी न मिलने से गेहूं, चना, मटर, बरसीम व सरसों आदि फसलों की बोआई प्रभावित है। किसानों की परेशानी पर विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
किसान कर रहे पानी का इंतजार
द्वारिकागंज (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के मिरदासपुर, भरथीपुर, भटपुरा, सुदनापुर, सोनारा, उमरी, कौडि़यावां, लोकेपुर, ऐनपुर, पूरे अनंतराम, सरैया, वैदहा, अलहदादपुर, रामचंद्रपुर, पलिया, बनमई व दर्जीपुर समेत दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान नहर के भरोसे खेती करते हैं। इस समय नहरों में पानी न होने से उनकी खेती का कार्य चौपट हो रहा है। चना, मटर, मसूर, आलू, लहसुन, सरसों व गेहूं आदि की बोआई का काम पिछड़ रहा है। खेतों में नमी नहीं होने से किसान दिन भर नहर में पानी आने का इंतजार करते हैं। अखिलेश कुमार सिंह, विमलेश, प्रकाश चंद्र उपाध्याय व सत्यदेव आदि किसानों का मानना है कि साधन संपन्न किसान निजी नलकूपों से सिंचाई करने के बाद बोआई कर लेते हैं। मंझोले व छोटे किसान पानी के लिए महंगे संसाधनों का प्रयोग करने में हिचकिचाते हैं।
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15 दिसंबर के बाद नहरों में छोड़ा जाएगा पानी
शारदा सहायक खंड-16 के एक्सईएन शरद कुमार ने बताया कि इस समय नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य किया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी 15 दिसंबर के बाद दोनों नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।
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जिले में सिंचाई का प्रमुख साधन नहर हैं। बल्दीराय, धनपतगंज, कूरेभार, जयसिंहपुर, मोतिगरपुर, कादीपुर, अखंडनगर व दोस्तपुर में सिंचाई खंड-16 के अंतर्गत नहर व माइनर का संचालन किया जा रहा है। कुड़वार क्षेत्र में सिंचाई खंड-49, दूबेपुर, धम्मौर, भदैंया, लंभुआ व पीपी कमैचा में सिंचाई खंड के अंतर्गत नहर व माइनर का संचालन हो रहा है। धान की कटाई चल रही है। अधिकांश किसानों ने धान की कटाई भी कर ली है। ऐसे में किसानों को धान के खेत में गेहूं की बोआई के लिए पानी की जरूरत है। पानी न मिलने से गेहूं, चना, मटर, बरसीम व सरसों आदि फसलों की बोआई प्रभावित है। किसानों की परेशानी पर विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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किसान कर रहे पानी का इंतजार
द्वारिकागंज (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के मिरदासपुर, भरथीपुर, भटपुरा, सुदनापुर, सोनारा, उमरी, कौडि़यावां, लोकेपुर, ऐनपुर, पूरे अनंतराम, सरैया, वैदहा, अलहदादपुर, रामचंद्रपुर, पलिया, बनमई व दर्जीपुर समेत दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान नहर के भरोसे खेती करते हैं। इस समय नहरों में पानी न होने से उनकी खेती का कार्य चौपट हो रहा है। चना, मटर, मसूर, आलू, लहसुन, सरसों व गेहूं आदि की बोआई का काम पिछड़ रहा है। खेतों में नमी नहीं होने से किसान दिन भर नहर में पानी आने का इंतजार करते हैं। अखिलेश कुमार सिंह, विमलेश, प्रकाश चंद्र उपाध्याय व सत्यदेव आदि किसानों का मानना है कि साधन संपन्न किसान निजी नलकूपों से सिंचाई करने के बाद बोआई कर लेते हैं। मंझोले व छोटे किसान पानी के लिए महंगे संसाधनों का प्रयोग करने में हिचकिचाते हैं।
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15 दिसंबर के बाद नहरों में छोड़ा जाएगा पानी
शारदा सहायक खंड-16 के एक्सईएन शरद कुमार ने बताया कि इस समय नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य किया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी 15 दिसंबर के बाद दोनों नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।