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Sultanpur News: लखनऊ में संचालित हैं एआईपीएस की तीन शाखाएं
Thu, 02 Oct 2025 12:09 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Thu, 02 Oct 2025 12:09 AM IST
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अमेठी। अमेठी इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल एंड साइंसेज (एआईपीएस) का फर्जीवाड़ा लगातार गहराता जा रहा है। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि संस्थान ने लखनऊ में अमरावती अर्जुनगंज, गोल्फ सिटी और अटल हजरतगंज सहित कई जिलों में शाखाएं खोल रखी हैं। नाम अलग-अलग रखे गए हैं, लेकिन संचालन एआईपीएस की तरह ही किया जा रहा है। फर्जी डिग्री के इस खेल में न केवल अमेठी, बल्कि अन्य जिलों के विद्यार्थियों का भी शोषण हो रहा है।
छात्र विपिन, अशोक और शिवम ने बताया कि फर्जीवाड़ा के आरोपी आयुष तिवारी, आजम रेहान खान और दिलीप समेत कई लोग मिलकर इन शाखाओं को चला रहे हैं। अब तक तीन आरोपी ही जेल भेजे गए हैं। इनमें से आयुष तिवारी पर पहले से सुल्तानपुर, उन्नाव, कानपुर और लखनऊ में चार केस दर्ज हैं। अमेठी में पांचवां मुकदमा दर्ज हुआ और हाल ही में देवरिया में भी धोखाधड़ी का नया मामला सामने आया।
विद्यार्थियों का कहना है कि आयुष अलग-अलग पते दर्ज कर नए नामों से इस तरह के संस्थानों का संचालन करता आ रहा है। आरोपी आजम खान पर भी पहले से दो धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि जैसे ही विवाद गहराता है, संस्थान का नाम बदलकर नई शाखा खोल दी जाती है। अमरावती और अटल हजरतगंज की शाखा में भी इसी तरह काम हो रहा है, जैसे एआईपीएस में।
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छात्राओं ने जताई पीड़ा
छात्रा मुस्कान, शिवानी और नेहा ने कहा कि उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो गया। प्रशासन केवल जांच का हवाला दे रहा है, जबकि ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई। उनका कहना है कि इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं है। पीड़ित विद्यार्थियों का कहना है कि उनकी डिग्री अधूरी रह गई है और आगे की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। कॅरिअर अधर में लटक गया है। बार-बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें फौरी राहत नहीं मिली है।
जल्द होगी कार्रवाई
पैरामेडिकल कोर्स के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले एआईपीएस पर कार्रवाई चल रही है। अन्य संस्थानों की भी जांच चल रही है, जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। जल्द ही ठोस कार्रवाई होगी।
- डाॅ. अंशुमान सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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छात्र विपिन, अशोक और शिवम ने बताया कि फर्जीवाड़ा के आरोपी आयुष तिवारी, आजम रेहान खान और दिलीप समेत कई लोग मिलकर इन शाखाओं को चला रहे हैं। अब तक तीन आरोपी ही जेल भेजे गए हैं। इनमें से आयुष तिवारी पर पहले से सुल्तानपुर, उन्नाव, कानपुर और लखनऊ में चार केस दर्ज हैं। अमेठी में पांचवां मुकदमा दर्ज हुआ और हाल ही में देवरिया में भी धोखाधड़ी का नया मामला सामने आया।
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विद्यार्थियों का कहना है कि आयुष अलग-अलग पते दर्ज कर नए नामों से इस तरह के संस्थानों का संचालन करता आ रहा है। आरोपी आजम खान पर भी पहले से दो धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि जैसे ही विवाद गहराता है, संस्थान का नाम बदलकर नई शाखा खोल दी जाती है। अमरावती और अटल हजरतगंज की शाखा में भी इसी तरह काम हो रहा है, जैसे एआईपीएस में।
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छात्राओं ने जताई पीड़ा
छात्रा मुस्कान, शिवानी और नेहा ने कहा कि उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद हो गया। प्रशासन केवल जांच का हवाला दे रहा है, जबकि ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई। उनका कहना है कि इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं है। पीड़ित विद्यार्थियों का कहना है कि उनकी डिग्री अधूरी रह गई है और आगे की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। कॅरिअर अधर में लटक गया है। बार-बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें फौरी राहत नहीं मिली है।
जल्द होगी कार्रवाई
पैरामेडिकल कोर्स के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले एआईपीएस पर कार्रवाई चल रही है। अन्य संस्थानों की भी जांच चल रही है, जो बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। जल्द ही ठोस कार्रवाई होगी।
- डाॅ. अंशुमान सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी