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युवती को जिंदा जलाने के दो आरोपियों को नहीं मिली जमानत
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सुल्तानपुर। युवती को जिंदा जलाने के चर्चित मामले में जेल में निरुद्घ दो आरोपियों को कोर्ट से जमानत नहीं मिल पाई है। जिला जज संतोष राय ने अपराध गंभीर मानते हुए शनिवार को दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। मामले में नामजद दो आरोपी अभी भी फरार हैं। मामला बल्दीराय थाने के टड़रसा मजरे ऐंजर से जुड़ा है।
गांव निवासी प्रदीप सिंह की गांव के ही जगबरन यादव से रंजिश चल रही है। 21 सितंबर 2020 को प्रदीप सिंह की पुत्री श्रद्धा सिंह हैंडपंप पर पानी भर रही थी। तभी वहां पहुंचे आरोपी जगबरन यादव पड़ोस के गांव परसौली मजरे ऐंजर निवासी सुभाष सिंह चौहान, जयकरन चौहान व महंथ के साथ पहुंचा और श्रद्धा को पकड़कर उसके हाथ-पैर व मुंह बांध दिया।
इसके बाद आरोपियों ने श्रद्धा पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी थी। गंभीर रूप से झुलसी श्रद्धा को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने हालत नाजुक देख उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया था। उसी दिन देर शाम इलाज के दौरान श्रद्धा की मौत हो गई थी।
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पुलिस ने मृतका की मां अर्चना सिंह की तहरीर पर आरोपी जगबरन यादव, सुभाष सिंह चौहान, जयकरन चौहान व महंथ के खिलाफ हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
आरोपी सुभाष सिंह चौहान व जयकरन चौहान पिछले दिनों से जेल में निरुद्घ हैं, जबकि आरोपी जगबरन यादव व महंथ अभी भी फरार चल रहे हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अधिवक्ता शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि आरोपियों ने दिनदहाड़े युवती को जिंदा जलाकर गंभीर अपराध किया है।
जिला जज संतोष राय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपराध गंभीर मानते हुए आरोपियों सुभाष सिंह चौहान व जयकरन चौहान की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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गांव निवासी प्रदीप सिंह की गांव के ही जगबरन यादव से रंजिश चल रही है। 21 सितंबर 2020 को प्रदीप सिंह की पुत्री श्रद्धा सिंह हैंडपंप पर पानी भर रही थी। तभी वहां पहुंचे आरोपी जगबरन यादव पड़ोस के गांव परसौली मजरे ऐंजर निवासी सुभाष सिंह चौहान, जयकरन चौहान व महंथ के साथ पहुंचा और श्रद्धा को पकड़कर उसके हाथ-पैर व मुंह बांध दिया।
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इसके बाद आरोपियों ने श्रद्धा पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी थी। गंभीर रूप से झुलसी श्रद्धा को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने हालत नाजुक देख उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया था। उसी दिन देर शाम इलाज के दौरान श्रद्धा की मौत हो गई थी।
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पुलिस ने मृतका की मां अर्चना सिंह की तहरीर पर आरोपी जगबरन यादव, सुभाष सिंह चौहान, जयकरन चौहान व महंथ के खिलाफ हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
आरोपी सुभाष सिंह चौहान व जयकरन चौहान पिछले दिनों से जेल में निरुद्घ हैं, जबकि आरोपी जगबरन यादव व महंथ अभी भी फरार चल रहे हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से जमानत अर्जी का विरोध करते हुए अधिवक्ता शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि आरोपियों ने दिनदहाड़े युवती को जिंदा जलाकर गंभीर अपराध किया है।
जिला जज संतोष राय ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपराध गंभीर मानते हुए आरोपियों सुभाष सिंह चौहान व जयकरन चौहान की जमानत अर्जी खारिज कर दी।