{"_id":"5efe16228ebc3e431171a144","slug":"tree-sultanpur-news-lko528845626","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों ने उठाया पर्यावरण व जल संरक्षण का बीड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों ने उठाया पर्यावरण व जल संरक्षण का बीड़ा
विज्ञापन
7. धनपतगंज में पौधरोपण करते लोग।
- फोटो : SULTANPUR
धनपतगंज (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के समरथपुर के ग्रामीणों का प्रयास दिखने लगा है। ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के साथ ही जल संचयन में सुधार का उठाया है। इसके तहत प्रवासी श्रमिकों के सहयोग से तालाब का निर्माण कराया गया। साथ ही प्रत्येक ग्रामीण ने पांच पौधे रोपित करने का संकल्प लिया है। यही वजह है कि पिछले दिनों समरथपुर गांव को शासन-प्रशासन की ओर से जलगांव घोषित किया गया। जलगांव घोषित होने के बाद से ग्रामीणों का उत्साह और बढ़ गया है।
समरथपुर निवासी राजेश तिवारी युवाओं और बुजुर्गों के साथ लेकर पर्यावरण संरक्षण की मुहिम तेज कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में पर्यावरण सुधार के लिए 2,000 पौधों के सापेक्ष अब तक 700 पौधे रोपित किए जा चुके हैं। उधर, ग्राम पंचायत भी पौधरोपण का कार्य तेज गति से करा रही है। गांव वाले भी इस कार्य के लिए सहयोग में हैं। ग्रामीणों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया है। गांव के लोगों की मेहनत का नतीजा रहा कि पिछले दिनों समरथपुर गांव को शासन की ओर से जलगांव घोषित किया गया। जलगांव घोषित होने के बाद प्रवासी श्रमिकों ने तालाबों का निर्माण किया और उसमें पानी भरवाया गया। जबरगंज देवस्थान पर जल संचयन के लिए कराए गए पक्के तालाब का निर्माण और उसमें लगा फव्वारा आकर्षण का केंद्र बना है। ग्राम पंचायत मे कुल पांच तालाब का निर्माण कराया गया है। पर्यावरण संरक्षण व जल संचयन को लेकर ग्रामीणों की जागरूकता व कर्तव्य एक मिसाल पेश कर रहे हैं।
प्रत्येक ग्रामीण रोपित करेंगे पांच पौधे ग्राम प्रधान रानी तिवारी ने बताया कि भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जल संचयन बहुत जरूरी है। सरकार इसका प्रयास कर ही रही है। इसकी सफलता के लिए जन सहभागिता बहुत जरूरी है। ग्राम पंचायत के प्रत्येक व्यक्ति ने व्यक्तिगत प्रयास से पांच पौध रोपित करने का संकल्प लेकर पर्यावरण संरक्षण का काम शुरू कर दि
विज्ञापन
विज्ञापन
समरथपुर निवासी राजेश तिवारी युवाओं और बुजुर्गों के साथ लेकर पर्यावरण संरक्षण की मुहिम तेज कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में पर्यावरण सुधार के लिए 2,000 पौधों के सापेक्ष अब तक 700 पौधे रोपित किए जा चुके हैं। उधर, ग्राम पंचायत भी पौधरोपण का कार्य तेज गति से करा रही है। गांव वाले भी इस कार्य के लिए सहयोग में हैं। ग्रामीणों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया है। गांव के लोगों की मेहनत का नतीजा रहा कि पिछले दिनों समरथपुर गांव को शासन की ओर से जलगांव घोषित किया गया। जलगांव घोषित होने के बाद प्रवासी श्रमिकों ने तालाबों का निर्माण किया और उसमें पानी भरवाया गया। जबरगंज देवस्थान पर जल संचयन के लिए कराए गए पक्के तालाब का निर्माण और उसमें लगा फव्वारा आकर्षण का केंद्र बना है। ग्राम पंचायत मे कुल पांच तालाब का निर्माण कराया गया है। पर्यावरण संरक्षण व जल संचयन को लेकर ग्रामीणों की जागरूकता व कर्तव्य एक मिसाल पेश कर रहे हैं।
विज्ञापन
प्रत्येक ग्रामीण रोपित करेंगे पांच पौधे ग्राम प्रधान रानी तिवारी ने बताया कि भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जल संचयन बहुत जरूरी है। सरकार इसका प्रयास कर ही रही है। इसकी सफलता के लिए जन सहभागिता बहुत जरूरी है। ग्राम पंचायत के प्रत्येक व्यक्ति ने व्यक्तिगत प्रयास से पांच पौध रोपित करने का संकल्प लेकर पर्यावरण संरक्षण का काम शुरू कर दि
विज्ञापन