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Sultanpur News: बारिश से सूख रही धान की फसलों में आई हरियाली

Sat, 28 Sep 2024 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Sat, 28 Sep 2024 01:34 AM IST
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The rain brought greenery to the dried paddy crops
बल्दीराय के पिपरी गांव में बारिश से गिरी धान की फसल। -संवाद
खेतों में गिरी धान, सब्जी व गन्ना की फसल को हुआ मामूली नुकसानआलू, सब्जी व अन्य फसलों की खेती करने में मिलेगी सुविधा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुल्तानपुर। करीब एक माह से बरसात नहीं होने से धान की फसल बचाने को लेकर किसान परेशान थे। कुछ किसानों ने फसल सूखने न पाए, इसके लिए हल्की सिंचाई भी कर डाली थी। बृहस्पतिवार पूरी रात और शुक्रवार को पूरा दिन बारिश होने से सूख रही धान की फसलों में हरियाली आ गई। इससे सैकड़ों किसानों को फायदा हुआ है। वहीं खेतों में फसलों के गिरने से आंशिक नुकसान पहुंचा है। इस बारिश से किसानों को अगेती फसल की खेती करने में सहूलियत मिलेगी।
सितंबर के शुरुआती दिनों में बारिश नहीं होने से फसलों के सूखने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। खेतों में नमी गायब होने की वजह से किसान फसल बचाने के लिए सिंचाई शुरू कर दिए थे। पिछले तीन दिनों से आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में धूप निकल आने से किसानों को कुछ उम्मीद जगी थी कि बारिश हो सकती है। किसानों का यह सपना बृहस्पतिवार रात साढ़े आठ बजे के करीब पूरा हो गया। बारिश का यह सिलसिला जब शुरू हुआ तो शुक्रवार को भी नहीं रुका। रिमझिम तो कभी तेज बारिश का दौर दिन भर जारी रहा।
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किसानों ने बारिश का बताया फायदा-नुकसान
जिले भर में हुई बारिश से अधिकांश किसान खुश हैं तो कुछ दुखी भी हैं। जिन किसानोें की धान और गन्ने की फसलें गिरी हैं, उन्हें मामूली नुकसान हुआ है। किसान वीरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि बारिश से उनकी पांच बीघे गन्ने की फसल गिर गई है। सुरेश वर्मा ने कहा कि जिन किसानों की धान की फसलों में बालियां नहीं आई है, उन्हें बहुत ही लाभ है। यदि सब्जी, दलहन और तिलहन के खेतों में भरे पानी की निकासी नहीं हुई तो फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ जाएगा। किसान भगवत प्रसाद चतुर्वेदी और राम प्यारे वर्मा ने कहा कि वे धान की सिंचाई करने की सोच ही रहे थे कि भगवान मेहरबान हो गए। बारिश होने से करीब 10 हजार रुपये की बचत हुई है।
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अगेती खेती करने के लिए फायदेमंद बारिश
कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीके त्रिपाठी ने बताया कि सही समय पर बारिश हुई है। फसलों पर इसका काफी अच्छा प्रभाव पड़ेगा। धान की बाली लगी जो फसलें खेतों में गिरी हैं, उनमें 10 फीसदी का नुकसान हो सकता है। अब ज्यादातर किसान सब्जियों की खेती मचान बनाकर ही करते हैं। पानी की निकासी होने पर सब्जियों की फसलों को कोई नुकसान नहीं होगा। इसके अलावा अगेती आलू, सब्जी समेत अन्य फसलों की खेती करने में किसानों को सहूलियत मिलेगी।


आज भी बारिश के आसार
कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.0 और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस रहा। जिले में 234.4 मिमी. वर्षा रिकॉर्ड की गई। शनिवार को भी गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
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