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सब्सिडी-जमीन हड़पने के बाद जड़ा फैक्ट्री में ताला
अमर उजाला ब्यूरो/सुल्तानपुर
Updated Wed, 26 Aug 2015 11:02 PM IST
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गौरीगंज। राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में गौरीगंज के रामगंज कौहार में सम्राट साइकिल की स्थापना करने वाले जैन बंधुओं की नीयत शुरू से ही इसके संचालन को लेकर साफ नहीं थी। जैन बंधु किसी भी तरह फैक्ट्री को मिलने वाली सब्सिडी और जमीन हड़पना चाहते थे। अपने मकसद में कामयाब होने के बाद फैक्ट्री में ताला बंद कर पलायन कर गए।
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1986 में गौरीगंज के रामगंज कौहार में सम्राट साइकिल की फैक्ट्री लगाने वाले जैन बंधुओं की निगाह शुरू से सब्सिडी और जमीन पर थी। जानकार बताते हैं कि फैक्ट्री में मशीनें पुरानी लगाई गई थीं। कंपनी छोटे-छोटे कारोबारियों से टायर, रिम, सीट व अन्य कल-पुर्जे ठेके पर लेती थी। फैक्ट्री में उसे असेंबल कर साइकिल तैयार की जाती थी। दिखाने के लिए फैक्ट्री संचालक साइकिलों को रोजाना ट्रक पर लादकर बाहर भेजते थे।
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शाम को लदे ट्रक फिर फैक्ट्री में लौट आते थे। इसके पीछे फैक्ट्री संचालकों की यह सोच थी कि प्रशासन से लेकर कारोबरियों तक में अच्छा मैसेज जाए। यह कार्य करीब पांच सालों तक चला। सब्सिडी और जमीन हड़पने के बाद जैन बंधु फैक्ट्री बंद कर चले गए।
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