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Sultanpur News: लिफ्ट खराब, सीढ़ी पर हांफ रहे मरीज व तीमारदार
Sat, 06 Dec 2025 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Sat, 06 Dec 2025 11:56 PM IST
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महिला अस्पताल की खराब लिफ्ट।
सुल्तानपुर। मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल की एक लिफ्ट काफी दिनों से खराब है। शनिवार को दूसरी लिफ्ट भी खराब होने से यह व्यवस्था और चौपट हो गई। मरीज और तीमारदार सीढ़ी के सहारे वार्डों में आ-जा रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी सिजेरियन प्रसव वाली महिलाओं को हो रही है।
मेडिकल कॉलेज के पांच मंजिला महिला अस्पताल के डी ब्लॉक में महिलाएं इलाज व प्रसव के लिए आती हैं। इसी ब्लॉक में भर्ती वार्ड व 14 बेड क्षमता का एसएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) है। अस्पताल में प्रतिदिन 35 से 40 सामान्य व सिजेरियन प्रसव होते हैं। बच्चों का इलाज कराने व जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भी लोगों का आवागमन महिला अस्पताल में बना रहता है।
अस्पताल की तीसरी मंजिल पर एसएनसीयू व पीडियाट्रिक, प्राइवेट व चौथे पर पोस्ट डिलीवरी वार्ड, मेडिकल रिकार्ड रूम व जनपदीय इंटीग्रेटेड लैब, जबकि पांचवीं मंजिल पर जन्म प्रमाण पत्र कार्यालय, वरिष्ठ लिपिक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व अस्पताल प्रबंधक कक्ष है।
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लिफ्ट की जगह लोगों को सीढ़ियों के सहारे ऊपरी मंजिल पर पहुंचना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित कंपनी को सूचना दी गई हैं, जल्दी ही लिफ्ट संचालित होने लगेंगी।
आने-जाने में फूलने लगी सांस
संदीप तिवारी ने बताया कि बच्चे का प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पांचवें तल पर तीन बार आना-जाना पड़ा। लिफ्ट खराब होने से सीढ़ी के सहारे जाने में सांस फूलने लगी। प्रमोद जायसवाल ने बताया कि एक भर्ती मरीज को देखने जाना था। स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है। लिफ्ट खराब होने पर मजबूरी में सीढ़ी का सहारा लेना पड़ा।
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मेडिकल कॉलेज के पांच मंजिला महिला अस्पताल के डी ब्लॉक में महिलाएं इलाज व प्रसव के लिए आती हैं। इसी ब्लॉक में भर्ती वार्ड व 14 बेड क्षमता का एसएनसीयू (नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) है। अस्पताल में प्रतिदिन 35 से 40 सामान्य व सिजेरियन प्रसव होते हैं। बच्चों का इलाज कराने व जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भी लोगों का आवागमन महिला अस्पताल में बना रहता है।
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अस्पताल की तीसरी मंजिल पर एसएनसीयू व पीडियाट्रिक, प्राइवेट व चौथे पर पोस्ट डिलीवरी वार्ड, मेडिकल रिकार्ड रूम व जनपदीय इंटीग्रेटेड लैब, जबकि पांचवीं मंजिल पर जन्म प्रमाण पत्र कार्यालय, वरिष्ठ लिपिक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व अस्पताल प्रबंधक कक्ष है।
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लिफ्ट की जगह लोगों को सीढ़ियों के सहारे ऊपरी मंजिल पर पहुंचना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित कंपनी को सूचना दी गई हैं, जल्दी ही लिफ्ट संचालित होने लगेंगी।
आने-जाने में फूलने लगी सांस
संदीप तिवारी ने बताया कि बच्चे का प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पांचवें तल पर तीन बार आना-जाना पड़ा। लिफ्ट खराब होने से सीढ़ी के सहारे जाने में सांस फूलने लगी। प्रमोद जायसवाल ने बताया कि एक भर्ती मरीज को देखने जाना था। स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है। लिफ्ट खराब होने पर मजबूरी में सीढ़ी का सहारा लेना पड़ा।