{"_id":"61be1d7f8b3d0a7f0376d283","slug":"used-to-loot-for-fun-four-accused-arrested-sultanpur-news-lko609459731","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौज-मस्ती के लिए करते थे लूटपाट, चार आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौज-मस्ती के लिए करते थे लूटपाट, चार आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
8. कोतवाली देहात में लूटी गई कार बरामद व गिरफ्तार बदमाश।
- फोटो : SULTANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। लखनऊ से बुकिंग के बाद लूटी गई कार को पुलिस ने शनिवार को बरामद करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए युवक ऐशो आराम की जिंदगी जीने के लिए लूट की घटनाएं करते थे। आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त पिस्टल और तमंचा बरामद किया है।
अयोध्या जिले के खंडासा थाना क्षेत्र के कुटिया गांव निवासी पवन कुमार मिश्र ने अपनी कार लखनऊ में एक कैब से संबद्ध कराई थी। वे खुद ही कार को चलाते थे। छह दिसंबर की रात चार युवकों ने लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहे से कैब से पवन की कार को बुक कराया था। कार को बुक कराने के बाद चारों युवकों ने हैदरगढ़ के टोल प्लाजा को पार करने के बाद असलहे के बल पर कार लूट ली थी और पवन को मरणासन्न कर सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज के पास हाईवे किनारे फेंककर फरार हो गए थे। एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने घटना को गंभीरता से लेते हुए एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव को खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी थी।
एएसपी ने सीओ लंभुआ सतीश चंद्र शुक्ल के नेतृत्व में स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली देहात थानाध्यक्ष की टीम गठित की थी। सर्विलांस के जरिए स्वाट टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक अकरम खां को पता चला कि कार लूटने वाले लोग लूटी गई कार के साथ नेकराही के पास पहुंचने वाले हैं। सर्विलांस टीम से मिली सूचना के आधार पर स्वाट टीम प्रभारी और कोतवाली देहात थानाध्यक्ष गौरीशंकर पाल ने नेकराही के पास घेराबंदी कर दी। इस दौरान कार वहां पहुंची जिसे पुलिस ने रोकने का इशारा किया तो कार पर सवार लोग नेकराही गेट की ओर कार मोड़कर भागने लगे।
विज्ञापन
पुलिस ने पीछा करके कार के साथ ही उस पर सवार चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों की पहचान रूद्र प्रताप सिंह उर्फ अश्विनी, मंगल सिंह निवासी मड़ना पूरा बाजार, रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा निवासी जोगा नारा, विपिन सिंह उर्फ चिंपाजी निवासी नारा थाना महराजगंज जिला अयोध्या के रूप में की गई। आरोपियों के पास से एक पिस्टल, तमंचा और कारतूस बरामद किया गया। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पढ़े-लिखे हैं और संपन्न परिवार से हैं। आरोपी लूट की घटनाएं सिर्फ ऐशो आराम की जिंदगी जीने के लिए करते थे।
विज्ञापन
अयोध्या जिले के खंडासा थाना क्षेत्र के कुटिया गांव निवासी पवन कुमार मिश्र ने अपनी कार लखनऊ में एक कैब से संबद्ध कराई थी। वे खुद ही कार को चलाते थे। छह दिसंबर की रात चार युवकों ने लखनऊ के पॉलीटेक्निक चौराहे से कैब से पवन की कार को बुक कराया था। कार को बुक कराने के बाद चारों युवकों ने हैदरगढ़ के टोल प्लाजा को पार करने के बाद असलहे के बल पर कार लूट ली थी और पवन को मरणासन्न कर सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के हनुमानगंज के पास हाईवे किनारे फेंककर फरार हो गए थे। एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने घटना को गंभीरता से लेते हुए एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव को खुलासे की जिम्मेदारी सौंपी थी।
विज्ञापन
एएसपी ने सीओ लंभुआ सतीश चंद्र शुक्ल के नेतृत्व में स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली देहात थानाध्यक्ष की टीम गठित की थी। सर्विलांस के जरिए स्वाट टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक अकरम खां को पता चला कि कार लूटने वाले लोग लूटी गई कार के साथ नेकराही के पास पहुंचने वाले हैं। सर्विलांस टीम से मिली सूचना के आधार पर स्वाट टीम प्रभारी और कोतवाली देहात थानाध्यक्ष गौरीशंकर पाल ने नेकराही के पास घेराबंदी कर दी। इस दौरान कार वहां पहुंची जिसे पुलिस ने रोकने का इशारा किया तो कार पर सवार लोग नेकराही गेट की ओर कार मोड़कर भागने लगे।
विज्ञापन
पुलिस ने पीछा करके कार के साथ ही उस पर सवार चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों की पहचान रूद्र प्रताप सिंह उर्फ अश्विनी, मंगल सिंह निवासी मड़ना पूरा बाजार, रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा निवासी जोगा नारा, विपिन सिंह उर्फ चिंपाजी निवासी नारा थाना महराजगंज जिला अयोध्या के रूप में की गई। आरोपियों के पास से एक पिस्टल, तमंचा और कारतूस बरामद किया गया। एएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पढ़े-लिखे हैं और संपन्न परिवार से हैं। आरोपी लूट की घटनाएं सिर्फ ऐशो आराम की जिंदगी जीने के लिए करते थे।